शनिवार, 17 अक्तूबर 2009

दीपावली के मंगल पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें

!! दीपावली के मंगल पर्व पर आपको हार्दिक शुभकामनायें !!

गाय को पुनः गावों में प्रतिष्ठित किया जाए : के।ई।एन. राघवन

दतिया, अक्तूबर १५ - विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के प्रमुख के.ई.एन. राघवन ने कहा है कि गो हत्या रोकने के लिए आवश्यक हे कि गाय को पुनः गावों में प्रतिष्ठित किया जाए । गो ग्राम यात्रा के लिए दतिया के दीन दयाल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कही । उन्होंने कहा कि आज गांवों के अधिकांश लोग अपनी पारंपरिक जीविका खेती को छोडकर शहरों की ओर जा रहे हैं, लेकिन यदि बेरोजगार नौजवान गोपालन एवं जैविक खेती करें तो वह प्रतिमाह अपने गाँव में ही पंद्रह से बीस हजार कमा सकते हैं । उन्होंने बताया गोपालन रोजगार प्राप्त करने का अत्यंत सरल और उत्तम तरीका है ।
राघवन ने कहा कि जब तक किसान और खेत को विकास का आधार नही माना जाएगा तब तक देश उन्नति के मार्ग पर उच्च शिखर तक नही पहुंच सकता है । उन्होंने कहा कि जिस दिन प्रत्येक किसान के खेतों पर गाय होगी उस दिन गोहत्या इस देश से बिल्कुल खत्म हो जाएगी और गो माता फिर से हमारी सुख समृद्धि की दात्री बनकर हमारा व हमारे देश का कल्याण करेगी । राघवन ने कहा कि जीवन उसी का शांतिमय और खुशहाल होगा जो खेती व गोपालन से जुडेगा । उन्होंने लोगों को गोमाता के पंचगव्यों की उपयोगिता बताते हुए कहा कि चाणक्य ने अपने कौटिल्य अर्थशास्त्र में लिखा है कि चावल से अच्छा भोजन गुहूं है, गेहूं से अच्छा भोजन मांस है तथा मांस से अच्छा भोजन गाय की घी है, गाय के घी से उत्तम कुछ भी नही है । उन्होंने कहा कि विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा गोसंरक्षण हेतु अखिल भारतीय स्तर पर निकाली गई यात्रा है, इस यात्रा में सभी धर्म संप्रदाय के लोग गोसंरक्षण हेतु सहयोग एवं हस्थाक्षर कर रहे हैं ।
स्वामी अखिलेश्वरानंद ने जनसभा को संबोधित करते हु कहा कि हमारे देश में शास्त्रों में गो की अनंत महिमा है, इतिहास में गो के पंचगव्य से बढकर कोई अन्य द्रव्य नही रहा है, लेकिन आज हम सभी पंचगव्य की उपयोगिता एवं महत्व को भूल गए हैं । उन्होंने कहा कि जहाँ गोमाता निवास करती है उसे तीर्थ स्थान माना जाता है । इस भूमि पर मृत्यु से स्वर्ग प्राप्ति विश्चित है । स्वामी ने कहा कि भारत के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण का आधार गोवंश की रक्षा है । उन्होंने आधुनिक जीवन शैली में विश्वास रखने वाले लोगों को सजग करते हुए कहा कि फैशन के फेर में पडकर जो चमडे की वस्तुओं का प्रयोग करते हैं, वे गोहत्या के उतने ही जिम्मेदार जितने की गो मांस खाने के । उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि चमडे की वस्तुओं का बहिष्कार करते हुए गोसंरक्षण हेतु संकल्प लें ताकि देश और समाज का कल्याण हो सके ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा आज सुबह ११ बजे मध्यप्रदेश के दतिया जिले में पहुंची । गो ग्राम यात्रा का यहा के लोगों द्वारा अद्भूत स्वागत किया गया । बैंड बाजों के साथ सुसज्जित झाकियाँ अत्यंत मनमोहक थीं । यात्रा के शहर में आगमन पर सभी क्षेत्र वासियों ने फूल बरसाकर स्वागत किया । गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाएँ कलष यात्रा के साथ शामिल हुई । संतो का आशीर्वचन लेते हुए सभी ने गोसंरक्षण का संकल्प भी लिया ।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराकर ही लेंगे दम
बांदा।१६ अक्टूबर विजयादशमी के दिन कुरुक्षेत्र से चलकर नागपुर तक जाने वाली विश्व मंगल गो-ग्राम यात्रा शुक्रवार को मुख्यालय पहुंची। यहां यात्रा के स्थानीय संयोजक और हिंदू संगठन के लोगों ने भूरागढ़ पहुंचकर यात्रा की अगवानी की। संकटमोचन मंदिर के पास यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
सुबह 10 बजे भूरागढ़ पहुंची यात्रा का इंतजार हिंदू संगठन के लोग करीब तीन दर्जन दो पहिया और चार पहिया वाहनों के साथ कर रहे थे। जैसे ही यात्रा भूरागढ़ पहुंची वैसे ही जयकारे के साथ यात्रा का स्वागत कर काफिला शहर की ओर रवाना हो गया। रथ के पीछे काफिले में चल रहे लोग गोमाता के जयकारे लगा रहे थे। विश्व हिंदू परिषद, मृत्युंजय मानस परिवार के लोगों ने रथ में विराजमान गोमाता की पूजा अर्चना की। करीब डेढ़ घंटे रुककर तिंदवारी के रास्ते को रवाना हो गये।
यात्रा को लेकर संकटमोचन मंदिर के पास जहीर क्लब मैदान में संतो का जमावड़ा लगा रहा। वहां अखिलेशानंद महाराज ने कहा कि गाय का वेद पुराणों में विशेष महत्व है। दूध से लेकर गाय से उत्पन्न प्रत्येक चीज जीवनदायिनी है। इसलिये गाय को माता का दर्जा दिया गया है। अब लगातार हो रही गाय की हत्या से गोवंश विलुप्त होने की कगार पर है इसलिये गाय को बचाना हिंदू धर्म का परम कर्तव्य है। उन्होंने लोगों का आवाहन किया कि वह गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के लिये चलाये गये हस्ताक्षर अभियान पर सहयोग करें। सम्मेलन में सैकड़ों की तादाद में लोग उपस्थित रहे।

गोवंश बचायें, डॉलर को पछाड़ देगा रुपया
कानपुर। १६ अक्टूबर गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध और गोवंश को संरक्षण के जरिये देश को आर्थिक समृद्धि के शिखर पर पहुंचाया जा सकता है। अभी तो डॉलर और पौंड के सामने रुपये को लज्जित होना पड़ता है किन्तु 2030 में वह समय आयेगा जब रुपया अन्य सभी मुद्राओं पर भारी पड़ेगा। यह बात विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के साथ आये जबलपुर के संत स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज ने बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में आयोजित जनसभा में कही।
नगर में प्रवेश करते ही रामादेवी चौराहे सहित कई प्रमुख चौराहों पर यात्रा का स्वागत किया गया। साधु-संतों के वाहनों के साथ ही आकर्षक रथ पर गाय और बछड़े की प्रतिमा विराजमान थी, लोग इनका पूजन कर रहे थे। स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि मंदी के दौर में जब अमेरिका, इंग्लैंड आदि विश्व के अनेक देश लड़खड़ा गये, भारत अपने पुरुषार्थ के बल पर खड़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अभी भारतीय रुपया विदेशी मुद्रा के सामने काफी कमजोर है, किन्तु एक दिन आयेगा जब विदेशी मुद्रा कमजोर होगी। उन्होंने गाय का महत्व बताते हुए कहा कुछ विदेशी इतिहासकारों ने भारत में गाय को सांप्रदायिक तनाव का कारण बताया, जो सरासर गलत है। उन्हें अपना दृष्टिकोण बदलना चाहिए। स्वामी अखिलेश्वरानंद ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश पर प्रसन्नता व्यक्त की जिसमें उसने कहा कि गोवध पर रोक मौलिक अधिकारों का हनन नहीं है।
उन्होंने कहा गोवंश की रक्षा हर हाल में करनी चाहिए। इसी उद्देश्य से कुरुक्षेत्र से यात्रा निकली है जो मकर संक्रांति पर नागपुर में समाप्त होगी। यात्रा के माध्यम से पांच लाख गावों में गाय के धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व का संदेश पहुंचाते हुए संकल्प कराया जा रहा है। संकल्प पूरा करने के लिए 50 करोड़ लोग हस्ताक्षर कर रहे हैं, जिसमें मुस्लिम और ईसाई समाज के लोग भी हैं। उन्होंने सतीश चंद्र चौरसिया रचित गौ अभिनंदन पुस्तक का विमोचन करते हुए गो भक्तों का अभिनंदन किया।
इसके पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने यात्रा के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए कहा हर भूगोल, भाषा, प्रांत और हर पंथ में गाय उपलब्ध है। गाय का दूध पूर्ण खाद्य, गोबर पूर्ण ऊर्जा, गोमूत्र पूर्ण औषधि और उसकी सांस आक्सीजन है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा नया इतिहास रचेगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से स्वामी सत्यनरायन, बाल योगी, बृजानंद अवधूत, महंत रमाकांत दास आदि थे। संतों का स्वागत महापौर रवीन्द्र पाटनी, संचालन भारतीय गोवंश रक्षण संवंर्धन परिषद के प्रांतीय मंत्री डॉ. कमल किशोर गुप्त, धन्यवाद विहिप के प्रांतीय महामंत्री अवध बिहारी मिश्र ने दिया। यात्रा नगर में दो दिन विश्राम कर 18 को प्रात: 8.30 बजे बिल्हौर होते हुए बांगरमऊ के लिए प्रस्थान करेगी।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित