मंगलवार, 10 मार्च 2015

राहुल गांधी को मुंबई उच्च न्यायालय ने दिया झटका

राहुल गांधी को मुंबई उच्च न्यायालय ने दिया झटका
मुंबई, दि. १०, (वि.सं.केंद्र) : राहुल गांधी की तरफ से मुंबई उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका को खारीज करते हुए, न्यायालय ने उन्हे कोई भी अंतरिम राहत देने से अथवा कनिष्ठ न्यायालय के काम में दखलअंदाजी करने से मना किया. लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ठाणे जिले के भिवंडी शहर में हुए प्रचारसभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर गलत बयानबाजी करनेवाले कॉंग्रेस उपाध्यक्ष को यह तगडा झटका माना जा रहा है.

भिवंडी प्रचारसभा में बात करते वक्त राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या संघ के लोगों ने की, ऐसा वक्तव्य किया था. जिसके खिलाफ संघ के भिवंडी तालुका कार्यवाह राजेश कुंटे ने भिवंडी प्रथम वर्ग न्यायदंडाधिकारी ले पास शिकायत कर बदनामी याचिका दायर की थी. कुंटे के तरफ से अॅड. गणेश धारगलकर ने पक्ष रखा था.

न्यायदंडाधिकारी के सामने हुए प्रारंभिक सुनवाई के दौरान राहुल गांधी पर किए गये आरोप सिद्ध होने के कारण उनके खिलाफ समन्स जारी किया गया और न्यायालय के सामने उपस्थित रहने के आदेश दिये गये. जिसके खिलाफ गांधी ने मुंबई उच्च न्यायालय के दरवाजे खटखटाते हुए अपने खिलाफ जारी हुए समन्स और केस को खारीज करने की विनंती न्यायालय को की. जिसपर मंगलवार, दि. ९ मार्च को सुनवाई हुई. वरिष्ठ विधिज्ञ चिमा ने गांधी का पक्ष रखा और वरिष्ठ विधिज्ञ विष्णू कोकजे, विनायक दीक्षित, राम आपटे और अॅड. अनिरुद्ध गर्गे ने प्रतिपक्ष की भूमिका से न्यायालय को अवगत कराया.

जिसपर न्या. एम.एल.टहलीयानी ने मंगळवार सुबह अपना फैसला सुनाते हुए कॉंग्रेस उपाध्यक्ष को किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से मना किया. कनिष्ठ न्यायालय के सामने चल रही सुनवाई जारी रखने के और उनके सामने अपनी बात विस्तार से रखने के आदेश भी दिए गए. अब भिवंडी के न्यायदंडाधिकारी के सामने होने वाले अगले सुनवाई के लिए राहुल गांधी हाजीर रहेंगे क्या, यह देखना काफी दिलचस्प होगा

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित