बुधवार, 29 अप्रैल 2009

"पिंजरे" में रहेगी थार एक्सप्रेस

जोधपुर। भारत व पाकिस्तान के बीच दोस्ती की पटरी पर दौड रही थार एक्सप्रेस अब शहर के उपनगरीय भगत की कोठी स्टेशन पर रवानगी और वापसी के दौरान लोहे के पिंजरे में खडी रहेगी। मुम्बई बम धमाकों के बाद इसकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में नए इंतजाम के लिए गृह मंत्रालय ने कुछ समय पहले रेल मंत्रालय को सजग किया था। रेलवे ने थार के लिए पिंजरा बनाने की कवायद शुरू कर दी है।समझौता एक्सप्रेस जैसी व्यवस्थामुम्बई हमले के बाद गृह मंत्रालय के अफसरों ने भगत की कोठी व मुनाबाव की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। रेलवे सुरक्षा बल, जोधपुर मण्डल के सुरक्षा आयुक्त ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस के लिए बनाए गए पिंजरे को देखा था। इन्हेंने ऎसा ही पिंजरा भगत की कोठी स्टेशन पर बनाने के सुझाव मण्डल रेल प्रबंधक को दिया था। पिंजरे का तखमीनामण्डल का इंजीनियरिंग विभाग पिंजरे के लिए तखमीना बना रहा है, जिसके बाद कार्यादेश जारी होंगे। वर्तमान में यहां लोहे का एंगल लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया हुआ है, जो अभेद्य नहीं है। यात्रियों की जांच व टे्रन रवानगी के दौरान कोई भी व्यक्ति या वस्तु प्लेटफार्म पर लाई जा सकती है और वहां से निकाली भी जा सकती है। नई व्यवस्था में प्लेटफार्म के एक हिस्से में पिंजरा बनाया जाएगा। थार एक्सप्रेस आगमन और प्रस्थान के समय इसी पिंजरे में खडी रहा करेगी। यात्री केवल प्रवेशद्वार से ही प्लेटफार्म में प्रवेश पा सकेंगे। पिंजरा बनने से स्टेशन पर दूसरी गाडियां का संचालन प्रभावित नहीं होगा। एक्स-रे मशीन की भी कवायदभगत की कोठी में लगेज की जांच के लिए एक्स-रे मशीन नहीं है। यह जांच मुनाबाव में ही होती है। बताया जाता है कि जयपुर स्थित उत्तर-पश्चिम रेलवे मुख्यालय में इसके लिए अब कवायद शुरू हुई है। - प्रवीण धींगरा
स्त्रोत : http://www.patrika.com/news.aspx?id=164753

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित