गुरुवार, 2 मार्च 2017

केरल जैसी देवभूमि को रक्त रंजित करने वाली कम्यूनिस्ट सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए - गंगाविशनजी

केरल जैसी देवभूमि को रक्त रंजित करने वाली कम्यूनिस्ट सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए - गंगाविशनजी
 
 राष्ट्रीय जनाधिकार मंच द्वारा केरल में राष्ट्रवादी विचार संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हुए नृशंस अत्याचार व लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में जिला स्तर पर आक्रोश सभा
 
 
आक्रोश सभा का एक द्रश्य  

महामण्डलेश्वर महेश्वरानंन्द आक्रोश सभा को सम्बोधित  करते हुए 
पाली 1 मार्च। राष्ट्रीय जनाधिकार मंच द्वारा केरल में राष्ट्रवादी विचार संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हुए नृशंस अत्याचार व लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में जिला स्तर पर आक्रोश सभा का आयोजन कर पाली जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर विभिन्न संगठनों द्वारा धरना दिया गया। इस आक्रोश सभा में बोलते हुए महामण्डलेश्वर महेश्वरानंन्द के कहा की भारतीय संस्कृति के कतरे कतरे में अहिंसा भरी हुई है, भारत ने किसी पर आक्रमण नही किया है, ऐसी महान भारतीय संस्कृति में हिंसा का होना बहुत ही चिंता का विषय है। यह लड़ाई विधर्मियो की लड़ाई है और ये विधर्मि राजनीति का सहरा लेकर जो अत्याचार कर रहे है, उनके नापाक मंसुबों का जबाब हम सेवा कार्यों के द्वारा देकर हमारी संस्कृति का परचम एक बार फ़िर लहरायेंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्तीय सह बौद्धिक प्रमुख गंगाविशनजी  आक्रोश सभा में बोलते हुए
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्तीय सह बौद्धिक प्रमुख गंगाविशनजी ने आक्रोश सभा में बोलते हुए कहा की एक राष्ट्रीयवादी संगठन द्वारा धरना देना हमारी आदत नही बल्कि मजबूरी है। हमारी संस्कृति विषदंत निकालकर गर्दन मरोड़ने की क्षमता रखते हुए भी सिर्फ सहनशिलता को इसलिये धारण किया है कि हम हिंसा में विश्वास नही करते। उन्होनें कम्यूनिस्ट विचार धारा को आड़े हाथों लेते हुए कहा की धर्म को अफ़ीम कहने वाले, विवाह संस्था का विरोध करने वाले व राष्ट्रवाद व परिवारवाद को नही मानने वाले साम्यवादियों ने ईर्ष्या, द्वेष व घृणा के जो बीज बोये थे, वे उन्हीं के गले की हड्डी बन चुके है और वे विश्व के  मानचित्र से विलिन होते जा रहे है। केरल जैसी देवभूमि को रक्त रंजित करने वाली कम्यूनिस्ट सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।

अग्रवाल महिला मंडल की अँजना सर्राफ ने महिला शक्ति को जाग्रत रहने का आह्वान करते हुए संस्कारों के माध्यम से समाज को जागरूक रखने की अपील की। उषा अखावत ने कहा कि पिछले 90 वर्षों से सेवा प्रकल्पो के माध्यम से सेवा कार्य से जुड़े स्वयंसेवको पर अत्याचार कर मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं का विरोध कर मातृशक्ती को भी अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।

राष्ट्रीय जनाधिकार मंच के संयोजक विनय बम्ब ने कहा की यह संघर्ष दो विचारधाराओं का संघर्ष है। इसमें एक विचारधारा देश को बाँटने वाली तथा दूसरी विचारधारा सामाजिक समरसता से जोड़ने वाली है। हमें देश को जोड़ने वाली विचार धारा का समर्थन कर भारत माता को परम वैभव पर पहुँचना है।

इस आक्रोश सभा में भारतीय सिंधुसभा, भारतीय शिक्षण मंडल, अखिल भारतीय विधार्थी परिषद, श्री संत सभा, विधाभारती, जैन युवा संगठन व अग्रवाल समाज सहित सभी समाज के संगठनों ने भाग लिया। इसके पश्चात् केरल में बलिदान हुए राष्ट्रीयवादी विचार संगठनों के कार्यकर्ताओं की आत्मा की शांति के लिए शांति पाठ का आयोजन कर राष्ट्रपति के नाम ज़िलाधीश को ज्ञापन दिया।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित