बुधवार, 13 जुलाई 2011

जोधपुर में सिमी एक्टिव, खुफिया एजेंसियां चौकन्नी

जोधपुर। जोधपुर, पाली, बाड़मेर व जैसलमेर में स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के एक्टिव होने से खुफिया एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती गांवों में दूसरे राज्यों से आने वाली तब्लीगी जमाते की गतिविधियां यकायक बढ़ गई हैं। बीते दिनों लीड एजेंसियों की बैठक में सिमी की गतिविधियों के इनपुट मिलने पर एजेंसियों ने पूर्व में सक्रिय सिमी नेताओं के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।

एक दशक पहले जोधपुर, पाली व सिरोही में यह संगठन सक्रिय था। जोधपुर में सिमी के दो नेता पकड़े भी गए थे। तीन साल पूर्व जोधपुर, पाली व जैसलमेर में सिमी के पोस्टर दीवारों पर दिखाई दिए, लेकिन गतिविधियां नजर नहीं आईं। खुफिया एजेंसियों के महाराष्ट्र व गुजरात में सक्रिय सिमी कार्यकर्ताओं पर नजर रखने पर उनके तार पश्चिमी राजस्थान से जुड़े होने की जानकारी मिली। फीडबैक के आधार पर यहां निगरानी रखने पर सिमी कार्यकर्ताओं का एक्टिव होना पाया गया।जोधपुर, जैसलमेर व पाली में सिमी कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं को जोड़ने की मुहिम चला रखी है।

गुपचुप बैठकें कर सिमी की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। लीड एजेंसियों ने एक-दूसरे से सिमी की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। एजेंसियां उस आधार पर सिमी नेटवर्क पर पूरी नजर रखे हुए हैं। बैठक में सीमावर्ती गांवों में उत्तर प्रदेश, बिहार व महाराष्ट्र से आने वाले तब्लीगी जमात की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर खुफिया एजेंसियां उन पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित