मंगलवार, 7 अक्तूबर 2014

अंग्रेज परस्त इतिहास कूड़े में फेंकने लायक : स्वामी

अंग्रेज परस्त इतिहास कूड़े में फेंकने लायक : स्वामी

नई दिल्ली। केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद देश के इतिहास को फिर नए सिरे से लिखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने देश के इतिहास को अंग्रेज परस्त बताते हुए इसे कूड़ेदान में फेंकने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इतिहास फिर से लिखने की जरूरत है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी देश के इतिहास को बदलने की मांग की थी।

अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना द्वारा राष्ट्रीय संग्रहालय सभागार में दिल्ली के अंतिम हिदू राजा हेमचंद्र विक्रमादित्य पर आयोजित कार्यक्रम में स्वामी ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा तोड़मरोड़ कर लिखवाए गए इतिहास को बदलने की पैरोकारी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी की थी।

सुभाष चंद्र बोस भी अंग्रेजों द्वारा लिखवाए गए इस इतिहास के बदलाव के पक्ष में थे। स्वामी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि गांधी की इच्छा के बावजूद अपने अंग्रेज मित्र के दबाव में आकर नेहरू ने उसी गुलामी की मानसिकता वाली इतिहास को जारी रखा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की मंशा थी कि भारतीयों के सामने इस तरह का इतिहास परोसा जाए जिससे वे हीनता से ग्रसित रहें .
Source.http://naidunia.jagran.com/national-disposable-litter-probritish-history-swamy-1979

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित