गुरुवार, 2 अक्तूबर 2014

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - एक यात्रा (1925-1950)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - एक यात्रा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें 

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार डॉक्टरजी), संघ के संस्थापक, इन्होंने विजयादशमी दि. 27 सितम्बर को, अपने घर में बुलायी गई सभा में घोषित किया, आज हम संघ प्रारंभ कर रहे हैं, हम में से हर एक ने शारिरिक, बौद्धिक तथा सभी दृष्टि से, अपना ध्येय साध्य करने के लिए, स्वयं को प्रशिक्षित करना चाहिए।
हर रविवार को समता, संचलन का प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। हर गुरुवार और रविवार को राष्ट्रीय महत्त्व के विषयों पर भाषण प्रारंभ हुआ।
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Doctor Kesava Rao Baliram Hedgewar (Doctorji), the founder of Sangh,announced on Vijayadasami day, September 27, that "we are inaugurating the sangh today. All of us must train ourselves physically, intellectually and in every way so as to be capable of achieving our cherished goal".

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Formal beginning of Sangh took place in Doctor Hedgewar's house in Sukrawadi of Nagpur.Training in Drill, march etc. was imparted on Sundays. Uniform for this training was Khaki shirt, Khaki short, and Khaki Cap. On Thursdays and Sundays there were discourses on national affairs.















स्त्रोत:rss.org

26 जनवरी भारत प्रजासत्ताक घोषित हुआ। श्री गुरुजी ने स्वयंसेवकों को इस का स्वागत करने के लिए कहा।
मार्च प्रथम अखिल भारतीय प्रतिनिधी सभा की बैठक संपन्न।
श्री भैय्याजी दाणी सरकार्यवाह चुने गए।
पाकिस्तान से आए हुए हिंदू शरणार्थियों के लिए वास्तुहारा सहायता समिती का गठन। पुरे देशभर से सहायता एकत्र करके पहुँचायी गई।
असम में भुकंप तथा बाढ़। स्वयंसेवकों द्वारा राहत कार्य।
India became Republic on January 26. Shri Guruji instructed swayamsevaks to celebrate this occasion.
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March 1950. The first Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha was held. Bhaiyyaji Dani was elected Sarkaryavah [generalsecretary].
Vastuhara Sahayata Samiti was started to help Hindu refugees from Pakistan.
Earth quake and floods in Assam.Swayamsevaks swung into action.

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित