मंगलवार, 22 मई 2018

संघ का कार्य भारतमाता की आराधना है - वैदहीवल्लाभावाचार्य

संघ का कार्य भारतमाता की आराधना है - वैदहीवल्लाभावाचार्य




जोधपुर 21 मई। आज प्रातः उद्घाटन सत्र में भीड़ भजन बालाजी मसुरिया के पूज्य संत ने शिक्षार्थियों को अपने उद्बोधन वर्ग में अपने द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों का सभी के लिए मार्गदर्शन बन जाता है, संघ में संतों के समान साधना कर लोग तैयार होते है, साधनों के मार्ग पर चलने वाले समाज का काम नहीं कर सकते है। संघ छुआछुत नहीं करता है, संघ अपने बल ही चलता है, न कि दुसरों के भरोसे पर। संघ का काम भारतामाता की आराधना है जात-पात गुलामी की दैन है। इसलिए पहले कहा गया कि जात-पात पुछे कोई नहीं हरी को भजे सो हरी को होई। जात न पूछो साधु की पूछ लीजिए ज्ञान। समाज के लिए काम करने वालों को ही याद किया जाता है न कि स्वयं के लिए काम करने वालों । संघ के स्वयंसेवकों को अर्जुन की भांति लक्ष्य बनाकर कार्य करना चाहिए सफलता निश्चित मिलेगी। 

        सह क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने स्वयंसेवकों को शिक्षा वर्ग में पूर्ण मनोयोग से भाव लेकर अपने आपको श्रेष्ठ कार्यकर्ता बनने का आह्वान किया साथ ही समाज और राष्ट्र की वर्तमान परिस्थितियों में संघ कार्य की महत्ता बताते हुए कहा कि आज जाति-पांति, क्षेत्र, भाषा, अगड़ा- पिछड़ा के नाम पर समाज को तोड़ने का षड्यंत्र चल रहा है जिसे संघ द्वारा ही समाज में प्रेम आत्मीयता समरसता के द्वारा ठीक किया जा सकता है।  

        राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान क्षेत्र का आज से केशव परिसर कमला नेहरू नगर, जोधपुर में 20 दिवसीय वर्ग का आयोजन चल रहा है। उद्घाटन सत्र में पूज्य संत प्रवर जगत्गुरू श्री वैदेहिवल्लभावाचार्य जी महाराज, भीड़ भजन बालाजी मसुरिया हिल पहाड़ी ने शिक्षार्थियों को आशीवर्चन दिया।

        वर्ग के वर्ग कार्यवाह महेन्द्र कुमार दवे ने बताया कि दिनांक 21 मई से 10 जून तक चलने वाले इस 20 दिवसीय वर्ग में पुरे राजस्थान के (जयपुर, चित्तौड़ व जोधपुर) प्रान्तों से 281 शिक्षार्थी, 30 शिक्षक, 30 प्रबन्धक एवं 23 विभाग एवं प्रान्त प्रमुख वर्ग में आए। 20 दिवसीय वर्ग में शिक्षार्थियों को व्यवस्था, सेवा, प्रचार, बौद्धिक, शारीरिक का प्रशिक्षण दिया जायेगा। 

        वर्ग की प्रस्तावना वर्ग के पालक विनोद मैलाना, क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख ने दी। कार्यक्रम में सर्वाधिकारी हरदयाल वर्मा, जोधपुर प्रान्त प्रचारक चन्द्रशेखर एवं समाजसेवी राजमल पारख आदि स्वयंसेवको ने अपनी उपस्थिति दी।


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित