मंगलवार, 20 मार्च 2018

समाचारपत्रों से शक्ति स्थल पोकरण में सम्पन्न कार्यक्रम की खबरे

समाचारपत्रों से शक्ति स्थल पोकरण में सम्पन्न कार्यक्रम की खबरे 

साभार:: राजस्थान पत्रिका

साभार:: राजस्थान पत्रिका

साभार:: दैनिक भास्कर

साभार:: दैनिक भास्कर


साभार:: दैनिक नवज्योति 

सोमवार, 19 मार्च 2018

जाग्रत हिंदू महासंगम : शक्ति नगरी पोकरण में हुआ ऐतिहासिक संघ का पथ संचलन


धर्म रक्षा हर जाति का परम धर्म: सुरेश चंद्र

जाग्रत हिंदू महासंगम : शक्ति नगरी पोकरण में हुआ ऐतिहासिक संघ का पथ संचलन
जयनारायण व्यास सर्किल पर हुआ अद्भुत संगम
शहरवासियों ने किया पुष्पवर्षा से स्वागत








 


पोकरण,जैसलमेर 18 मार्च। अपने समाज की जातियां यह एक व्यवस्था है परंतु जातिवाद का अहंकार यह उचित नहीं। सब जातियां इस विराट हिंदू समाज के ही अंग है। कोई अंग कमजोर होने पर संपूर्ण समाज कमजोर होता है। हम जानते हैं कि किसी भी जाति के श्रेष्ठ व्यक्ति ने समाज और धर्म के हित के कार्य किए हैं, ऐसे सभी महापुरुषों को पूरे समाज ने आदर दिया है। पूज्य रविदास, पूज्य कबीर, वाल्मीकि जी, श्रद्धेय बी.आर. अंबेडकर इसके प्रमाण हैं। धर्म रक्षा हर जाति का परम धर्म है। यही हम सबकी मूल शक्ति है। संघ अपने संपूर्ण समाज को सब भेदभाव समाप्त कर बलशाली करने के प्रयास में लगा है। यह उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेशचंद्र ने रविवार को पोकरण में जाग्रत हिंदू महासंगम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के विराट दृश्य का दर्शन संघ का विराट दर्शन है। संघ का कार्य 92 वर्षों से देश में चल रहा है। संघ संपूर्ण भारत में कार्य करने वाला हिंदू संगठन है। संघ निर्माता हेडगेवार ने समाज और राष्ट्र का गहन चिंतन किया और इस संघ कार्य को शुरू किया। संगठित हिंदू समाज ही सब समस्याओं का हल है।

हिंदू विचार क्या है

किस देश और किस धर्म में हमारा जन्म हो, जन्म तो परमात्मा देते हैं, ऐसा हमारे महापुरुषों ने कहा है। जिस देश-धर्म में हमारा परमात्मा ने जन्म दिया है, उस देश और धर्म की उन्नति करनी चाहिए और दूसरों के धर्म को कमजोर नहीं करना चाहिए। यदि विश्व के सभी धर्म इस बात को स्वीकारते हैं तो विश्व में कहीं भी अराजकता नहीं होगी। आतंकवादी घटनाएं नहीं होगी। आज अपने देश और धर्मों के अनावश्यक अहंकार के कारण विश्व आतंकवाद की चपेट में सर्वत्र दिखाई दे रहा है। इस राष्ट्र में सर्व धर्मों का आदर, धार्मिक उपासना की आजादी, लोकतंत्र की गारंटी तब तक ही है जब तक यहां हिंदू विचारधारा का प्रभाव है।

शरणार्थी और घुसपैठ में अंतर समझना होगा

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने सब धर्मों की शरण स्थली भारत को बताया। विश्व में किसी भी धर्म-संस्कृति पर विपत्ति आई तो इसी भारत के समाज ने उन्हें शरण दी। यहूदी, पारसी आदि इसके प्रमाण हैै। लेकिन बर्मा के रोहिंग्या बड़ी मात्रा में पड़ोसी देशों से घुसपैठ के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में हमें शरणार्थी और घुसपैठियों में अंतर समझना होगा और पूरे समाज को इससे सजग रहना होगा।

संघ करता रहेगा समाज संगठन

आज जैसे इस राष्ट्र को बल बढ़ रहा है वहीं राष्ट्र विरोधी शक्तियां अपने समाज को कमजारे करने के लिए, तोड़ने के लिए प्रयास कर रही हैं। हमें इन सभी से सावधान रहना होगा। ये शक्तियां अपने आस्था केंद्रों पर अपनी श्रद्धाओं को समाप्त करने का षड्यंत्र करेगी, जिन आस्थाओं को लेकर आज तक हमने अमरता प्राप्त की है। 92 वर्ष के काल में अपने ही समाज की नासमझी से इस संघ पर तीन बार अनेक झूठे आरोप लगाकर इस हिंदू शक्ति को कमजोर करने के प्रयास किए गए, पर संघ हर संकट के बाद और अधिक ताकत के साथ खड़ा होकर समाज संगठन करता रहा है।

चहुंओर हो रही भारत की जय-जयकार

इस सारे काल में अपने समाज में कोई भी आपदा आई, संघ के स्वयंसेवक सदैव आगे आकर सेवा कार्यों में लगे हैं। वहीं देश में कई आक्रमण हुए, तब भी स्वयंसेवक राष्ट्र रक्षा में अग्रणी रहे। इसलिए संघ विरोधी होते हुए भी 1963 के गणतंत्र दिवस में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संघ को परेड के लिए आमंत्रित किया और तीन हजार स्वयंसेवकों ने परेड में हिस्सा लिया। आज संपूर्ण देश और विश्व में हिंदू शक्ति का जागरण दिखाई दे रहा है, विश्व के 192 देशों ने भारतीय योग शास्त्र को स्वीकार किया है। फिलीस्तीन के राष्ट्राध्यक्ष ने हाल ही में कहा है कि भारत ही इजराइल के साथ उनका समझौता करवा सकता है। मुस्लिम देश सउदी अरब की सरकार ने अपने देश में मंदिर के लिए जमीन और धन भी दिया।

पूज्य शक्तियों का किया स्मरण

मुख्य वक्ता सुरेशचंद्र ने अपने उद्बोधन में लोकदेवता बाबा रामदेवजी, पूज्य सदरामजी महाराज, आशापूर्णा माता, तनोट राय माता, कालेडूंगराय माता, देगराय माता, भादरिया राय माता, तेमड़े राय माता, नमडूंगर राय माता, पनोदर राय माता, घंटियाली माता, पोकरण में विराजित शिव शक्ति, पूज्य पाबूजी, सर्व देवियों के सेनापति भैरव नाथ, वीर पनराजजी आदि को याद किया। वहीं जैसलमेर के स्वर्णिम इतिहास पर  उन्होंने कहा कि यहां की हिंदू माताओं ने धर्म एवं संस्कृति की रक्षा करते हुए ढाई जौहर किए लेकिन विधर्मियों के अपवित्र हाथ नहीं लगने दिए।
शक्ति स्थल पर दिखी स्वयंसेवकों की शक्ति

शक्ति स्थल के नाम से मशहूर एवं परमाणु नगरी के रूप में समस्त विश्व में पहचान रखने वाला पोकरण शहर रविवार को शक्ति के नए अवतार का साक्षी बना। यह शक्ति थी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हजारों स्वयंसेवकों की। पश्चिमी सीमा के निकट स्वयंसेवकों ने अभूतपूर्व शक्ति, अनुशासन और संगठन दिखाया कि मानो पूरा पोकरण शहर स्वयंसेवकों से अट गया। यहां जैसलमेर जिले के हर गांव-ढाणी से संघ के पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने सधे कदमों से घोष के नाद के साथ पथ संचलन किया। शहर में चार धामों के नाम से चार जगह से संचलन प्रारंभ हुए, जिनका महासंगम दोपहर 03 बजकर, 18 मिनट एवं 18 सैकंड पर स्थानीय जयनारायण व्यास सर्किल पर हुआ।

विभिन्न रचनाएं रही आकर्षण का केंद्र

संचलन के बाद जोधपुर रोड स्थित महासंगम मैदान में जाग्रत हिंदू महासंगम मैदान में सभी स्वयंसेवक विभिन्न रचनाओं में बैठे। इन रचनाओं में श्री, अखंड भारत, मां, स्वस्तिक, 18.3.18, ओउम, ध्रुव तारा, भगवा ध्वज, त्रिशूल आदि रचनाएं आकर्षण का केंद्र रही।

किया नियुद्ध का प्रदर्शन

सायं 5 बजे कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। स्वयंसेवकों ने संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म दिवस होने के अवसर पर ध्वजारोहण से पूर्व आद्य सरसंघचालक प्रणाम किया। ध्वजारोहण के बाद संघ की प्रार्थना हुई। इसके बाद अतिथि परिचय, स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन हुआ। वहीं मंच के ठीक सामने के प्रथम खंड में स्वयंसेवकों ने शिवाजी के गीत की धुन पर बिना शस्त्र के ही रण कौशल दिखाने के रूप में नियुद्ध का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

हुतात्माओं के परिवार सदस्यों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में मंच के तीन भाग बनाए गए, जिनमें से मध्य में अतिथि, बायीं ओर शहीद परिवारों के सदस्य और दायीं ओर संतवृंद बैठे। अतिथियों ने हुतात्मा नायब सुबेदार परबतसिंह भाटी, लांस नायक अगरसिंह राठौड़, सिपाही रामसिंह चारण, पूनमसिंह भाटी, नायक अगरसिंह भाटी, राइफल मैन पदमसिंह, सिपाही नरपतसिंह भाटी, नायक उत्तमसिंह भाटी, हवलदार उम्मेदसिंह भाटी, सिपाही नखतसिंह, सुबेदार राय अली खां, नायक उदयसिंह सोढ़ा, इंसपेक्टर फतेह खां, नायब सुबेदार किशोरसिंह, गनर सुखराम बिश्नोई, कांस्टेबल रमणलाल, लांस नायक वीरबहादुरसिंह, जयसिंह भाटी, नायक नरपतसिंह राठौड़, परमवीर चक्र मेजर शैतानसिंह भाटी आदि के परिवारों के सदस्यों का शॉल ओढ़ाकर और मैडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मान किया। वहीं यह हिमालय सा उठा मस्तक न झुक पाएगाकाव्य गीत और अवतरण प्रस्तुतीकरण हुआ।

 पाकिस्तान के करो चार टुकड़े: जी.डी.बख्शी

महासंगम के मुख्य अतिथि भारतीय सेना के मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी.डी.बख्शी ने जोशपूर्ण तरीके से संबोधित करते हुए कहा कि भारत के युवा ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। राजस्थान वीरों की भूमि है, यहां के जवानों ने प्राचीनकाल से ही विभिन्न युद्धों में श्रेष्ठ साबित किया है। शक्ति स्थल पोकरण के बारे में उन्होंने कहा कि यहां के युवाओं को सदैव सजग रहने की जरूरत है। पाकिस्तान वर्षों से कुटिल चालें चलता आ रहा है। सीमा पर फौजी लड़ाइयों में उसको हर बार मुँह की खानी पड़ी, ऐसे में पिछले कई वर्षों से अब वह आतंककारी गतिविधियों को कर रहा है। ऐसे में अब दूसरा महाभारत का युद्ध होगा और इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी राजस्थान के युवाओं की होगी। पहले हमने 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे और अब पाकिस्तान के दो नहीं बल्कि चार टुकड़े करने होंगे। उन्होंने माता-पिता से भी अपने बच्चों को कठोर बनाने एवं देश के लिए लड़ने के योग्य बनाने की बात कही।

संघ का कार्य पवित्र: परशुराम गिरी महाराज

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जूना अखाड़ा हरिद्वार के महामंत्री परशुराम गिरी महाराज ने संघ के कार्य को पवित्र कार्य बताते हुए कहा कि संघ समाज को समरसता के सूत्र में पिरो रहा है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी लोग भारत मां की संताने हैं, ऐसे में यहां जात-पाँत के भेदभाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।]

ये रहे कार्यक्रम में मौजूद

कार्यक्रम में संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक दुर्गादास, क्षेत्र सह प्रचारक निंबाराम, क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख जसवंत खत्री, क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य नंदलाल जोशी बाबाजी, जोधपुर प्रांत संघचालक ललित शर्मा, प्रांत कार्यवाह श्याम मनोहर, प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर, सह प्रांत प्रचारक योगेंद्र कुमार, सीमा जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री मुरलीधर, सीमाजन कल्याण समिति के संगठन मंत्री नींबसिंह, विभाग संघचालक दाउलाल शर्मा, जिला संघचालक त्रिलोकचंद खत्री सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।



रविवार, 18 मार्च 2018

जाग्रत हिन्दू महासंगम का सीधा प्रसारण सांय 5 बजे से।

#राष्ट्रीयस्वयंसेवक_संघ
#Pokran_Jaisalmer
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसलमेर द्वारा आयोजित पोकरण में जाग्रत हिन्दू महासंगम कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सांय 5 बजे से।
इस लाइव कार्यक्रम को अधिकाधिक लाइक और शेयर करें।                                                                                                   https://www.facebook.com/mahasangam.pokaran/videos/221267415279780/

शनिवार, 10 मार्च 2018

देशभर में निरंतर बढ़ रहा संघ कार्य – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

आज  से नागपुर में आरंभ हो रही संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा  

 झलकियां 
 




नागपुर (विसंकें). हर वर्ष संघ की सर्वोच्च प्रतिनिधि सभा की बैठक मार्च माह में होती है. पिछले वर्ष यह कोयम्बटूर में हुई थी. प्रत्येक तीन वर्ष के बाद नागपुर में अ.भा. प्रतिनिधि सभा होती है. इस बार बैठक में कुल 1538 प्रतिनिधि उपस्थित हैं. यह कुल अपेक्षित संख्या की 90 प्रतिशत उपस्थिति है, और वे देश का 95 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं. बैठक में परिवार के कुल 35 संगठनों के शीर्षस्थ प्रतिनिधि उपस्थित हैं.

सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि आज प्रतिनिधि सभा का प्रारंभ सरकार्यवाह भय्याजी जोशी के प्रतिवेदन से होगा. सह सरकार्यवाह जी ने संघ की कुल शाखा संख्या, उपस्थिति आदि के बारे में भी जानकारी दी. देश के कुल 95 प्रतिशत जिलों में संघ का कार्य चल रहा है. देश में 37190 स्थानों पर 58967 शाखाएं प्रतिदिन लगती हैं. साप्ताहिक मिलन 16405, मासिक मिलन 7976, ऐसे कुल 83348 स्थानों पर संघ की गतिविधियां चलती हैं. कार्यकर्ताओं के लिये विशेष प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन कुल 2035 स्थानों पर हुआ.  संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष व तृतीय वर्ष का 86 स्थानों पर आयोजन हुआ, जिसमें 24139 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया. 1180 स्थानों पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण वर्गों में कुल 95318 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया. इस प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों की क्षमता बढ़ाना, समाजभिमुख व्यवहार करना, व्यक्तित्व विकास पर बल दिया जाता है.

संघ की पिछले वर्ष की गतिविधियों, संपन्न हुए विशेष कार्यक्रम, उपक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि लद्दाख के पूजनीय बौद्ध धर्मगुरू नेता कुशक बकुला जी का जन्मशती वर्ष अनेक स्थानों पर मनाया गया. उन्होंने पाकिस्तान की नापाक गतिविधियों का हिम्मत से डटकर मुकाबला किया और अपने कार्य से मुंहतोड़ जवाब दिया.

गत 21 जनवरी को गुवाहाटी में उत्तर असम प्रांत का लुइतपोरिया हिन्दू समावेश का विशाल एकत्रीकरण संपन्न हुआ. कुल 31151 स्वयंसेवक उपस्थित थे, यह एक अभूतपूर्व और विशेष कार्यक्रम असम के संघ इतिहास में हुआ. उसमें 80 से अधिक जानजाति के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित थे. वहां के विभिन्न जनजातियों के धर्मगुरू संघ को आशीर्वाद देने के लिये मंच पर उपस्थित थे. विभिन्न जनजातियों को एकजुट कर राष्ट्र प्रवाह में शामिल होने की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण घटना है. संघ कार्य के मूल उद्देश्य का यह विराट दर्शन था.
उन्होंने कहा कि संघ अपने विभिन्न सामाजिक दायित्वों का निर्वहन हमेशा करता आया है. अस्पताल, छात्रावास, विद्यालय, ग्राम विकास, जलसिंचन के कार्य चलाए जाते हैं. किसानों के मध्य अब और अधिक कार्य करने की योजना है. देश का किसान समृद्ध हो, आर्थिक दृष्टि से संपन्न हो और सांस्कृतिक दृष्टि से भी समृद्ध हो, ऐसी संघ की इच्छा है और संघ इस दिशा में कार्य आगे बढ़ाना चाहता है. बैठक में भाषा और बोली के संरक्षण हेतु एक प्रस्ताव पारित होना है. धीरे-धीरे हमारी बोलियां समाप्त हो रही हैं.

प्रेसवार्ता में अ.भा. प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य जी तथा सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी भी उपस्थित थे.
स्त्रोत : vskbharat.com

बुधवार, 22 नवंबर 2017

बौद्धिक संपदा से परिपूर्ण युवा पीढ़ी के सक्रिय योगदान की आवश्यकता : चंद्रशेखर

वेटरनरी विश्वविद्यालय में “सोशल मीडिया” पर कार्यशाला

बौद्धिक संपदा से परिपूर्ण युवा पीढ़ी के सक्रिय योगदान की आवश्यकता :  चंद्रशेखर 

  
कार्यशाला में उध्बोधन देते हुए चंद्रशेखर जी

बीकानेर, 20 नवम्बर। वर्तमान में एक सशक्त माध्यम के रूप में उभर रहे सोशल मीडिया को राष्ट्र निर्माण में उपयोग के लिए हमें अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की जरूरत है। ये विचार वेटरनरी ऑडिटोरियम में सोमवार को “राष्ट्र निर्माण में सोशल मीडिया की उपयोगिता” विषय पर आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किये गए। 

 विश्व संवाद केन्द्र बीकानेर और वेटरनरी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोधपुर  प्रांत प्रचारक  चन्द्रशेखर जी ने कहा कि इस देश का सतत् स्वाभिमान और सतत् संघर्ष का इतिहास रहा है। भारतीय संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और जीवन मूल्यों के मूल विचारों की पुर्नस्थापना का अनुकूल समय है। मीडिया का राष्ट्र के पुर्ननिर्माण में अहम योगदान है। 

चन्द्रशेखर जी ने  अपने उध्बोधन में कहा कि अब सोशल मीडिया एक खुला मंच है जिसमें बौद्धिक रणनीति अपनाने की जरूरत है। मीडिया सकारात्मक, तथ्यपरक समाचार, जीवन मूल्यों की स्थापना और श्रम का सम्मान करने वाली खबरों से राष्ट्र जागरण में अपना अहम योगदान कर सकती है जिसमें बौद्धिक संपदा से परिपूर्ण युवा पीढ़ी के सक्रिय योगदान की आवश्यकता है। 

चंद्रशेखर जी विषय को विस्तार से रखते हुए कहा कि  देश में अच्छे कार्यों की संख्या ज्यादा है लेकिन उसका प्रचार कम होता है। टी.आर.पी. बढ़ाने की होड़, व्यावसयिक प्रतिस्पर्द्धा, राजनीतिक झुकाव, पूर्वाग्रह ग्रसित समाचार और परिवार का विखण्डन करने वाली नकारात्मक खबरों से पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है और समाज दिग्भ्रमित होता है। सनसनीखेज, मसालेदार और नकारात्मक खबरों के जंजाल से समाज और देश का नुकसान होता है। सोशल मीडिया की विश्वसनीयता को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेवारी है। तथ्यात्मक बातों के साथ विचारवान लोगों को इसका उपयोग करने के लिए सचेष्ट रहना होगा।

 प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर जी ने कहा कि देश में शहरी माओवाद युवाओं को दिग्भ्रमित कर लोगों का उकसाने का कार्य कर रहा है। ऐसे प्रयासों को नाकाम करने के लिए मीडिया माध्यमों का पारंपरिक मूल्यों और हिन्दुत्व की जीवन शैली जो कि हमारी रीढ़ है, को बचाए रखना और राष्ट्रहित को सर्वोपरि बनाने में इसका योगदान है। 

कार्यशाला के मुख्य अतिथि वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा ने वर्तमान परिवेश में इस कार्यशाला में चिंतन और संवाद को महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और लोक जागरण में सोशल मीडिया की महत्ता भूमिका के मद्देनजर हमें उसके अनुकूल कार्य और आचरण करना है।

 इस अवसर पर श्री हेम शर्मा ने राष्ट्र निर्माण में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया की उपयोगिता और उसके प्रभावों के बारे में बताया। कार्यशाला में उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक श्री दिग्विजय सिंह भी मंचासीन थे। 

कार्यशाला में विभाग प्रचार प्रमुख श्री एस.एल. राठी ने पावर प्रजेन्टेशन द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न घटकों और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में बडी संख्या में राजुवास के शिक्षकों अधिकारियों कर्मचारियों और विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। 

सोमवार, 13 नवंबर 2017

संघ शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र - पराग जी अभ्यंकर, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख

गुणवत्ता पथ संचलन सम्पन्न
संघ शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र  - पराग जी अभ्यंकर, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख 


 
पाली 12 नवम्बर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  द्वारा आज नगर में पाली विभाग का गुणवत्ता पथ संचलन निकाला गया। जिसमे पूर्ण गणवेश में सैकड़ों स्वंयसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर भाग लिया।

एक लय में बजते घोष की ताल पर एक साथ उठते कदम, घोष दंड के हरकतों से ही पूरी कतार पर नियंत्रण और समय की पाबंदी देख लोग आश्चर्य चकित हो गए। यह नजारा शहर में दिखाई दिया। जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवकों ने शहर में गुणवत्ता पथ संचलन निकाला। पूर्ण गणवेश पहने घोष की आवाज के साथ सैकड़ों स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर सीना ताने दंड धारण किए पूर्ण उत्साह के साथ शहर की गलियों से गुजरे तो हर कोई देखता रहा गया। 

घोष की ध्वनि ने शहर वासियों में जोश भर दिया जहाँ जहाँ से भी संचलन निकला पूरे रास्ते मे माहौल जय शिवा सरदार की....., बोलो रे बेलियो....., वंदे मातरम....., भारत माता की जय....., राष्ट्र भक्ति के उद्घोषों से गूंज उठा। संचलन का जगह जगह भारी पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। बालिकाओं और महिलाओं ने संचलन मार्ग पर स्वंयसेवकों के स्वागत हेतु अनेको जगह रंगोलियां सजाई। हर कोई नागरिक अति उत्साह से संचलन का स्वागत कर रहा था।

संघ के विभाग संघ चालक माननीय कमल गोयल ने बताया कि नए गणवेश में नगर में यह तीसरा संचलन है इस बार पूरे पाली विभाग का गुणवत्ता संचलन निकाला गया है पूर्व में पाली नगर का गुणवत्ता संचलन निकाला गया था। गुणवत्ता पथ संचलन प्रातः 10 बजे दुर्गादास नगर स्थित लोढ़ा स्कूल से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सराफा बाजार, रामद्वारा, खोडिया बालाजी, गोकुल वाड़ी से होते हुए सरस्वती स्कूल पहुँच कर समाप्त हुआ।

- कदम से कदम मिलेंगे तभी दिल मिलेंगे -
संचलन के बाद कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग जी अभ्यंकर ने कहा कि कदम से कदम मिलाकर चलना यह हमारा संस्कार है वेदों में भी कहा गया है साथ मे चलते हुए साथ मे बैठकर के विचार करते हुए साथ में कर्म करने के लिए जो समूह प्रबुद्ध होता है वो हमेशा विजयी हासिल करता है। पूर्व काल मे देवताओं ने भी जो विजय प्राप्त की वो साथ मे मिलकर काम करने से की। कदम से कदम मिलाकर साथ चलने से एक दूसरे के प्रति आत्मीयता का भाव जाग्रत होता है। संचलन तो एक माध्यम है मूल उद्देश्य तो कदम से कदम मिलते हुए हमारे ह्रदय से ह्रदय मिले और साथ मिलकर समाज व राष्ट्र निर्माण का कार्य करें। उन्होंने कहा कि 1925 में संघ की एक घंटे लगने वाली शाखा की स्थापना हुई। वह संघ का मूल आधार है। पिछले 92 वर्ष में संघ में समय-समय पर अनेक परिवर्तन हुए लेकिन शाखा के कार्यक्रमों में कोई परिवर्तन की आवश्यकता नही पड़ी क्योंकि शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र है। संघ की प्रेरणा से चलने वाले अनेक संगठनों में समाज के बंधुओं को सक्रिय करने का कार्य सतत चल रहा है।

- जगह-जगह हुआ स्वागत -
गुणवत्ता पथ संचलन का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसमें जनप्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न संगठनों द्वारा ध्वज पर पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया गया। रास्ते में जगह-जगह नागरिकों ने स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। बालिकाओं और महिलाओं ने भी मार्ग में जगह-जगह रंगोली व पुष्प सज्जा से पथ संचलन का स्वागत किया। लोढ़ा स्कूल से सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सराफा बाजार, रामद्वारा, खोडिया बालाजी, गोकुल वाड़ी, सरस्वती स्कूल तक विशेष स्वागत किया गया। कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगो ने भी पथ संचलन का स्वागत किया।

शनिवार, 14 अक्तूबर 2017

ग्राम विकास एवं कुटुंब प्रबोधन के कार्यों को गति देगा संघ -सरकार्यवाह श्री सुरेश भैय्याजी जोशी

शुक्रवार, 13 अक्तूबर 2017

जुड़ रहे हैं युवा, तेजी से बढ़ रहा है संघकार्य -श्री दत्तात्रेय होसबाले

जुड़ रहे हैं युवा, तेजी से बढ़ रहा है संघकार्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन अवसर पर सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने दी जानकारी







भोपाल, 12 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य लगातार बढ़ रहा है। पिछले वर्ष संघ की शाखा के स्थान में लगभग 550 की वृद्धि हुई है। वर्तमान में 34 हजार से अधिक स्थानों पर प्रतिदिन शाखा और 15 हजार से अधिक स्थानों पर साप्ताहिक मिलन संचालित हो रहे हैं। अर्थात् लगभग 49 हजार 493 स्थानों पर शाखा और मिलन के माध्यम से समाज में संघकार्य चल रहा है। इसके साथ ही 1600 शाखाओं और 1700 साप्ताहिक मिलन की संख्या में भी वृद्धि हुई है। सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने भोपाल स्थित शारदा विहार में संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के औपचारिक शुभारंभ के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी। गुरु गोविंद सिंह सभागार में भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह श्री सुरेश भैयाजी जोशी ने कार्यकारी मंडल की बैठक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से आए लगभग 350 संघ के कार्यकर्ता बैठक में उपस्थित हैं। बैठक में 11 क्षेत्रों एवं 42 प्रांतों के पदाधिकारी शामिल हुए हैं। अखिल भारतीय पदाधिकारी, क्षेत्रों एवं प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक आगामी तीन दिन में संघ की तीन वर्ष की कार्य योजना, कार्य विस्तार और दृढ़ीकरण पर विचार-मंथन करेंगे। 

सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि समाज में संघ कार्य बढ़ा है। संघ कार्य के विस्तार में युवाओं की बड़ी भूमिका है। संघ का एक प्रकल्प है ज्वाइन आरएसएस, इसके माध्यम से बड़ी संख्या में टेक्नोसेवी युवा संघ से जुड़ रहे हैं। ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या में 2015 की तुलना में 2016 में 48 प्रतिशत और 2017 में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह सभी आंकड़े जनवरी से जून तक के हैं। इनमें 20 से 35 आयु वर्ग की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया कि संघ ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन और सामाजिक समरसता जैसी गतिविधियां संचालित कर रहा है। संघ के कार्यकर्ताओं के प्रयास से लगभग 450 गाँवों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। श्री होसबाले ने बताया कि संघ मानता है कि परिवार समृद्ध और सुदृढ़ होंगे तो राष्ट्र भी समर्थ बनेगा। इस विचार को लेकर संघ के कार्यकर्ताओं ने 15 वर्ष पूर्व कर्नाटक में कुटुम्ब प्रबोधन का प्रयोग प्रारंभ किया। आज यह प्रयोग पूरे देश में चलाया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। कुटुम्ब प्रबोधन का महत्त्व समझने के लिए सबको डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की एक पुस्तक पढ़नी चाहिए, जो कुटुम्ब प्रबोधन के विषय पर उनके और जैन संत आचार्य  महाप्रज्ञ के साथ संवाद पर आधारित है। इस पुस्तक में पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर अच्छा मार्गदर्शन है।

श्री होसबाले ने बताया कि अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की इस बैठक में संघ की आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यकारी मंडल की रचना तीन वर्ष के लिए होती है। मार्च-2018 में यह तीन वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए कार्यकारी मंडल की रचना के संबंध में भी विचार किया जाएगा, जिसे मार्च-2018 में होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में अंतिम स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में संघ के कार्य विस्तार, वर्तमान में चल रहे कार्यों का वृत्त एवं कार्यों की उपलब्धि का वृत्त प्रस्तुत किया जाएगा। पिछले छह माह के कार्य की समीक्षा होगी। बैठक में संघ शिक्षा वर्ग (कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग) के संबंध में भी चर्चा होगी।

सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि मध्यप्रदेश में संघ का कार्य प्रारंभ से ही अच्छा है। मध्यप्रदेश ने संघ को अनेक प्रामाणिक कार्यकर्ता दिए हैं। लम्बे समय के बाद अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक भोपाल में हो रही है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर सरसंघचालक का उद्बोधन संघ की नीति को दर्शाता है। संघ ने देश के लगभग 20 स्थानों पर बुद्धिजीवियों के बीच उद्बोधन में आए विभिन्न विषयों पर चर्चा का आयोजन किया है। सरसंघचालक ने विभिन्न विषयों को लेकर जो अभिप्राय प्रकट किया, उसके प्रति प्रबुद्ध वर्ग ने भी सहमति एवं समर्थन जताया है। श्री होसबाले ने कहा कि सबको अपने मत को लेकर दृढ़ रहना चाहिए, परंतु समाज के बीच स्वस्थ संवाद होना चाहिए। संघ के कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों के संबंध में उन्होंने बताया कि केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब और कर्नाटक सहित कुछ अन्य स्थानों पर संघ के कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमलों की संख्या बढ़ी है। संघ के कार्यकर्ताओं पर हमले हमलावरों की वैचारिक पराजय का प्रदर्शन करते हैं। एक विशेष विचारधारा का अस्तित्व बचाने के लिए हताशा में उसके कार्यकर्ता संघ के स्वयंसेवकों पर हमले कर रहे हैं। 

प्रदर्शनी 'धरोहर' का उद्घाटन 
महापुरुषों के जीवन दर्शन पर केंद्रित प्रदर्शनी 'धरोहर' का उद्घाटन गुरुवार प्रात: 8:15 बजे सह सरकार्यवाह श्री सुरेश जी सोनी ने किया। प्रदर्शनी में पद्मभूषण कुशोक बकुल रिनपोछे के जीवन दर्शन को दिखाया गया है। यह उनका जन्मशताब्दी वर्ष है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शिक्षा के प्रसार और समाज सुधार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। इसके साथ ही 350वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु गोविंद सिंह और 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भगिनी निवेदिता के जीवन दर्शन को भी प्रदर्शित किया गया है। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के संबंध में भी चित्र प्रदर्शित किए गए हैं।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित