सोमवार, 13 अप्रैल 2009

हिन्दुत्व भारतीय विचारधारा नहीं:प्रणव

सिलचर(असम)। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि हिन्दुत्व भारतीयों की विचारधारा नहीं है और वे सांस्कृतिक एवं धार्मिक विविधता में विश्वास करते हैं।मुखर्जी ने कल रात यहां प्रमुख बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए कहा हिन्दुत्व भारतीयों की विचारधारा नहीं है। अधिकतर लोग सांस्कृतिक एवं धार्मिक विविधता में भरोसा करते हैं। बैठक का आयोजन पार्टी उम्मीदवार संतोष मोहन देव के पक्ष में प्रचार के लिए जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा सिर्फ राम मंदिर का निर्माण कोई चुनावी मुद्दा नहीं हो सकता और लोगों को सभी राजनीतिक पार्टियों के संबंध में उनकी नीतियों के आधार पर फैसला करना चाहिए न कि किसी एक मुद्दे के आधार पर।मुखर्जी ने कहा कि बांग्लादेश की सीमा के पास कुछ लोगों ने शरण ले रखी है और वे उग्रवादी गतिविधियों में लिप्त हैं। मैंने बांग्लादेश सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया है और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।
टिपण्णी : हिंदुस्तान के इतिहास की जानकारी कैसे हमारे तथाकथित नेता भूल जाते है , इसका जीता जागता उदहारण श्री प्रणव मुखर्जी का उपरोक्त कथन हे। हिंदू , हिन्दुत्व से ही हिन्दुस्थान (भारत) की पहचान विश्व भर में हे इसमे किसी प्रकार का संदेह नही है न ही होना चाहिये । सपने में भी यह नही सोचा जा सकता हे की हम हमारी एतिहासिक विरासत को भूल जाए। हिंदू तथा हिन्दुत्व के बारे में श्री प्रणव मुखर्जी के इस वक्तव्य का मायने क्या हे ? जरा सोचे ? समय आ गया है साथियों ऐसे कृत्यों से मुकाबला करने का।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित