शुक्रवार, 20 मार्च 2015

दंगा मुक्त भारत बनाना यही मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का उद्देश्य : इन्द्रेश कुमार'


नागपुर, मार्च 18 : अबतक भारत में 23 हजार से अधिक दंगे हुए। इन दंगों से क्या किसी को शिक्षा, रोजगार अथवा प्रेम मिला? नहीं मिला,  बल्कि इसके बदले लाखों लोगों को इन दंगों में अपना जीवन गंवाना पड़ा। अनगिनत लोगों को अपने मुलभूत अधिकारों और आवश्यकताओं से वंचित रहना पड़ा। इसलिए देश को दंगामुक्त और भाईचारा युक्त बनाना, यही मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का उद्देश्य है, ऐसा कहते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इन्द्रेश कुमार ने मुस्लिम समाज के विकास पर जोर दिया।
इन्द्रेश कुमार मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की नागपुर ईकाई द्वारा आयोजित एक समारोह को  संबोधित कर रहे थे। 16 मार्च को वैशाली नगर के सिंधु भवन सभागृह में संपन्न हुए इस समारोह में मंच के नागपुर ईकाई के संयोजक अकील खान, जमाल सिद्दीकी, भोलेनाथ सहारे, विराग पाचपोर, राजकुमार केवलरामानी, मोइउद्दिन जबलपुरी,  सलीम अंसारी, रहीम भाई तथा शेख फारुख मंचासीन थे।

इन्द्रेश कुमार ने कहा कि सच्चर कमिटी ने मुस्लिम समाज की परिस्थिति का अध्ययन कर मुस्लिमों को कठिन परिस्थिति से बाहर निकालने के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की थी। लोकसभा चुनाव के पहले इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार करोड़ कर दिया गया। इन्द्रेश कुमार ने सवाल किया कि इस निधि का लाभ कितने सामान्य  मुस्लिम बंधुओं को मिला? उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने निधि न मिलने के पीछे संघ परिवार को जिम्मेदार है, ऐसी अफवा फैलाई। पिछली सरकार ने मुस्लिमों का विकास करने के बदले संघ परिवार के खिलाफ लोगों को भड़काने का
काम किया।

मुसलमानों की मुलभूत समस्याओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कुरान और हदीस के अनेक  सन्दर्भ प्रस्तुत किए। ‘कहीं जिंदा जन्नत है, तो माँ की क़दमों में’ इस्लाम की शिक्षा से जुड़े उदाहरणों का सन्दर्भ देते हुए कन्या भ्रूणहत्या, स्त्रियों पर अत्याचार और बढ़ते तलाक का विरोध करने का और महिलाओं का आदर तथा रक्षा करने का इन्द्रेश कुमार ने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशाखोरी
के चलते पुरुष महिलाओं पर अत्याचार करते हैं, कर्ज लेते हैं और उसके कारण जीवन की अनेक समस्याएं पैदा होती हैं। यदि ‘बोतल रानी’ यानी शराब समय रहते छोड़ दें तो घर स्वर्ग बन जाएगा। उसी प्रकार आनेवाली पीढ़ी को मुलभूत अधिकारों से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। ‘तहजीब’ यानी राष्ट्रीयता की शिक्षा, इसलिए सभी मुस्लिमों ने शिक्षार्जन करना ही चाहिए। 

गो-मांस मुस्लिम पंथ में किस तरह वर्ज है इस बात को रेखांकित करने के लिए इन्द्रेश कुमार ने कुरान का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि कुरान के एक अध्याय में ‘सुरा-ए-बकर’ है। अरबी भाषा में बकर का अर्थ गो-वंश है। यही कारण है कि मक्का में कभी गाय की बलि नहीं दी गई। हजरत रसूल के अनुसार गो-मांस यानी रोगराई और गाय का दूध यानी अमृत है। अमृत होने के कारण इस्लाम गो-हत्या की अनुमति नहीं देता।

भाषण के अंत में इन्द्रेश कुमार ने कुरान में वर्णित ‘रेहान’ का उल्लेख किया और कहा कि घर उअर मोहल्ले में तुलसी का पौधा लगाने का आह्वान किया। इस दौरान इन्द्रेश कुमार की उपस्थिति में अनेक मुस्लिम बंधुओं ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सदस्य बनें। इस कार्यक्रम में भरी संख्या में मुस्लिम परिवार उपस्थित थे। 
source:hn.newsbharti.com

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित