सोमवार, 13 नवंबर 2017

संघ शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र - पराग जी अभ्यंकर, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख

गुणवत्ता पथ संचलन सम्पन्न
संघ शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र  - पराग जी अभ्यंकर, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख 


 
पाली 12 नवम्बर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  द्वारा आज नगर में पाली विभाग का गुणवत्ता पथ संचलन निकाला गया। जिसमे पूर्ण गणवेश में सैकड़ों स्वंयसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर भाग लिया।

एक लय में बजते घोष की ताल पर एक साथ उठते कदम, घोष दंड के हरकतों से ही पूरी कतार पर नियंत्रण और समय की पाबंदी देख लोग आश्चर्य चकित हो गए। यह नजारा शहर में दिखाई दिया। जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवकों ने शहर में गुणवत्ता पथ संचलन निकाला। पूर्ण गणवेश पहने घोष की आवाज के साथ सैकड़ों स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर सीना ताने दंड धारण किए पूर्ण उत्साह के साथ शहर की गलियों से गुजरे तो हर कोई देखता रहा गया। 

घोष की ध्वनि ने शहर वासियों में जोश भर दिया जहाँ जहाँ से भी संचलन निकला पूरे रास्ते मे माहौल जय शिवा सरदार की....., बोलो रे बेलियो....., वंदे मातरम....., भारत माता की जय....., राष्ट्र भक्ति के उद्घोषों से गूंज उठा। संचलन का जगह जगह भारी पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। बालिकाओं और महिलाओं ने संचलन मार्ग पर स्वंयसेवकों के स्वागत हेतु अनेको जगह रंगोलियां सजाई। हर कोई नागरिक अति उत्साह से संचलन का स्वागत कर रहा था।

संघ के विभाग संघ चालक माननीय कमल गोयल ने बताया कि नए गणवेश में नगर में यह तीसरा संचलन है इस बार पूरे पाली विभाग का गुणवत्ता संचलन निकाला गया है पूर्व में पाली नगर का गुणवत्ता संचलन निकाला गया था। गुणवत्ता पथ संचलन प्रातः 10 बजे दुर्गादास नगर स्थित लोढ़ा स्कूल से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सराफा बाजार, रामद्वारा, खोडिया बालाजी, गोकुल वाड़ी से होते हुए सरस्वती स्कूल पहुँच कर समाप्त हुआ।

- कदम से कदम मिलेंगे तभी दिल मिलेंगे -
संचलन के बाद कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग जी अभ्यंकर ने कहा कि कदम से कदम मिलाकर चलना यह हमारा संस्कार है वेदों में भी कहा गया है साथ मे चलते हुए साथ मे बैठकर के विचार करते हुए साथ में कर्म करने के लिए जो समूह प्रबुद्ध होता है वो हमेशा विजयी हासिल करता है। पूर्व काल मे देवताओं ने भी जो विजय प्राप्त की वो साथ मे मिलकर काम करने से की। कदम से कदम मिलाकर साथ चलने से एक दूसरे के प्रति आत्मीयता का भाव जाग्रत होता है। संचलन तो एक माध्यम है मूल उद्देश्य तो कदम से कदम मिलते हुए हमारे ह्रदय से ह्रदय मिले और साथ मिलकर समाज व राष्ट्र निर्माण का कार्य करें। उन्होंने कहा कि 1925 में संघ की एक घंटे लगने वाली शाखा की स्थापना हुई। वह संघ का मूल आधार है। पिछले 92 वर्ष में संघ में समय-समय पर अनेक परिवर्तन हुए लेकिन शाखा के कार्यक्रमों में कोई परिवर्तन की आवश्यकता नही पड़ी क्योंकि शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र है। संघ की प्रेरणा से चलने वाले अनेक संगठनों में समाज के बंधुओं को सक्रिय करने का कार्य सतत चल रहा है।

- जगह-जगह हुआ स्वागत -
गुणवत्ता पथ संचलन का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसमें जनप्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न संगठनों द्वारा ध्वज पर पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया गया। रास्ते में जगह-जगह नागरिकों ने स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। बालिकाओं और महिलाओं ने भी मार्ग में जगह-जगह रंगोली व पुष्प सज्जा से पथ संचलन का स्वागत किया। लोढ़ा स्कूल से सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सराफा बाजार, रामद्वारा, खोडिया बालाजी, गोकुल वाड़ी, सरस्वती स्कूल तक विशेष स्वागत किया गया। कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगो ने भी पथ संचलन का स्वागत किया।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित