मंगलवार, 22 नवंबर 2011

महाराणा प्रताप की 57 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी, एक अरब आएगा खर्च


प्रताप गौरव केन्द्र के लिए सहायता की अपील

जोधपुर. राष्ट्रीय स्मारक प्रताप गौरव केन्द्र उदयपुर के निर्माण में जोधपुर के भामाशाहों एवं शहरवासियों का सहयोग लिया जाएगा। उदयपुर के टाइगर हिल की 25 बीघा जमीन पर मेवाड़ के इतिहास की जीवंत जानकारी देने वाले प्रकल्प के लिए तीन करोड़ खर्च हो चुके हैं। यह जानकारी सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में शहर विधायक कैलाश भंसाली ने दी।

भंसाली ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति उदयपुर की ओर से गौरवशाली प्रकल्प निर्माण में सौ करोड़ लागत की संभावना है। जोधपुर महानगर में भामाशाहों से सम्पर्क करने के लिए 12 विशेष टीमों का गठन किया गया है। महानगर को 12 क्षेत्रों में बांटकर प्रत्येक क्षेत्र में सौ-सौ टोलियां घर-घर जाकर प्रकल्प निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की अपील करेगी।

यह है केन्द्र की खासियत : 25 बीघा भूमि पर वर्ष 2008 से प्रताप गौरव केन्द्र नामक राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें अब तक तीन करोड़ रूपए खर्च हो चुके हैं। इसमें महाराणा प्रताप की गन मेटल की 57 फीट ऊंची मूर्ति, 500 चित्रों की भव्य प्रदर्शनी, 20 लाइव मेकेनिकल मॉडल (जो विविध घटनाओं को जीवंत करेंगे), शस्त्रागार, राष्ट्रीय गौरव दीर्घा, भक्तिधाम, भारत माता मंदिर, शोध केन्द्र तथा मेवाड़ गौरव फिल्म मुख्य आकर्षण रहेंगे। मेवाड़ के इतिहास के प्रेरक प्रसंगों व चरित्र नायकों पन्नाधाय, हाड़ीरानी, कुम्भा, सांगा, महाराणा प्रताप, राजसिंह, भामाशाह व पूंजा भील सहित 300 बिन्दुओं पर केन्द्रित चित्रों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस मौके पर समिति के सह संयोजक घनश्याम ओझा, मेघराज लोहिया, गजेन्द्र सिंह शेखावत, महेन्द्र दवे मौजूद थे।

स्त्रोत: :http://www.rajasthanpatrika.com/news/jodhpur/11222011/jodhpur-news/250435


साभार : दैनिक नवज्योति, जोधपुर

उदयपुर में बनेगा प्रताप गौरव केंद्र

महाराणा प्रताप की 57 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी, एक अरब आएगा खर्च

जोधपुर मेवाड़ के इतिहास की गौरवपूर्ण विरासत से वर्तमान पीढ़ी को परिचित कराने के लिए उदयपुर में नीमच माता मंदिर के पीछे टाइगर हिल्स पर 25 बीघा जमीन पर 100 करोड़ की लागत से प्रताप गौरव केंद्र की स्थापना की जाएगी। यहां पर महाराणा प्रताप की 57 फीट ऊंची प्रतिमा लगेगी।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के जोधपुर महानगर संयोजक व विधायक कैलाश भंसाली ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रताप केंद्र से जोधपुर की जनता जोडऩे के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई हैं। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर 100 से ज्यादा टोलियों का गठन किया गया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित सभी शाखाओं के स्वयंसेवकों ने घर- घर जन जागरण का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि जोधपुर व बीकानेर से प्रताप गौरव केंद्र के निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपए एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण केंद्र पर अब तक 3 करोड़ के कार्य पूरे करवाए जा चुके हैं। समिति के प्रवक्ता महेंद्र दवे ने बताया कि जोधपुर जिले को 12 क्षेत्रों में बांटने के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ किया गया है।

दर्शनीय केंद्रों का निर्माण भी होगा

दवे ने बताया कि स्मारक में दो सौ लोगों के बैठने लायक समता का फिल्म थियेटर, मेवाड़ का इतिहास बताने वाली तीन सौ चित्रों की प्रदर्शनी, शस्त्रागार केंद्र, राष्ट्रीय गौरव दीर्घा, वनवासी गौरव दीर्घा, मेवाड़ कला दीर्घा, मेवाड़ दर्शन के लिए लघु प्रतिमाएं स्थापित होंगी, संस्कृति विहार, भक्ति धाम, मेवाड़ शोध केंद्र, भारत माता मंदिर, रोप वे, प्रताप जलाशय के साथ किड्स गार्डन सहित अन्य निर्माण कार्य होंगे।

स्त्रोत: http://epaper.bhaskar.com/Details.aspx?id=121015&boxid=112233338265

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित