मंगलवार, 9 अगस्त 2011

रमेश चेन्नीथला को कानूनी नोटिस भेजेगी आरएसएस

तिरुअनंतपुरम, 6 अगस्त : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने केपीसीसी अध्यक्ष रमेश चेन्नीथला तथा राज्य के युवा कांग्रेस अध्यक्ष पी सी विष्णुनाथ के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। इन दोनों ने अपने बयानों को वापस लेने में अनिच्छा दिखाई है जिसमें इन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ है।

आरएसएस के प्रांतीय कार्यवाहक गोपालनकुट्टी मास्टर ने कहा कि चेन्नीथला ने आरएसएस के खिलाफ जो बयान दिया है उसे साबित करने में वे विफल रहे हैं जिसे देखकर उनके स्तर के नेता को अपना बयान वापस ले लेना चाहिए। रमेश चेन्नीथला ने अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए आरएसएस विरोधी बयान दिया होगा। पदम भूषण पुरस्कार विजेता जस्टिस के टी थामस का कहना है कि महात्मा गांधी की हत्या से आरएसएस का कोई लेना-देना नहीं है।

इरनाकुलम में आयोजित गुरु पूजा समारोह, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे, के दौरान अपने अध्यक्षीय भाषण में थामस ने कहा था गांधीजी का हत्यारा एक समय आरएसएस का सदस्य रह चुका था केवल इसी बात को लेकर यह नहीं कहा जा सकता कि इसके पीछे पूरा संगठन संलिप्त था। जिस तरह इंदिरा गांधी की हत्या के लिए पूरे सिख कौम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। गोपालन कुट्टी मास्टर ने आगे कहा कि थामस ने इस मामले में आरएसएस को क्लिन चिट दी है जिसे रमेश चेन्नीथला पचा नहीं पा रहे हैं जो हमेशा वोट बैंक की राजनीति करना चाहते हैं।

केन्द्र सरकार द्वारा 1966 में गठित जस्टिस जीवनलाल आयोग ने भी गांधीजी की हत्या को लेकर आरएसएस के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया था। जवाहर लाल नेहरू ने गांधीजी की हत्या के पीछे आरएसएस की भूमिका की जांच करने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल को नियुक्त किया था। आरएसएस के खिलाफ ये आरोप झूठे पाए गए जिसके बाद केन्द्र सरकार ने इस संगठन पर से प्रतिबंध हटा लिया।

http://www.newsbharati.com/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0.aspx#

source :

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित