सोमवार, 20 दिसंबर 2010

राम मंदिर निर्माण के प्रति संकल्प व्यक्त

जाग्रत और एकजुट हो समाज

राम मंदिर निर्माण के प्रति संकल्प व्यक्त करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा हनुमत शक्ति जागरण समिति के बैनर तले शहर में वाहन रैली व कलश यात्रा निकाली और जेलवैल स्थित खरनाड़ा मैदान में 108 कुण्डीय महायज्ञ तथा धर्मसभा का आयोजन किया गया

शहर में वाहन रैली और कलशयात्रा, खरनाड़ा मैदान में 108 कुण्डीय महायज्ञ और धर्मसभा

बीकानेर.

भगवा ध्वज की अगवाई में जैकारे लगाते मोटरसाइकिल सवार और कलश लिए कतारबद्ध चल रही मंगलगीत गाती सजी-धजी महिलाएं। यह नजारा केवल एक जगह नहीं बल्कि शहर की कई सड़कों पर दिखाई दिया।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद व उसकी सहयोगी सहयोगी संस्थाओं द्वारा रविवार को राष्ट्रव्यापी आह्वान पर राममंदिर निर्माण संकल्प को लेकर हनुमत शक्ति जागरण समिति के बैनर तले शहर में तीन अलग-अलग जगहों से वाहन रैलियांं निकाली गईं। हाथ में भगवा ध्वज लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा से जुड़े ये मोटरसाइकिल सवार जनेश्वर पार्क, तीर्थ स्तम्भ और डूंगर कॉलेज से रवाना हुए। रैली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल थे। तीनों वाहन रैलियां जय श्रीराम और हिन्दू एकता का नारा लगाते हुए खरनाड़ा मैदान पहुंंची, इसी प्रकार लक्ष्मीनाथजी नगर, मार्कण्डेय नगर क्षेत्र सहित तीर्थ स्तम्भ से महिलाओं की कलश यात्रा रवाना हुईं और खरनाड़ा मैदान पहुंची। यहां पर हुए 108 कुण्डीय महायज्ञ में समाज के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए हनुमानजी की शक्ति जाग्रत करने का संकल्प लिया। यज्ञ में ब्रह्मचर्य आश्रम के साधकों के साथ विभिन्न संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। महायज्ञ के बाद धर्मसभा आयोजित की गई। धर्मसभा को मुख्य वक्ता रैवासा पीठाधीश्वर राघवाचार्यजी महाराज तथा मुकाम पीठाधीश्वर रामानंदजी महाराज, संत प्रतापपुरीजी व आरएसएस के प्रांत संघ चालक भंवरलाल कोठारी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने सामूहिक रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की कि समाज अब भी नहीं जागा तो सनातन संस्कृति संकट मेें पड़ सकती है। उन्होंने इसके लिए ऊर्जा और सद्बुद्धि से ही पुनर्जागृति लाने की बात भी कही। संघ के विभाग प्रचारक निम्बाराम ने कार्यक्रम की प्रस्तावना और पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। विहिप के संभाग अध्यक्ष सुभाष जोशी ने धर्मसभा में आए जनसमूह और संतों का आभार व्यक्त किया।
source:
http://epaper.bhaskar.com/epapermain.aspx?edcode=191&eddate=12/20/2010&querypage=4


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित