रविवार, 3 जनवरी 2016

       विद्यार्थी परिषद् की मान्यता -”छात्र कल का ही नहीं अपितु आज का भी नागरिक - श्री सुनील अम्बेकर जी जोधपुर के हेमन्त घोष को पुनःप्रदेषाध्यक्ष

जोधपुर के हेमन्त घोष पुनःप्रदेषाध्यक्ष

विद्यार्थी परिषद् की मान्यता ”छात्र कल का ही नहीं अपितु आज का भी नागरिक है - श्री सुनील अम्बेकर जी









जोधपुर 29 दिसम्बर.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्,राजस्थान का 51वांॅ प्रदेश अधिवेशन 29-31 दिसम्बर 2015 तक लालसागर स्थित श्री हनुवन्त आदर्श विद्या मन्दिर में संपन हुआ। इस अधिवेशन के नगर का नाम वीर दुर्गादास नगर तथा सभागार का नाम परमवीर चक्र विजेता मैजर शैतान सिंह रखा गया था । जोधपुर को 19 वर्ष बाद राजस्थान की छात्र युवा शक्ति का आतिथ्यि स्वागत करने का मौका मिला।

इस अधिवेशन मे एक प्रदर्शनी का उदघाटन भी हुआ इस  प्रदर्शनी का नाम शहीद अमृतादेवी रखा गया इस प्रदर्शनी का उदघाटन  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक माननीय श्री नन्दलाल जी ने किया। प्रदर्शनी की थीम नशा मुक्त पर्यावरण युक्त पर आधारित थी इस प्रदर्शनी में परिषद् के वर्ष भर के रचनातमक व् आंदोलात्मक कार्यक्रमों का चित्रण था। इस अधिवेशन की थीम ‘‘मेरा स्वप्न-समर्थ भारत‘‘ थी

प्रस्ताविक सत्र में निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष हेमंत घोष व् प्रदेश मंत्री श्री राजेश गुर्जर ने वर्ष भर की गतिविधियों का मंत्री प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन में निम्न बाते कही

1.     अपनी सतत देशव्यापी गतिविधियों से वातावरण तैयार करते हुए लाखों छात्रों को देश - समाज के लिए सोचने व कुछ करने का अवसर प्रदान किया है।

2.     शिक्षा के व्यापारीकरण (commercialisation) को रोकने हेतु सतत संघर्ष- शुल्क व प्रवेष प्रक्रिया में हो रही धाँधली से हजारों छात्रों को न्याय दिलाया अगर इतना मजबूत संघर्ष न होता, तो सरकार सारे विश्वविद्यालय व महाविद्यालय निजी हाथों में ही  सौप देती ।

3.     वैश्वीकरण के पश्चात भारत में आए पश्चिमीकरण के प्रभाव स्वरूप महाविद्यालयों में क्ंलष्े ;टंसमदजपदमद्ध इत्यादी थ्ंेीपवद ैीवूे आदि का तुफान रोका भी व अपनी लोकप्रियता भी कायम रखी।

4.     महाविद्यालयों में पढ़ाई के अतिरिक्त विभिन्न गतिविधियों द्वारा परिसर की संस्कृति को सही दिशा में ले जाने का प्रयास।

5.     आरक्षण जैसे मुद्दे पर ठोस भूमिका, छात्रों के परस्पर संघर्ष रोकने में सफलता। संकीर्ण आधार पर कई छात्र संगठन खड़े करने के प्रयास, परंतु विद्यार्थी परिषद ही प्रभावी संगठन बने रहने में सफल रहा।

6.     छात्रों में राष्ट्रीय मुद्दों पर जागृति जैसे जम्मू-कश्मीर समस्या, घुसपैठ, नक्सलवाद आदि।

7.     परिषद की परिसरों में उपस्थिति अर्थात् रैगिंग, गुंडागर्दी, छात्राओं से छेड़छाड, नशाखोरी तथा प्रशाशन की तानाषाही से मुक्ति।

8.     अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य गरीब छात्रों की समस्याओं पर संघर्ष, ऐसे छात्रावासों में नक्सलियों के प्रभाव को काफी हद तक रोका।

9.     ैम्स्थ् दृ पूर्वोत्तर व देश के अन्य हिस्सों में सांस्कृतिक एकता का अनुभव, हजारों छात्रों को प्रभावित किया।

10.    महाविद्यालय स्तर की समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय षिक्षा नीति-निर्धारणमें ठोस मुद्दों के साथ भूमिका एवं संघर्ष। ऐसे मुद्दों पर हजारों की संख्या में बड़ी-बड़ी रैलियाॅ-विद्यार्थी परिषद एक जनसंगठन के रूप में उभरा।

11.    विभिन्न आंदोलनों के परिणाम स्वरूप आम छात्रों में अन्याय के विरूद्व तथा देशहित में संघर्ष की प्रवृति को बढावा मिला है।

12.    शिक्षा के भारतीयकरण की प्रक्रिया को विभिन्न आंदोलनों तथा बौद्विक बहस के कार्यक्रमों द्वारा गति मिली है।

13.    महाविद्यालय से लेकर अखिल भारतीय स्तर पर छात्राओं को व्यापक सहभाग एवं नेतृत्व का अवसर प्रदान किया तथा सतत रूप से महिला सम्मान, सुरक्षा तथा कन्या-भ्रूण हत्या जैसे मुद्दों पर संघर्ष का माहौल तैयार किया।

 प्रस्ताविक सत्र के बाद ध्वजारोहण रहा। चुनाव सत्र में चुनाव अधिकारी श्री सुनिल चतुर्वेदी ने चुनाव प्रक्रिया में जोधपुर के हेमन्त घोष को पुनःप्रदेषाध्यक्ष व झालावाड़ के संदीप क्षोत्रिय को निर्विरोध प्रदेष मन्त्री घोषित किया। चुनाव के पश्चात नवनिर्वाचित प्रदेष अध्यक्ष व प्रदेष मन्त्री ने दायित्व के लिये अपने विचार रखे।

शाम को उद्घाटन समारोह हुआ इस उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता श्री सुनील अम्बेकर जी ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए बताया की गीता व् योग को दुनिया भर के विश्वविद्यालयो में पढाया जा रहा है परन्तु दुर्भाग्य की बात है की हमारे देश में इसे सांप्रदायिक करार दिया जाता जाता यह चिंता का विषय है साथ ही उन्होंने कहा की परिषद राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के व्यापक संदर्भ में षिक्षा क्षेत्र की पुनर्रचना का कार्य करने का लक्ष्य सामने रखकर अखिल भारतीय छात्र संगठन के रूप में कार्य प्रांरभ किया। षिक्षा परिवार की सामूहिक अन्तर्निहित शक्ति में विष्वास रखकर रचनात्मक कार्यो में छात्रों के कर्तव्य का संयोजन करने वाला एवं दलगत राजनीति से ऊपर रहकर रचनात्मक दृष्टिकोण से सभी विषयों को देखने वाला यह छात्र संगठन छात्रों के सम्मुख देष को सर्वोपरि रखने का पक्षधर है। विद्यार्थी परिषद ने विगत कई वर्षो से अपने सारे कार्यक्रम, आंदोलन, मांगो एवं सभी प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों  का संचालन निरंतर इसी दिशा में जारी रखा है। जिसके परिणाम स्वरूप ”अभाविप-एक आंदोलन देश के लिए“ के रूप में सक्रिय होकर छात्र समुदाय को जीवन के प्रति लक्ष्य  देने का कार्य कर रही है।

       विद्यार्थी परिषद् की मान्यता है, ”छात्र कल का ही नहीं अपितु आज का भी नागरिक है।“ वह केवल शैक्षिक जगत् का घटक ही नहीं वरन् देष का एक जिम्मेदार नागरिक भी है। उसने सबका आह्वान किया कि छात्रषक्ति को उपद्रवी शक्ति ना मानें, यह राष्ट्रषक्ति है।

       ”शिक्षा जीवन के लिए - जीवन वतन के लिए“ यह सोच आम छात्र की बने, इस हेतु विद्यार्थी परिषद समग्र शिक्षा परिवर्तन के लिए 1949 से अनवरत सक्रिय है। शिक्षा जो विद्यार्थियों को केवल कैरियर ही नहीं बल्कि सामान्य देशवाशियो के लिए कुछ करने का संकल्प भी देगी, ऐसी शिक्षा की हमारे लिए आवश्यकता है। देश में उत्पन्न विभिन्न चुनौतियों को लेकर संपूर्ण समाज में जागरण एवं छात्रशक्ति को ऐसे मूद्दों पर आंदोलित करने जैसी अन्य गतिविधियाॅ विद्यार्थी परिषद् के नित्य कार्य का अंग है।

 उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति श्री कैलाश सोढानी ने कहा की संस्कार से ही सद्भाव का निर्माण संभव है  समारोह की अध्यक्षता कर रहे जोधपुर के महापौर घनश्याम ओझा ने कहा की संस्कारो की भूमि भारत से ही विश्व के युवाओ को मार्गदर्शन मिलेंगा परिषद् के प्रदेशा अध्यक्ष श्री हेमंत घोष ने कहा की केवल चुनाव लड़ना ही परिषद् का उद्देश्य नहीं है बल्कि राष्ट्रीय चरित्र से प्रेरित युवाओ को तैयार करना।

अधिवेशन के दुसरे दिन प्रथम सत्र जिज्ञाशा समाधान सत्र हुआ जिसमे सभी कार्यकर्ताओ ने भाग लिया परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री श्रीनिवास जी ने उनकी जिज्ञासा का समाधान किया ।

शाम को यात्रा निकाली गई इस शोभायात्रा में दिखी संस्कृति की झलक दिखी यात्रा गांधी मैदान से बी रोड़,गोल बिल्डिंग,जालोरी गेट,जालप मोहल्ला,खाण्डा फलसा,आडा बाजार,सर्राफा बाजार होते हुए घण्टाघर पंहुची। शोभा यात्रा के साथ विवेकानंदए रानी लक्ष्मी भाईए महाराणा प्रतापए शिवाजी आदि की झाकिया आकर्षण का केंद्र रही यह जहां खुले मंच का आयोजन किया गया।शोभायात्रा के दोरान अलग अलग सम्भाग के छात्र छात्राओं में अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से आलादित कर दिया।

नारों से गूंजी सूर्य नगरी-

ढोल नगाड़ों की थाप पर और जोरदार नारों की जुगलबन्दी में पूरे शहर को गुंजयीमान कर दिया। शोभायात्रा में स्वामी विवेकानन्दजी के रूप में सृजित छात्रों, लोक गीत गाती एवं परम्परागत वस्त्रों से सजी छात्राओं ने माहौल में समा बान्ध दिया।  सैकड़ों झण्डों और जगह जगह हो रहे स्वागत के बीच डेढ किलोमीटर लम्बी शोभायात्रा थी। पगड़ी में सजे नारे लगाते युवा लोगों के आकषर्ण का केन्द्र बने रहे।

पश्चात खुले मन्च में मुख्य वक्ता के तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की राष्टीय मन्त्री मोनिका चैधरी उपस्थित थी। उनके साथ मंच पर प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त घोष, प्रदेश मन्त्री संदीप सोत्रिय, जेएनवीयू जोधपुर छात्रसंघ अध्यक्ष आनन्दसिंह राठौड़, उदयपुर छात्रसंघ अध्यक्ष सोनू अहारी, जेएनवीयू जोधपुर महासचिव निकिता गहलोत, , एस के कालेज सीकर के छात्रसंघ महासविच मोहन गुर्जर, भरतपुर के छात्र नेता नरेन्द्रसिंह, जयपर के छात्रनेता आदित्य सिंह झाझेड़ं, बारां की छात्रसंघ अध्यक्ष दर्शाना, अलवर की छात्रा आशा यादव उपस्थित थे।

खुले मन्च में मुख्य वक्ता चैधरी ने महिला सुरक्षा के विषय पर एबीवीपी के द्वारा किये गये आन्दोलन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सभी छात्र संगठनों में से सिर्फ एबीवीपी ने ही दिल्ली में हुए निर्भया काण्ड पर विरोध प्रदर्शन किया था। खुले मन्च पर अध्यक्ष आनन्द सिंह ने विश्वविद्यालय में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले के विरुध किये गये आन्दोलनों की जानकारी दी और मारवाड़ की धरती पर सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। खुले मंच पर अन्य वक्ताओं ने भी पर्यावरण की गम्भीर समस्या,युवाओं मे बढती नशा खोरी पर अंकुष लगाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने व पाठ्यक्रम में पढाये जाने वाले विषयों में परिवर्तन पर संयुक्त व साझा प्रयास करने की आवश्यकता जताई तथा इस बात पर सभी ने एक मत से जोर दिया कि युवा शक्ति तथा एबीवीपी के युवा कार्यकर्ताओं के उपर यह एक बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जिससे देश में व्याप्त शिक्षण समस्याओं व युवाओं से सम्बधित विषयों पर कार्य किया जाना जरूरी है।

संचालन महानगर मन्त्री सचिन सारस्वत ने किया तथा महानगर सहमन्त्री चन्द्रषेखर व्यास ने धन्यवाद ज्ञापित किया। जेएनवीयू छात्रसंघ महासचिव निकिता गहलोत ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।

  दुसरे दिन रात्रि को एक सांस्कृतिक  कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमे ख्याति प्राप्त कलाकारों ने राजस्थानी कला की छटा बिखेरी सांस्कृतिक कार्यक्रम वन्देमातरम की अनुपम प्रस्तुती से समाप्त हुआ

  अधिवेशन के तीसरे दिन  अधिवेशन में निम्न प्रस्ताव पारित किये जायेगें:-



(1) राज्य में शिक्षा व्यवस्था और सुधार हेतु हमारे सुझाव।

(2) राज्य की वर्तमान स्थिति।

(3) पर्यावरण संरक्षण अपनी जिम्मेदारी समझे युवा।

(4) नशा मुक्ति के खिलाफ समाज को जाग्रत करे युवा।

अंतिम दिन एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलिन्द मराठे ने एबीवीपी की कार्य पद्धति पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। तीसरे सत्र में एबीवीपी प्रदेषाध्यक्ष हेमन्त घोष ने प्रदेष की नई कार्यकारिणी की घोषणा की। जिसमें प्रदेष उपाध्यक्ष आनन्द पालीवाल,उदयपुर,राजेष यादव अलवर,जिनेश जैन अजमेर,बलवीर चैधरी जोधपुर,प्रदेष सहमन्त्री रवि विरानी चितौडगढ,देवन्द्र चुण्डावत उदयपुर,अनमोल पाराषर,भीलवाड़ा,नरपतराज मूढ बाड़मेर,महेन्द्र प्रताप चैधरी जोधपुर जिला,सचिन सारस्वत जोधपुर महानगर, निशांत दवे पाली,सुनील मेघवाल बीकानेर, शंकर गोरा जयपुर,रजनीष जैमन अलवर,अजीत मीणा करौली,सोनल जैन धोलपुर,प्रदेष कोषाध्यक्ष लोकेष प्रताप सिंह जयपुर,प्रदेष संगठन मन्त्री मिथिलेष गौतम,प्रदेष कार्यालय मन्त्री देवानन्द त्यागी, विशेष आमन्त्रित सदस्य डा कैलाष शर्मा,डा मनरूप मीणा, श्याम अग्रवाल,संजय पाचपोर,डा मुरारी लाल गुप्ता,सुनील चतुर्वेदी,दिनेष शर्मा,प्रदेष सहसंगठन मन्त्री राजेष गुर्जर कोटा,मांगीलाल चैधरी जोधपुर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोरभ भाकर जयपुर,अनिल गुर्जर,बिजेन्द्र गुर्जर,नीलाक्षी महर्षि,सीकर से नीरज वर्मा,रामनिवास,अलवर से रवि शर्मा,नन्द लाल प्रजापति,भरतपुर से उज्वल गोपानिया,नरेन्द्रसिंह गहलउ,धोलपुर प्रषान्त वास्तव,करौली से अरूण बैंसला,सवाई माधोपरु से विष्णु जाट,बांसवाड़ा से दिनेष राणा, डूंगरपुर से अजीत बरण्डा, उदयपुर से सुमन कलासुआ,सुनील कल्याणा,राजसमन्द से विक्रमसिंह चुण्डावत,चित्तोड़गढ से मुकेष गुर्जर,प्रतापगढ से कृतिका सिसोदिया, भीलवाड़ा से ब्रजमेहन शर्मा,अजमेर जिले से मनीष टेलर,अजमेर महानगर से महेन्द्र जाखड़,कोटा से उपासना सुमन,रवि बसिठा, विशाल चेड़वाल,बारां से गोविन्द यादव,झालावाड़ से जितेन्द्र भील, जोधपुर से आनन्द सिंह राठौड़, नरेन्द्रसिंह राजपुरोहित,चन्द्रषेखर व्यास,वैषाली जैन,वर्षा मुखर्जी, अशोक सिरमण्डी,बाड़मेर से महीपालसिंह करणोत,जैसलमेर से नरेन्द्रसिंह हमीरा,राणीदान सिंह तंवर,पाली से भरत सावावत,सिरोह से राजन वशिस्ठ,जालोर से राहुल व्यास,बीकानेर से धीरज पंण्डित,सुभाष वाल्मिकी,नागौर से बंजरंग पंवार,गंगानगर से धर्मेन्द्र खीचड़,हनुमानगढ से विपिन सुथार,प्रदेष आयाम प्रमुख-डा केशवशर्मा,अलवर,अकेडमिक कांसिल,सत्यप्रकाष सीकर को एसएफडी प्रमुख, शुभम शर्मा,जयपुर को एसएफडी संयोजक,प्रमोद राठौड़ बारां को जनजातीय कार्य प्रमुख,नन्दलाल नीमामा को सह प्रमुख,नेहा अवस्थी को प्रदेष छात्रा प्रमुख,चित्तोड़ संभाग छात्रा प्रमुख अंजु गोयल,जोधपुर से अल्का थामेठ,जयपुर संभाग से प्रभा पारीक चुरू व हर्ष मल्होत्रा, सोशल मीडिया प्रमुख उज्जवल जैन व केन्द्रीय संस्थान के लोकेन्द्रसिंह गुढा, प्रदेश कार्यसमिति में उदयपुर से अर्जुन तिवाड़ी,कोटा से अष्विनी कुमार,जयपुर से रौशनी शर्मा,जयपुर से आदित्य प्रताप,अजमेर से हंसराज चैधरी,कोटा से देवाशीष व उदयपुर से अजय आचार्य को बनाया गया। इसके बाद वन्दे मातरम का गायन किया गया तथा ध्वज उतारा गया।



अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रदेष अधिवेशन में लगी अमृता देवी विश्नोई प्रदर्शनी में एबीवीपी प्रदेषाध्यक्ष हेमन्त घोष ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्टीकरों का विमोचन किया। इस दौरान उन्होने कहा क वर्तमान समय में हमें पर्यावरण संरक्षण की आवष्यकता है

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित