सोमवार, 29 अप्रैल 2013

भारत की सीमा में घुसपैठ, चीन के दुःसाहस को कठोर जवाब जरूरी- उमेष दत्त

भारत की सीमा में घुसपैठ, चीन के दुःसाहस को कठोर जवाब जरूरी- उमेष दत्त

29 अप्रेल 2013 को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन



भारत की सीमा पर चीनी सेना द्वारा लगातार सीमा क्षेत्र का उल्लंघन व 19 कि.मी. अंदर भारतीय सीमा पर चीनी सेना द्वारा चैकी निर्माण भारत की संप्रभुता पर हमला है। चीन की इस विस्तारवादी नीति की अभाविप कड़े शब्दो मे निंदा करती है साथ ही विद्यार्थी परिषद देश की केंद्र सरकार के ढुलमूल रवैये की भी कठोर शब्दो मे घोर निंदा करती है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री उमेष दत्त ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सीमाओं कि रक्षा करने के बजाए केवल भ्रष्टाचार मे आकंठ डूबी अपनी सत्ता को बचाने मे लगी हुई है। साथ ही वर्तमान केंद्र सरकार सामरिक रूप से मजबूत भारतीय सेना का मनोबल गिराने का काम कर रही है। केन्द्र सरकार के इस रवैये का विद्यार्थी परिषद विरोध करती है। चीन पचास वर्ष पूर्व (1962) से भी अधिक खतरनाक विस्तारवादी नीति अपना रहा है, इसलिये पुरानी भूल को न दोहराते हुए हमें वर्तमान घुसपैठ को गंभीरता से लेना जरूरी है।
 अभाविप भारत के प्रधानमंत्री से मांग करती है कि- चीन के इस दुस्साहसिक कदम का तुरंत संज्ञान लेते हुए कूटनीतिक व सामरिक तथा व्यापारिक आदि स्तर पर कठोर प्रतिक्रिया दे एवं ईंट का जवाब पत्थर से देते हुए भारतीय सीमा क्षेत्र चीनीयों से खाली करवाए। श्री उमेष दत्त ने कहा कि अभाविप चीनी घुसपैठ व इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ढुलमूल नीति के विरोध मे 29 अप्रैल को देशभर मे विरोध प्रदर्शन करने का आवाह्न करती है।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित