बुधवार, 9 नवंबर 2011

जनमानस के प्रेरणा स्त्रोत हैं महाराणा प्रताप



बालोतरा। राजस्थान की आन, बान, शान के प्रतीक महाराणा प्रताप ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश व समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित किया। देश की सरकारों ने उनकी स्मृतियों को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए कुछ भी नहीं किया। आमजन द्वारा एकत्रित धन एकत्रित से प्रताप की कर्म स्थली उदयपुर में ताजमहल व अक्षरधाम से भी भव्य प्रताप गौरव केन्द्र का निर्माण करवाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर प्रांत प्रचारक मुरलीधर ने सोमवार को संघ कार्यालय में आयोजित बैठक में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप वीर पुरूष थे, उन्होंने कई कष्ट सहते हुए धर्म, देश व समाज की सेवा की। वे आज भी जनमानस के प्रेरणा स्त्रोत हैं, लेकिन उनकी यादों को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए किसी भी सरकार ने कोई कार्य नहीं किया। भविष्य की नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा मिलती रहे, इसे लेकर उदयपुर में प्रताप गौरव केन्द्र का भव्य निर्माण करवाया जाएगा। भामाशाह बनकर इस निर्माण कार्य में अपना आर्थिक सहयोग करें। उन्होंने कहा कि 30 नवम्बर से शुरू करने वाले धन संग्रह अभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लें, स्वयं सेवक टोलियां बनाकर अधिकाधिक धन संग्रहित करें।

उन्होंने कहा कि देश की सीमा पर दुश्मन राष्ट्र पाकिस्तान के साथ चीन युद्धाभ्यास कर रहा हैं। किसी भी स्थिति के लिए सावधान रहें। बैठक की अध्यक्षता धन संग्रह अभियान के जिला संग्रह संयोजक सुरंगीलाल सालेचा ने की। बैठक में बालोतरा, सिवाना, जसोल, पचपदरा, समदड़ी, गुड़ामालानी क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओ ने भाग लिया।
स्त्रोत: http://www.patrika.com/news.aspx?id=710723

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित