सोमवार, 2 मार्च 2015

अप्रैल में दिल्ली में होगा दूसरा राष्ट्रीय सेवा संगम, मां अमृतानंदमयी करेंगी शुभारंभ

अप्रैल में दिल्ली में होगा दूसरा राष्ट्रीय सेवा संगम, मां अमृतानंदमयी करेंगी शुभारंभ
Posted by: admin Posted date: March 02, 2015 In: दिल्ली, बैनर स्लाइडर, शीर्ष क्षैतिज स्क्रॉल, समाचार | comment : 0

फरवरी 2010 में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय सेवा संगम का फाइल फोटो
नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय सेवा भारती के तत्वाधान में द्वितीय राष्ट्रीय सेवा संगम 4, 5, 6 अप्रैल 2015 को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. ब्लू सफायर एंड सिटी पैलेस जीटी करनाल रोड अलीपुर में संगम का आयोजन किया जाएगा. तीन दिनों के लिये संगम स्थल का नामकरण समरसता नगर के रूप में किया जाएगा.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख सुहास राव हिरमेठ ने इंडिया हैबीटेट सेंटर में संवाददाता सम्मेलन के दौरान जानकारी प्रदान की. राष्ट्रीय सेवा संगम का उद्घाटन पूज्य संत अमृतानंदमयी अम्मा के आशीर्वाद से होगा, मुख्यातिथि विख्यात उद्योगपति अतुल गुप्ता द्वारा सुबह 10 बजे किया जाएगा, इसी दिन शाम पांच बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी सामाजिक मुद्दों राष्ट्रीय सरोकारों पर प्रकाश डालेंगे.

हिरेमठ जी ने बताया कि 5 अप्रैल को सुबह 10.30 बजे से 12.00 बजे तक साढ़े तीन हजार प्रतिनिधियों के साथ 500 गणमान्यजनों की उपस्थिति में सार्वजनिक सत्र होगा. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेम जी उपस्थित रहेंगे तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा.
संगम का समापन सत्र 6 अप्रैल को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा. संपूर्ण भारत के समाज के अभावग्रस्त वर्गों की हर समय, हर जगह सेवा करने के महत्वपूर्ण अवसरों को दर्शाएंगे. सेवा संगम की तीन दिन की अवधि के दौरान संवादपरक कार्यक्रम में विभिन्न मौजूदा और आगामी सामाजिक कल्याणकारी परियोजनाओं के साथ ही सेवा के विभिन्न विषयों पर गहन विचार विमर्श होगा, राष्ट्रीय सेवा भारती के अनुभवी स्वयंसेवियों द्वारा अनुभवों को साझा करना मुख्य आकर्षण होगा. यह संगम समरस भारत समर्थ भारत के निर्माण के लिये ज्ञान की धारा प्रदान करेगा. सेवा भारती की विभिन्न इकाइयों द्वारा गायों के संरक्षण के कल्याण के लिये फोटो गैलरी, ध्वनि दृश्य की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी.

हिरेमठ जी ने बताया कि वर्ष 2003 में गठित राष्ट्रीय सेवा भारती समाज के अधिकार विहीन और अभावग्रस्त वर्ग की आवश्यकताओं को कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से अनवरत पूरा करने वाला संगठन है, जो स्वार्थरहित, सामाजिक स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं और अखिल भारतीय स्तर पर संघ परिवार की विभिन्न शाखाओं से लिये गये समर्पित, वचनबद्ध कार्यबल द्वारा प्रांरभ किया गया है.

राष्ट्रीय सेवा भारती वर्तमान समय में उल्लेखनीय परियोजनाओं जैसे लातूर में विवेकानंद मेडिकल फाउंडेशन और रिसर्च सेंटर, आरएसएस जनकल्याण समित महाराष्ट्र, गुवाहाटी में आरोग्य चेतना शिविर, जयपुर में सेवा भारती समिति, गोवा में सेवा साधना, सूरत में डॉ अंबेडकर वनवासी कल्याण ट्रस्ट, पर्यावरण, ग्राम विकास, अनुसंधान को चलाने में लगा है.
उन्होंने कहा कि फरवरी 2010 में बंगलुरू में संपन्न प्रथम राष्ट्रीय सेवा संगम की अतुलनीय सफलता के बाद राष्ट्रीय सेवा भारती के तत्वाधान में द्वितीय राष्ट्रीय सेवा संगम में सेवा भारती से जुड़े 3000 समाज सेवी भाग लेंगे, इनमें 800 से अिधक सामाजिक सेवा संगठन भाग लेंगे, और 500 से अधिक द्वारा नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करना अनूठी विशेषता होगी.

उन्होंने कहा कि सेवा संगम का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्र के सामाजिक सांस्कृतिक ताने बाने में एक निर्णयकारी बदलाव लाने में भूमिका निभाने वाले सामाजिक संगठनों को दिशा प्रदान करना है. आशआ व्यक्त की कि संगम स्वयंसेवियों को जानकारी के साथ ही प्रेरणा, विश्वास भी प्रदान करेगा. कहा कि एक लाख 38 हजार 667 सेवा कार्यों के समन्वय के लिये राष्ट्रीय सेवा भारती सभी संगठनों का मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं समन्वय का काम करती है

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित