शुक्रवार, 30 सितंबर 2011

‘सीमा पर चीन कर रहा अवांछनीय गतिविधियां’

आबूरोड आदर्श विद्या मंदिर गोविंदधाम में चीन एक सुरक्षा संकट विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक राजेश कुमार ने कहा कि चीन हमारे लिए हमेशा से ही सामरिक संकट बना हुआ है। प्रतिदिन वह भारतीय सीमा पर तरह-तरह की अवांछनीय गतिविधियां कर रहा है। इन घटनाओं पर भारत सरकार आंखें मूंदे बैठी है। चीन की लेह व लद्दाख में हो रही गतिविधियां सरकार जान बूझकर अनदेखी कर रही है। वियतनाम से हुए तेल समझौते में चीन ने हर तरह की नीति अपनाकर इस समझौते को रोकने का प्रयास किया। चीन भारतीय बाजार में 3.50 लाख करोड़ का सामान बेच रहा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं भारत के उद्योग धंधे चौपट होने के कगार पर हैं। इसके लिए आने वाली पीढ़ी को सावचेत कर चीनी सामान का बहिष्कार करना होगा। वहीं चीन की महत्वाकांक्षा को रोकने के लिए जनमत तैयार करना होगा।

लगातार संकट खड़ा कर रहा है चीन

जनजाति छात्रावास स्कूल में जिला कार्यवाहक अशोक चतुर्वेदी ने कहा कि चीन हमारे देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा के लिए लगातार संकट खड़ा कर रहा है। चीन की कूटनीति व राजनीति हमेशा भारत की विरोधी रही है। इसे भारत के वर्तमान राजनीतिज्ञ नहीं समझ पा रहे हैं। इसके लिए भारत की जनता को सचेत होकर आने वाले संकट से निपटने के लिए अभियान चलाना होगा। चीन की धमकियों पर भारत सरकार आंखें मूंदे हुए हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चीन की ओर से 5183 वर्ग किलोमीटर व 1962 की लड़ाई में 38 हजार वर्ग किलोमीटर पर किए गए कब्जे को वे नहीं छोड़ रहे हैं। चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा कर रहा है। बैठक को संस्था प्रधान नारायण सिंह सिसोदिया ने संबोधित करते हुए चीन के खतरे के प्रति आगाह किया।
स्त्रोत: http://epaper.bhaskar.com/epapermain.aspx?edcode=93&eddate=9/30/2011&querypage=३

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित