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 पूजनीय सरसंघचालक त्रिदिवसीय  प्रवास पर दिल्ली   में 
परम पूज्य सरसंघचालक का वनवासी समाज के साथ भावनात्मक एकीकरण पर जोर
मेरा जीवन मेरे सुख के लिए नहीं, दरिद्र नारायण की सेवा व भारत को विश्वगुरू बनाने के लिए, यही विवेकानन्द का सन्देश – श्री मोहन राव जी भागवत