शनिवार, 13 अप्रैल 2013

RSS Strongly reacts as Rajasthan govt asks affidavit from sportsmen stating no link with RSS!

Jaipur/New Delhi April 12, 2012: A sports ceremony organised by Rajasthan's Congress government was turned in to huge controversy when government's Sports Department demanded an affidavit from every awardees stating that they are not involved in RSS !

More than 300 sports persons were given out cash award in Jaipur's SMS Stadium this afternoon for excelling at the state level championships. But a controversy broke out over an affidavit that every awardees was asked to file, stating that they are not involved in RSS and activities of Jamat-e-Islame. Sports persons were taken by surprise when this clause was pointed out to them but Rajasthan Sports Council says they have only followed government guidelines even as BJP accused Gehlot govt of bringing politics into sports.
More than 300 sports persons who have done well at state level championship, Rs 2.26 crore doled out, Rs 1 Lakh to first position holders, Rs 50,000 to second and Rs 20,000 to third position holders! But a row has erupted over the cash prizes. As a formality for claiming the award, every sports person had to give an affidavit to the effect that they will not participate in activities of RSS and Jamat-e-Islame!
RSS Reacted strongly:
Reacting to VSK-Karnataka on the above incident, RSS Akhil Bharatiya Prachar Pramukh Dr Manmohan Vaidya said, "We strongly condemn this vindictive attitude of the Rajasthan Government and the Congress. Unless the said Organisations are banned, Rajasthan government's decision to take up such affidavit from sportspersons is totally unconstitutional, vindictive and politically motivated".
'Congress should not bring its politics and personal vendetta in the field of sports', said Dr ManmohanVaidya.

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व जमात-ए-इस्लामी संगठन की गतिविघियां भले ही गैरकानूनी ना हों, लेकिन इनमें शामिल होने पर प्रदेश के अव्वल खिलाडियों को भी सरकार से पुरस्कार नहीं मिलेगा। क्रीड़ा परिषद की ओर से शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत खिलाडियों को इन संगठनों की गतिविघियों में शामिल नहीं होने का शपथ पत्र लिए जाने की खबर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व भाजयुमो कार्यकर्ताओं को लगी तो उन्होंने सवाई मानसिंह स्टेडियम में करीब ढाई घंटे जोरदार हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियां फेंकी और तोड़फोड़ करने लगे जिससे समारोह में पुलिस बुलानी पड़ी।
इसलिए विरोध
खिलाडियों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए सरकार एक शपथ पत्र लेती है। इसमें आवेदनकर्ता को बताना होता है कि उसका आरएसएस, जमात-ए-इस्लामी से कोई सम्बन्ध नहीं है। विद्यार्थी परिषद और भाजयुमो के कार्यकर्ता इस नियम का ही विरोध कर रहे थे। क्रीड़ा भारती राजस्थान समेत कुछ अन्य संगठनों ने भी विज्ञप्ति जारी कर इस पर विरोध जताया।
1986 से है नियम
क्रीड़ा परिषद के सूत्रों का कहना है कि हमने खेल विभाग के आदेशों की पालना की है और यह शर्त 1986 से लागू है। गौरतलब है कि इस दौरान दो बार भाजपा भी सत्ता में रही है। हालांकि भाजपा सरकार में खेल मंत्री रहे युनूस खान का कहना है कि मेरे कार्यकाल में आरएसएस और जमात ए इस्लामी का नियम वापस ले लिया था।
स्त्रोत:  राजस्थान पत्रिका


साभार: दैनिक भास्कर 


राज्य सरकार  के नियमो का आदेश 




राजस्थान पत्रिका 


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित