गुरुवार, 10 मार्च 2016

संघ की प्रतिनिधि सभा में षिक्षा, स्वास्थ्य और समरसता पर होगी चर्चा

संघ की प्रतिनिधि सभा में षिक्षा, स्वास्थ्य और समरसता पर होगी चर्चा
सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण षिक्षा सभी को प्राप्त हो
नागौर 10 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डाॅ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में षिक्षा, स्वास्थ्य और समरसता आचारण समाज में बढ़े इस पर चर्चा की जाएगी। बैठक में स्वयंसेवको की गणवेष परिवर्तन पर भी निर्णय संभव है। 
वैद्य गुरूवार को संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने से पूर्व पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। बैठक 11 से 13 मार्च तक चलेगी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा की बैठक प्रतिवर्ष मार्च में होती है। इसमें संघ के सरकार्यवाह वर्षभर के काम का प्रतिवेदन रखते हैं। देषभर के भिन्न भिन्न प्रांतो में हुए नए प्रयोगों और विषेष कार्यक्रमों और उलब्धियों की जानकारी भी प्रतिनिधि सभा में साझा की जाएगी। 
तीन विषयों पर पारित होंगे प्रस्ताव
वैद्य ने बताया कि प्रतिनिधि सभा में षिक्षा, स्वास्थ्य और समरसता को लेकर तीन प्रस्तावों पर चर्चा कर इन्हें पारित किया जाएगा। 
षिक्षा का निजीकरण होने के साथ साथ यह महंगी हो होती जा रही है। गुणवत्तायुक्त षिक्षा सर्वसामान्य को सस्ती सुलभ हो इस पर सरकार और समाज को पहल करनी चाहिए। 
स्वास्थ्य के क्षेत्रे में नवीन आविष्कार होने के साथ साथ स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो रही है। स्वास्थ्य सेवा लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। देष के प्रत्येक नागरिक को सस्ती, सुलभ और परिणामकारी स्वास्थ्य सेवा मिले इसके लिए सरकार और समाज को पहल करनी होगी। 
उन्होंने कहा कि तृतीय सरसंघचालक बालासाहब देवरस का जन्मषताब्दी वर्ष को समरसता वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय हुआ है। देष में जातिगत आधार पर भेदभाव हो रहा है, जो हिन्दू समाज के मूल चिंतन में नहीं है। जातिगत विषमता दूर हो। सामाजिक समरसता केवल बोलने तक ही सीमित नहीं रहे, यह आचरण में भी आए और समाज व्यापी बने।श् 
देष में 92 स्थानों पर लगेंगे संघ षिक्षा वर्ग
वैद्य ने बताया कि देषभर में 92 स्थानों पर स्वयंसेवकों के प्रषिक्षण के लिए संघ षिक्षावर्ग लगाए जाएंगे। इनमें करीब 15 से 20 हजार षिक्षार्थी भाग लेंगे। चालीस वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवकों लिए विषेष वर्ग लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देषभर 55 हजार से अधिक शाखाएं लगती है। इनमें 91 प्रतिषत शाखाएं युवाओं की है।  
गणवेष में बदलाव के संकेत 
वैद्य ने गणवेष पर लग रही अटकलों पर विराम देते हुए कहा कि संघ की गणवेष में समय के समय पर परिवर्तन होता आया है। पिछले एक वर्ष से गणवेष के बदलाव को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। इस बैठक में इस पर निर्णय संभव है।  

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित