शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010

गुजरात दंगों में नहीं था नरेंद्र मोदी का हाथ, एसआईटी ने दी क्‍लीन चिट!

नई दिल्‍ली. गुजरात में आठ साल पहले हुए गोधरा दंगा मामले में मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्‍लीन चिट मिल गई है। मीडिया में ऐसी खबर आ रही है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कहा है कि इन दंगों में मुख्‍यमंत्री की कोई भूमिका नहीं थी।

मोदी (तस्‍वीर में) पर आरोप लगा था कि उन्‍होंने 2002 में हुए दंगों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। लेकिन मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के मुताबिक एसआईटी को मोदी की इस भूमिका के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।

इन दंगों में अपने पति को खो चुकी जाकिया जाफरी नामक एक महिला ने मोदी पर जानबूझकर दंगाइयों पर कोई लगाम नहीं लगाने के आरोप लगाए थे। गुलबर्ग सोसाइटी हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स पर हमला करने वाले दंगाइयों ने जाकिया के पति और कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की बेरहमी से हत्‍या कर दी थी।

जाफरी की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के पूर्व निदेशक आर के राघवन की अगुवाई में पिछले साल 27 अप्रैल को एसआईटी का गठन किया था। जांच टीम ने इस मामले में मोदी से कई पूछताछ भी की।

एसआईटी ने जांच की स्थिति रिपोर्ट पिछले दिनों सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी। जस्टिस डी के जैन, पी सदाशिवम और आफताब आलम की पीठ के समझ पेश इस रिपोर्ट में क्‍या है इसका खुलासा नहीं हो सका है लेकिन मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के मुताबिक जाकिया जाफरी की शिकायत मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो गई है और जांच टीम को मोदी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित