गुरुवार, 7 अप्रैल 2016

भारतीय सिन्धु सभा, राजस्थान की क्षेत्रीय कार्यसमिति की बैठक समपन्न

भारतीय सिन्धु सभा, राजस्थान की क्षेत्रीय कार्यसमिति की बैठक समपन्न 
राज्यभर में 150 सिन्धी बाल संस्कार शिविरों का आयोजन,
 20वीं सिन्धु दर्शन  यात्रा 23 जून से



28 मार्च - जननी जन्म भूमि स्वर्ग से महान है, ऐसी भावना कार्यकर्ता में होनी चाहिये । संगठन, सेवा संस्कार का भाव लेकर कार्यकर्ता क्षेत्र में कार्य करे। संघ का विचार है कि मन्दिर, शमशान  भूमि व जल के स्त्रोत सभी के लिए उपलब्ध हो और हम सामाजिक समरसता  से कार्य करते रहे। सिन्ध के गौरवमयी इतिहास पर गर्व करते हुये युवा पीढी को संस्कारों से जोडना कार्यकर्ता का दायित्व है। ऐसे आशीर्वचन  भारतीय सिन्धु सभा, राजस्थान की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यसमिति की होटल कृष्णा,जोधपुर में आयोजित बैठक के समापन सत्र में मा.कैलाषचन्द्र मार्गदर्शक  भारतीय सिन्धु सभा राजस्थान ने दिये। प्रदेषाध्यक्ष श्री लेखराज माधू ने अध्यक्षता करते हुये कहा कि सभा पूज्य सिन्धी पंचायतों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सहभागिकता से कार्य कर रही है। हम सब सेवक है और सिन्ध मिलकर अखण्ड भारत बने ऐसे विचार को आगे बढाये।

प्रदेश संगठन महामंत्री मोहनलाल वाधवाणी ने कहा कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन में सभा की ओर 150 सिन्धी बाल संस्कार शिविरों  का लक्ष्य तय किया गया है और राज्यभर में प्रत्येक तहसील ईकाई में आयोजन किया जायेगा। सिन्धी सेन्ट्रल पंचायत जोधपुर अध्यक्ष श्री राम तोलाणी व चै.हा.बोर्ड पंचायत रमेश  खटवाणी, उपाध्यक्ष प्रभू ठारवाणी ने भी विचार प्रकट किये। रामापीर मनिदर के महन्त भाऊ कन्हैयालाल ने आशीर्वचन देते हयु सभा के कार्यकर्ताओं द्वारा वर्षभर किये जाने वाले कार्यों की सराहना करते हुये सहयोग की बात कही। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राजस्थान प्रभारी श्री गौतम सम्राट, श्री नवलराय बच्चाणी ने देश  भर में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुये राज्यभर में सिन्धी बाल संस्कार शिविरों  व अभ्यास वर्गाें को कार्यकर्ताओं से जुडाव का अच्छा कार्य बताया। 

प्रदेश प्रचार मंत्री श्री सतराम दास मंघनानी ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में प्रदेश भर में 150 सिन्धी बाल संस्कार शिविरों का आयोजन किया जायेगा तथा माह जुलाई  2016  में सम्पूर्ण प्रदेश में सदस्यता अभियान चलाया जायेगा जिसमे 40ए000 सामान्य सदस्य बनाये जाने तथा 7000 सक्रिय  सदस्य बनाये जाने का लक्ष्य तय किया गया द्य इसके अतिरिक्त माह सितम्बर. 2016 से दिसम्बर. 2016 के मध्य प्रदेश के विभिन्न संभागो में कार्यकर्ताओ के लिए 10 संभागीय अभ्यास वर्ग लगाये जायेंगे .

बैठक में प्रदेश  व केन्द्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, संभाग प्रभारी, नगर अध्यक्ष व मंत्री, जिलाध्यक्ष व जिलामंत्री सम्मिलित हुये। सत्र का संचालन प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने किया।

इससे पूर्व सभी अतिथियों द्वारा ईष्टदेव झूलेलाल, भारत माता व सरस्वती माता के चित्र पर पुष्पहार व दीप प्रज्जवलन कर कार्य का शुभारम्भ  किया। स्वागत भाषण अध्यक्ष तीर्थदास डोडवाणी व मंत्री डाॅ. प्रदीप गेहाणी ने आभार प्रकट किया। सिन्धी गीत नरेश भगत ने प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ बैठक का समापन किया गया।

पाच प्रस्ताव सर्वसम्मति से हुए पारित
1.    सिन्धी विषय लेकर अध्यन करने वाले विद्यार्थियों के लिए सिन्धी किताब प्रकाशन वितरण राजस्थान सिन्धी अकादमी की और से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि कि राज्य सरकार से मांग के साथ राजस्थान सिन्धी अकादमी के शीघ्र गठन कि भी मांग की द्य
2.    महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर में स्थापित शोधपीठ में शीघ्र कोर्स तैयार कर शोधकार्य प्राम्भ किये जाये द्य
3.    सिन्धी भाषा के ज्ञान एवं विस्तार हेतु राजस्थान सिन्धी भाषा विकास बोर्ड कि स्थापना कि जाये द्य
4.    सिन्धु दर्शन यात्रा लेह लदाख हेतु राज्य सरकार कि और से स्वीकृति आदेश में संशोधन के साथ बजट में राशि स्वीकृत कि जाये द्य
5.    भारतीय सिन्धु सभा  राजस्थान कि और से पुष्कर में संपन्न हुए पूज्य सिन्धी पंचायत अध्यक्ष ध् मुखी  सम्मलेन में तय किये गए 21 सूत्रीय घोषणा पत्र से प्रदेश भर में पंचायतो के साथ मिलकर कार्य की योजना बने द्य



20वीं सिन्धु दर्शन यात्रा का आयोजन आगामी 23 जून से होगा-

बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश  महामंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि आगामी 23 जून से 26 जून तक यात्रा का आयोजन होगा। यात्रा दिल्ली से हवाई मार्ग के साथ सडक  मार्ग जम्मू व चण्डीगढ से होगी। राजस्थान से 300 तीर्थयात्रियों का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष नवनिर्मित सिन्धु भवन का लोकार्पण भी होगा।


सिन्ध से आये हिन्दु नागरिकों को शीघ्र नागरिकता प्रदान की जाये- आहूजा

सभा की केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने सिन्ध से आये हिन्दु परिवारों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा करते हुये भारत सरकार से शीघ्र नागरिकता देने के साथ एल.टी.वी पर रह रहे नागरिकों को सुविधाये देने के भी विचार रखे। भारत सरकार से संगठन की ओर से सवंाद की भी जानकारी दी।
अलग अलग सत्रों में राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री गोविन्द रामनाणी ने समाज में कुरीतियों को समाप्त करने के लिए जागरूकता के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलनों पर बल दिया। अनावश्यक  खर्चों पर रोक लगे व सेवाकार्यों को बढाया जाये। डाॅ. वासुदेव केसवाणी ने चेटीचण्ड व असूचण्ड पर समाज की ओर से धार्मिक आयोजनो से युवा पीढी को संस्कार मिलने के विचार प्रकट किये।

    डाॅ. प्रदीप गेहाणी ने केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं में सिन्धी विद्यार्थियों को तकनीकी व कम्प्यूटर ज्ञान के कोर्स से जुडने के सुझाव के साथ प्रभावी बनाने के विचार रखे। प्रदेष उपाध्यक्ष टीकम पारवाणी ने युवा पीढी को प्रदेश व महानगर कार्यकारिणी में जोडकर सेवा कार्यों से जोडने के विचार प्रकट किये।
       सांस्कृतिक कार्यक्रम घनश्यामदास हरवाणी, पदमपुर व नरेश  भगत ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रस्तुत किये। सिन्धी गीत, भजन व सामूहिज छेज लगाई गई।

    अलग अलग सत्रों का संचालन राधाकिशन शिवनानी (पाली) महेश  टेकचंदाणी (अजमेर) मास्टर गिरधारीलाल (खेरथल) डाॅ. प्रदीप गेहाणी जोधपुर ने किया।

बैठक में कार्यकर्ताओं के सितम्बर, नवम्बर व दिसम्बर 2016 में राज्यभर में 10 संभागीय अभ्यास वर्गों के आयोजन के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित