बुधवार, 21 अक्तूबर 2009

खबरे विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा की

गाय और गंगा में गहरा सम्बंध: प्रसन्नानन्द

गोण्डा, 20 अक्टूबर : कुरुक्षेत्र से चल कर मंगलवार को गोण्डा पहुंची विश्वमंगल गो ग्राम केन्द्रीय रथ यात्रा का सैकड़ों हिन्दू कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद रामलीला मैदान में आयोजित सभा में आये संतो ने गाय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
सभा को सम्बोधित करते हुए जगतगुरु रामानुजाचार्य प्रसन्नानन्द जी ने कहा कि गैया और मैया में बहुत गहरा सम्बन्ध है और यदि भगवान से भी बढ़कर कोई है तो वह गाय है। भगवान श्रीकृष्ण भी गाय के पीछे-पीछे चलते थे। कुरुक्षेत्र से दशहरा दिन के दिन रवाना हुई केन्द्रीय गो ग्राम यात्रा की अगुवाई के लिए विहिप बजरंगदल के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रान्त संयोजक राकेश वर्मा के नेतृत्व में जिले की सीमा पर पहुंचे। रथ यात्रा का स्वागत चौरी चौराहा पर किया गया। यहां सैकड़ों लोगों ने गाय की पूजा की और गो रक्षा का संकल्प लिया। यात्रा के केन्द्रीय महामंत्री शंकर लाल ने कहा कि गाय, गांव व प्रकृति की ओर हमे लौटना होगा। आधुनिकता के कारण हम विभिन्न रोगों से ग्रसित होते जा रहे हैं। जो देश कभी गायों के देश के रूप में जाना जाता रहा वहां आज मात्र आठ करोड़ गायें ही बची हैं। गायों को बचाना हमारा पुनीत कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि गायों को बचाने के लिए प्रभावी कानून निर्माण की जरूरत है। इसके लिए 50 करोड़ हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जायेगा। संचालन कृष्ण गोपाल शुक्ल व परिचय प्रेमनाथ सिंह ने कराया। इस अवसर पर डा।रामशंकर द्विवेदी, डा.छोटेलाल दीक्षित, शीतला प्रसाद तिवारी, राजेन्द्र, विनोद, रमाकांत तिवारी, अरुण शुक्ल, अकबाल बहादुर तिवारी, ओम प्रकाश सोनी, विकास जायसवाल, विष्णुपाल सिंह, राज कुमार शुक्ल, महेश तिवारी, प्रमोद तिवारी, नीरज मौर्य, भरत गिरि, आशीष मोदनवाल, मोहित गुप्त, श्यामचन्द्र गुप्त, संतोष मिश्र, रामतीरथ यादव, नीरज तिवारी, विनोद यादव, विकास सोनकर, प्रकाश कुमार, योषित सक्सेना, राधेश्याम गुप्त, गोविन्द गुप्त, बलिकरन सिंह, राजकुमार गुप्त, शक्ति चौधरी, आमोद सिंह आदि उपस्थित रहे।
गाय की रक्षा आवश्यक : शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती

बाराबंकी, 20 अक्टूबर : विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का भव्य स्वागत मंगलवार को जिलें में जगह जगह पुष्प वर्षा के साथ किया गया।
इस दौरान कटक के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती ने संकल्प कराते हुये कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिये गाय की रक्षा आवश्यक है। एक गाय और दो बैल रखने से किसान को आत्महत्या करने की जरूरत नही पड़ेगी। आज जो पैदावार बढ़ाने के लिये रासायनिक खाद का प्रयोग किया जा रहा है। इसके कारण जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती जा रही है। जिससे पैदावार कम होती जा रही है। शंकराचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसान भ्रम वश उन्ही खादों का प्रयोग करता है जिसके कारण जमीन एवं फसल दोनों जहरीला बना बैठता है। उन्होंने समस्या का समाधान जैविक खाद गोबर और गोमूत्र को बताया। गायत्री शक्ति पीठ पर आत्माराम तिवारी के संयोजकत्व में हुये कार्यक्रम की अध्यक्षता के.पी. शर्मा ने की। इस मौके पर हरीराम शुक्ल, नवल किशोर, कृपाशंकर, सुरेश, सुशील, प्रभात, रामसरन, कृष्ण कुमार सिंह, छत्रसाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
रामनगर संवादसूत्र के अनुसार रामनगर बुढ़वल चौराहे पर पहुंची विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का जयकारों के साथ पुष्प माला से भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर विमलेश कुमार मिश्र, अनूप पांडे, रामेश्वर तिवारी, सुभाष चन्द्र ओझा, गौरव शुक्ल प्रशांत, पुनीत कुमार श्रीवास्तव, बन्टी ओझा आदि ने स्वागत किया। एक घंटा से अधिक समय तक समारोह के बाद यात्रा जिला गोंडा के लिये प्रस्थान कर गयी।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित