शुक्रवार, 6 नवंबर 2015

जनसंख्या वृद्वि में असंतुलन देश की एकता के लिए संकट : ललित जी शर्मा

जनसंख्या वृद्वि में असंतुलन देश की एकता के लिए संकट : ललित जी शर्मा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके प्रांत संघ चालक ने साहित्यकारों के सम्मान लौटाने को अनुचित बताया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक ललित जी शर्मा ने कहा कि देश में समान जनसंख्या नीति बननी चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों देशवासियों से जनसंख्या में असंतुलन उत्पन्न कर रहे सभी कारणों की पहचान कर जन जागरण द्वारा देश को जनसांख्यिकी असंतुलन से बचाने के सभी से विधि सम्मत प्रयास करने का आह्वान किया।
 वे गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रांची में हुई बैठक में देश के पूर्वोत्तर राज्यों में पांथिक आधार पर हो रहा जनसांख्यिकी असंतुलन के गंभीर रूप लेने पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने राष्ट्रीय नागरिक पंजिका का निर्माण कर उन घुसपैठियों को नागरिकता के अधिकारों तथा भूमि खरीद अधिकार से वंचित करने की भी मांग की गई।
संघ का कार्य व्यक्ति का चरित्र निर्माण करना 
शर्मा ने कहा कि संघ की शाखाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है। जोधपुर प्रांत में वर्तमान में 382 स्थानों पर 1552 शाखाएं हैं, जो पिछले साल के अनुपात में ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण का है। संघ से जुड़े संगठन अपने-अपने स्तर पर कार्य रहे हैं।
असहिष्णुता हिंदुओं के स्वभाव में नहीं
शर्मा ने असहिष्णुता के सवाल पर कहा कि हिंदुस्तान में असहिष्णुता हाे नहीं सकती और ही हिंदुओं के स्वभाव में है। उन्होंने कहा कि ऐसा होता तो इस मुद्दे पर बहस नहीं चलती। यह सब कुछ साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों की ओर से सम्मान लौटाना अनुचित कदम है।

 







साभार: दैनिक भास्कर 













विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित