बुधवार, 14 सितंबर 2011

‘लक्षित हिंसा अधिनियम विखंडनकारी’ - संजय कुमार

सोजत (पाली)

सांप्रदायिक लक्षित हिंसा अधिनियम के विरोध में मंगलवार को स्थानीय मोतीचंद सेठिया आदर्श विद्या मंदिर परिसर में गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने अधिनियम को विखंडनकारी बताते हुए इसका विरोध करना जरूरी बताया।

आरएसएस के राजस्थान क्षेत्र प्रचार प्रमुख संजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सलाहकार समिति के निर्देश पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सांप्रदायिक लक्षित हिंसा अधिनियम 2011 अराजकता फैलाने व समाज को तोडऩे का षड्यंत्र है। इसका विरोध किया जाना आवश्यक है। राष्ट्रीय एकता परिषद की प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में देश के विभिन्न मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया, जिसमें कई ने इस अधिनियम को समाज को तोडऩे व कमजोर करने वाला बताकर इसका विरोध भी किया। अधिनियम की धारा 8 के अनुसार लक्षित हिंसा की बात जिसमें बोलकर, लिखित, संकेत अथवा चित्र द्वारा किसी अल्पसंख्यक को ठेस पहुंचती है, तो उसके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। इसी प्रकार धारा 9 के अनुसार लक्षित हिंसा के लिए किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग भी अपराध की श्रेणी में आएगा। धारा 12 से 17 के अनुसार सरकारी कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी भी दोषी माने जाएंगे, साथ ही कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारी के विरुद्ध 3 से 5 वर्ष की सजा एवं 3 से 5 लाख का जुर्माना की सजा भी दी जाएगी। अधिनियम के तहत कानून बन जाने पर कोई भी अल्पसंख्यक व्यक्ति किसी भी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट देकर निशाना बना सकेगा। इससे समाज में अल्पसंख्यकों द्वारा ब्लैकमेलिंग का धंधा शुरू हो जाएगा। इसके तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्ति को भी अल्पसंख्यकों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कराने का अधिकार नहीं होगा।

इससे पूर्व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला संघ चालक डॉ। श्रीलाल, विहिप के जिला अध्यक्ष भंवरलाल जोशी, क्षेत्रीय विधायक संजना आगरी, विहिप के जिला मंत्री नरेंद्र टांक, अरविंद कुमार द्विवेदी, भाजपा मंडल अध्यक्ष मांगीलाल चौहान, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घीसू सिंह राजपुरोहित, अविनाश जांगिड़, सुगन सिंह, सोहन मेवाड़ा, शारीरिक प्रमुख मनोहरलाल सोलंकी, गोविंदराम सांवलानी, जिला प्रचार प्रमुख रामकिशोर, तहसील कार्यवाहक सुरेश कुमार, ललित कातरेला, मोहन जाट, कैलाश चावला आदि उपस्थित थे।
स्त्रोत : http://epaper.bhaskar.com/epapermain.aspx?edcode=201&eddate=9/14/2011&querypage=१४

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित