रविवार, 5 अगस्त 2012

आधुनिक तकनीक के सहारे सकारात्मक बातें पहुँचाए मीडिया : सरसंघचालक


आधुनिक तकनीक के सहारे सकारात्मक बातें पहुँचाए मीडिया : सरसंघचालक

Source: newsbharati      Date: 8/8/2012 11:25:52 AM
$img_title(राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास पुरस्कार वितरण)नागपुर : समाज को योग्य दिशा देने, और उसका प्रबोधन करने का उत्तरदायित्त्व प्रसार माध्यमों का है. प्रसार माध्यमों ने उपलब्ध आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकारात्मक बातें समाज तक पहुँचानी चाहिए, ऐसा प्रतिपादन सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने किया.
वे राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास, नई दिल्ली के पत्रकारिता पुरस्कार वितरण समारोह में मार्गदर्शन कर रहे थे. वनराई के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश गांधी की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में न्यास के अध्यक्ष डॉ. एन. एम. घटाटे, डॉ. हर्षवर्धन माडीर्र्कर और यशवंत इंदापुरकर मंच पर उपस्थित थे.
इस कार्यक्रम में, ग्राहक पंचायत के सक्रिय कार्यकर्ता एवं ज्येष्ठ पत्रकार डी. जी. उपाख्य राजाभाऊ पोफळी को बापुराव लेले पत्रकारिता पुरस्कार- ५१ हजार रुपये, मानपत्र, शाल-श्रीफल- तथा नई दिल्ली के छायाचित्रकार गणेश बिष्ट को दादा साहब आपटे स्मृति छायाचित्र पत्रकारिता पुरस्कार और हिंदी की विख्यात लेखिका मृदुला सिन्हा को आशारानी व्होरा स्मृति महिला पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया गया. इन दोनों पुरस्कारों का स्वरूप- २१ हजार रुपये, मानपत्र, शाल-श्रीफल- है.
$img_titleडॉ. मोहन जी ने अपने भाषण में प्रसार माध्यमों के, समाचारपत्र से जनसंवाद तक के बदलते स्वरूप की चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में माध्यमों के विस्तार के साथ उनका उत्तरदायित्व भी बढ़ा है.
समय और स्थितियॉं बदलती है लेकिन शाश्‍वत मूल्य नहीं बदलते, ऐसा प्रतिपादित करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन को बनाए रखनेवाले मूल्यों का संरक्षण करने और उन्हें समाज तक पहुँचाने का दायित्व प्रसार माध्यमों का है; प्रसार माध्यमों को यह दायित्व भूलना नहीं चाहिए.
बापूराव लेले जी ने पत्रकारिता में सकारात्मक रवैय्या प्रस्तुत किया. आज पत्रकारिता में वैसा ही सकारात्मक काम करने वाले पत्रकारों को प्रोत्साहन देना इस पत्रकारिता पुरस्कार का उद्देश्य है; ऐसा स्पष्ट कर डॉ. मोहन जी भागवत ने आवाहन किया कि समाज इस काम को सहायता दे.
$img_titleगिरीश गांधी ने अपने भाषण में कहा कि, प्रसार माध्यमों ने सामाजिक न्याय के मुद्दे किसी भी दबाव के आगे न झुककर मजबूती से उठाने चाहिए. आज समाज और राष्ट्र जीवन में सर्वत्र मूल्यों का अध:पतन हो रहा है, ऐसे समय प्रसार माध्यमों पर ‘आचार संहिता’ का बंधन लगाना गलत है.
पुरस्कृत महानुभावों के मानपत्र का वाचन एवं प्रास्ताविक यशवंत इंदापुरकर और आभार प्रदर्शन डॉ. एन. एम. घटाटे ने किया.
विख्यात पत्रकार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भूतपूर्व प्रवक्ता मा. गो. वैद्य, तरुण भारत के भूतपूर्व संपादक दि. भा. घुमरे और ल. त्र्यं. जोशी तथा प्रसार माध्यमों से संबंधित अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित थे.
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विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित