मंगलवार, 21 जुलाई 2009

सेना में घुसी आईएसआई!

अजमेर। सेना भर्ती घोटाले की प्रारम्भिक जांच में संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेंट भारतीय सेना का हिस्सा बन गए हैं। पुलिस पड़ताल में यह चौंकाने वाले संकेत मिलने के बाद अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है। उधर, जिला पुलिस ने भर्ती घोटाले में सैन्य अफसरों की लिप्तता उजागर होते ही मेजर और सूबेदार मेजर रैंक के पांच अफसरों को भर्ती घोटाले में नामजद कर लिया। पांचों अफसरों को गिरफ्तार करने के लिए सोमवार दोपहर आदेश भी जारी कर दिए गए। पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद शर्मा ने सेना मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय और राज्य में सेना भर्ती प्रभारी ब्रिगेडियर टूली को पत्र लिख पांचों सैन्य अफसरों की गिरफ्तारी में सहयोग मांगा है।

फर्जी दस्तावेज के बूते भर्ती

सहायक पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश के अनुसार भर्ती घोटाले के अनुसंधान में पता चला कि कुछ सैन्य लिपिकों ने फर्जी दस्तावेज के बूते कुछ ऎसे लोगों को सेना में भर्ती कराया है, जिनके सम्बंध आईएसआई से होने की आशंका है।

पहले भी फर्जीवाड़ा उजागर

उत्तर-पूर्व इलाकों की सेना भर्ती में ऎसा फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है। राहुल प्रकाश ने बताया कि प्रारम्भिक पड़ताल में ऎसे संकेत मिले हैं कि आईएसआई ने कुछ लोगों को विशेष मकसद से सेना में भर्ती कराया है। इस मामले में सैन्य अफसरों की बजाय सैन्य लिपिकों की भूमिका सामने आई है। दस्तावेज की जांच के दौरान ऎसा फर्जीवाड़ा किया जा सकता है।

शारीरिक रूप से तंदुरूस्त लोग सीधी भर्ती में आवश्यक दस्तावेज की मदद से आसानी से भर्ती हो सकते हैं। दोनों सैन्य अधिकारियों डॉ. मैत्रेय व सुरजन सिंह ने भर्ती दलालों से सम्बंध स्वीकारने के साथ अन्य अफसरों के नाम भी उजागर किए।

दोनों सैन्य अफसरों एवं भर्ती दलालों के इकबालिया बयान के आधार पर पुलिस ने पांच सैन्य अफसरों को नामजद किया है। सेना मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय और ब्रिगेडियर टूली को भेजे पत्र में सैन्य अफसरों की भर्ती प्रकरण में लिप्तता के दस्तावेजी प्रमाण के साथ उन्हें पुलिस को सौंपने की मांग की गई है।

आठ सैन्य अफसरों पर भी कसा शिकंजा

सेना भर्ती घोटाले की जांच में अब तक तेरह अफसरों की लिप्तता का पता चला है। इनमें से पांच अफसरों के अजमेर भर्ती घोटाले से जुड़े होने का प्रमाण मिला है। शेष अफसरों ने राज्य के अन्य स्थानों पर हुई भर्ती में दलालों की मदद की। पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद शर्मा ने बिग्रेडियर टूली को पत्र लिखकर इन आठ सैन्य अफसरों के नाम सौंपे हैं। पुलिस उनसे भी इस सम्बंध में पूछताछ करना चाहती है।

हां, अफसर नामजद

भर्ती घोटाले में पांच सैन्य अफसरों को नामजद किया गया है। उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ करेंगे। आठ अन्य सैन्य अफसरों को पूछताछ के मकसद से पेश होने का नोटिस जारी किया गया है।"-राहुल प्रकाश, एएसपी

दो अफसरों से पूछताछ

स्थानीय पुलिस ने भर्ती घोटाले की प्रारम्भिक पड़ताल में मेजर रैंक के डॉ. रंगीरप्पा मैत्रेय, डॉ. प्रसाद, डॉ. श्रीनिवास और सूबेदार मेजर सुरजन सिंह एवं सूबेदार मेजर जसवंत सिंह को आरोपी माना है। पांचों अफसरों पर भर्ती दलालों से सांठ-गांठ का आरोप है। भर्ती घोटाले के मास्टरमाइण्ड दिनेश विश्नोई और तारूलाल मेघवाल ने उनकी मदद से फर्जीवाड़ा करना कबूला। इस मामले में पुलिस ने छह सैन्य अफसरों को चिह्नित करके पूछताछ का प्रयास किया। हालांकि इसमें से दो अफसर डॉ. रंगीरप्पा मैत्रेय एवं सूबेदार मेजर सुरजन सिंह से ही पूछताछ हो सकी।

दोषियों पर होगी कार्रवाई

पुलिस और आर्मी दोनों मिल कर तफ्तीश कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।"-एस.एन. थानवी, प्रमुख गृह सचिव

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित