शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2009

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा बिहार से खबरे


भागलपुर में गो ग्राम यात्रा का पारंपरिक स्वागत

भागलपुर, अक्तूबर २८ – विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा कुरुक्षेत्र से शुरू होकर समस्त उत्तरी राज्यों में होते हुए पिछले दो दिनों से बिहार में है । गो ग्राम यात्रा आज सुबह बिहार शरीफ से निकल कर बाडा, लखीसराय व मुंगेर होते हुए शाम भागलपुर पहुंची । इन सभी स्थानों पर आयोजित गो ग्राम यात्रा के कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर संतों द्वारा गोवंश की उपयोगिता को संमझते हुए गोसंवर्धन का संकल्प लिया ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के भागलपुर पहुंचने पर वहाँ के लोगों ने यात्रा का स्वागत पारंपरिक रूप से ढाक बजा कर तथा लोकगीत गाकर किया । ’गोमाता की जय’ घोश के साथ यात्रा क शहर के बीच से गुजरना सभी के आकर्षण का केन्द्र था । सभी क्षेत्रवासी यात्रा में शामिल रथ को देखने व माल्यार्पण करने को लालायित दिखें । भागलपुर में गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में भारी जनसैलाब देखने को मिला । हजारों की संख्या में लोगों ने केन्द्रीय यात्रा के साथ चल रहें संतो का आशीर्वचन प्राप्त कर गोसंरक्षण हेतु संकल्प किया ।
भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए गो ग्राम यात्रा के पूर्वी भारत के संयोजक भास्कर कुलकर्णी ने कहा कि आज भारत बीमार हो चुका है । सभी को किसी न किसी बीमारी ने अपने चपेट में लाखों अस्पताल चिकित्सक होने के बावजूद भी बिमारियों में कोई कमी नहीं है । इसका सबसे बडा कारण गो माता की उपेक्षा है । उन्होंने कहा कि आज देश में असुरक्षा, असमृद्धि, बेरोजगारी ने लोगों को चकडा रखा है, जिन के जिम्मेदार हम स्वयं है । पुरातन से ही जो गोवंश हमारी सुख समृद्धि का आधार रहा वह आज समाप्तप्राय की ओर है और हम उस गोवंश के संरक्षण के लिए बिल्कुल भी चिंतित नहीं । यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है ।
भास्कर ने कहा कि गोमाता हमारे लिए उपकारी धनवंतरी व समृद्धि की देवी है । इनकी उपेक्षा से ही आज हम अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि गाय की बिक्री गलत हाथों में न करके तथा उसकी उपयोगिता करके हम गोवंश का संरक्षण व संवर्धन कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि देश की समस्याओं के समाधान और विश्व के कल्याण हेतु देश के संतों द्वारा विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का आयोजन हुआ है । कार्यक्रम के अंत में अयोध्या से आए स्वामी नयनदास ने उपस्थित सभी गोभक्तों को गोपालन व संवर्धन का संकल्प दिलाया ।

गो ग्राम यात्रा का किषनगंज में अद्भुत स्वागत
किषनगंज, अक्तूबर २९ – विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा में बिहार के किषन गंज का स्वागत नए अध्याय के रूप में जुडा । विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के किषनगंज पहुंचने पर यहाँ पर उपस्थित वनवासी समाज के लोगों द्वारा यात्रा का अद्भुत स्वागत किया गया । गो ग्राम यात्रा सुबह भागलपुर से चलकर नवगछियाँ, कटिहार, पूर्णिया होते हुए शाम किषनगंज पहुंची । किषनगंज में गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दूर दराज गाँवों से आए वनवासी समाज के लोगों की उपस्थिति आकर्शण का केन्द्र रही । सभी वनवासी जाति से आए पुरुशों ने धनुश व तीर के साथ रैली के रूप में शक्ति प्रदर्शन करते हुए गोरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई ।
कार्यक्रम में केन्द्रीय गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए ये सभी वनवासी समाज के लोग एक दिन पह्ल ही कार्यक्रम स्थल पर आ चुके थे । वनवासी समाज की महिलाओं ने शंखनाद करते हुए पूर्णतः पारंपरिक रूप से किया ।
कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के राष्ट्रीय सचिव शंकरलाल ने कहा कि गाय किसी के लिए बोझ नहीं है, वह जन उपयोगी है । गाय के गोबर व गो मूत्र से १०८ प्रकार की बिमारियों का इलाज संभव है । उन्होंने देशी गाय की उपयोगिता व महत्वता बताते हुए लोगों से अपील की कि वे जर्सी गाय का उपयोग बंद कर देशी गाय को ही पालें ।
शंकरलाल ने वनवासी समाज का उत्साह पूर्वक यात्रा का स्वागत करने पर धन्यवाद देते हुए कहा कि गो वंश की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है । उन्होंने कहा कि आज वोट बैंक की राजनीति के कारण गोवंश बर्बाद हो रहा है, लेकिन यदि हम सभी गोवंश के लिए जागरुक होकर उसकी रक्षा का संकल्प करें तो सरकार भी हमारे आगे लाचार होगी और देश में गो हत्या पर प्रतिबन्ध अवश्य लगेगा ।
केन्द्रीय यात्रा के साथ चल रहे अयोध्या के राजर्शि रामनयनदास ने कहा कि बाजारवाद एवं भौतिकवाद के इस युग में गाय व ग्राम की रक्षा जरूरी है, क्योंकि ग्राम व गाय आम आदमी के लिए उपयोगी है । उन्होंने कहा कि गाय में सभी देवताओं का वास है । जबकि भारत की संस्कृति गाँव में बसती है, अतः गाँव की रक्षा व समृद्धि के लिए गोपालन से बढकर कुछ भी नहीं हो सकता ।
कार्यक्रम को आए हजारों की संख्या में गोभक्तों ने उपस्थित संतों का आशीर्वचन लेते हुए गोसंवर्धन का संकल्प लिया ।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित