शुक्रवार, 13 मार्च 2015

रा. स्व. संघ सिर्फ लोगों में देशभक्ति की चिंगारी प्रज्ज्वलित करता है और राष्ट्रीय हित के लिए प्रेरित -दत्तात्रेय जी होसबले

रा. स्व. संघ सिर्फ लोगों में  देशभक्ति की चिंगारी प्रज्ज्वलित करता है और राष्ट्रीय हित के  लिए प्रेरित -दत्तात्रेय जी होसबले

  जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीति में कोई परिवर्तन नहीं -  दत्तात्रेय जी होसबले

संघ के तृतीय सरसंघचालक श्री. बालासाहब देवरसजी का जन्म शताब्दि वर्ष पर सामाजिक समरसता के विशेष कार्यक्रम चलाये जायेंगे

संघ की शाखाओं की संख्या में वृद्धि कुल संख्या  55,010

दीप  प्रज्ज्वलन करते हुए प पू  सरसंघचालक मोहन जी भागवत

पुष्पांजलि अर्पण करते हुए सर कार्यवाह श्री सुरेश जी भय्या जी जोशी 

मंच का इक दृश्य

प्रतिनिधि सभा में प्रतिनिधि

पत्रकार वार्ता में सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय जी होस्बोले एवं अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ  मनमोहन वैद्य

पत्रकार वार्ता में प्रश्नो के उत्तर देते हुए सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय जी होस्बोले साथ में हे अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ  मनमोहन वैद्य
पुष्पांजलि अर्पण करते हुए प पू  सरसंघचालक मोहन जी भागवत

नागपूर 13 मार्च २०१५।  जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है; वहाँ भा.ज.पा. और पी.डी.पी. की मिली जुली सरकार बनने के बाद, सरकार ने जो आपत्तिजनक फैसले लिये हैं, उनके विरुद्ध रा. स्व. संघ ने भी तीव्र चिंता प्रकट की है, ऐसा कथन रा. स्व. संघ के सहसरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय जी होसबले ने स्पष्ट किया।


होस्बोले जी ने कहा की  आरएसएस की दैनिक शाखाओं में सामाजिक सद्भाव और समाज के गुणात्मक विकास के  लिए चरित्र निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं।  
 
आज अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के उद्घाटन समारोह के  बाद सह सरकार्यवाह माननीय दत्तात्रेय जे ने मिडिया के साथ बातचीत की। उन्होंने  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के  वार्षिक प्रतिवेदन  एवं
विभिन्न गतिविधियों को साझा किया और कहा कि संघ का  कार्य  भारत भर में राष्ट्रीयता के भाव की ऊर्जा पैदा करता है। 


उन्होंने  विभिन्न वर्तमान राष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी की .
उन्होंने कहा कि अब लोगों को
रा. स्व. संघ से बहुत उम्मीद है,   समाज में आ रहे सामाजिक बदलाव को  हम  अनुभव कर रहे है. हम शाखाओं और अन्य अनुषांगिक संघठनो की  गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक सोच का वातावरण बना रहे है ताकि लोग शाखा  आये और हम उन्हें विभिन्न धाराओं में राष्ट्र की सेवा करने का अवसर प्रदान करते हैं जो वे पसंद करते हैं। रा. स्व. संघ सिर्फ लोगों में  देशभक्ति चिंगारी प्रज्ज्वलित करता है और राष्ट्रीय हित के  लिए प्रेरित. 

हमारी शाखाएं  चरित्र निर्माण के साथ साथ समाज के लिए उपयोगी एवं सकारात्मक सोच निर्माण करने का केंद्र है. ऐसे लोग समाज में सामाजिक परिवर्तन करेगा । ऐसे लोग समाज में परिवर्तन करते है , सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को  हमने देखा है और उसका एक  परिणाम  है, जो देश में हाल ही में हुए राजनीतिक परिवर्तन का. 
 
राजनीति पर उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में राजनीतिक परिवर्तन देखा है,  सिर्फ 9 महीने बीते  है और किसी निर्णय पर पहुचने के लिए 5 साल तक हमें इंतज़ार करना होगा।   लेकिन सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन देश में वातावरण में बदलाव के रास्ते पर निश्चित रूप से है।


नागपुर के रेशिमबाग परिसर में आरंभ हुई रा. स्व. संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आयोजित पत्रकार वार्ता  में वे बोल रहे थे। जम्मू कश्मीर से संबंधित प्रश्नों के उत्तर में उन्होंने कहा कि वहाँ बनी मिली जुली सरकार
राज्य में सामान्य स्थिति निर्माण करने की दृष्टि से उठाया गया कदम है। वह सरकार ‘अजेंडा फॉर अलायन्‍स’ के आधार पर बनी है, न कि ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ के आधार पर। मिली जुली सरकार का यह प्रयोग राजनीतिक दृष्टि से कितना सफल या असफल होता है, उसका आकलन एवं निर्णय भा.ज.पा. को ही करना है।

संघ के कार्य में प्रगति

रा. स्व. संघ के कार्य के बारे में उन्होंने कहा कि गत वर्षों में संघ की शाखाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। नित्य, साप्ताहिक एवं मासिक शाखाओं की कुल संख्या आज 55,010 हो चुकी है। बंगाल एवं दक्षिण भारत के राज्य,
जहाँ संघ कार्य का विस्तार अपेक्षाकृत कम है, वहाँ भी संघ की शाखाओं में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। संघ की Join RSS  में RSS की  वेबसाईट पर अधिकाधिक नये लोग संघ से जुडना चाहते हैं इसका अनुभव आ रहा है।

वर्ष 2015-16 संघ के तृतीय सरसंघचालक श्री. बालासाहब देवरसजी का जन्मशताब्दि वर्ष है। इस उपलक्ष में 50 हजार स्थानों पर सामाजिक समरसता के विशेष कार्यक्रम चलाये जायेंगे।

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहनजी वैद्य मंच पर उपस्थित थे। पत्रकार वार्ता  का प्रास्ताविक रा. स्व. संघ के विदर्भ प्रांत प्रचार प्रमुख अतुलजी पिंगले ने किया।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित