गुरुवार, 27 अगस्त 2015

आज देश को सशक्त तकनीकी राष्ट्रवाद की आवश्यकता है: डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा

आज देश को सशक्त तकनीकी राष्ट्रवाद की आवश्यकता है: डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा 




जोधपुर 22 अगस्त . स्वदेशी जागरण मंच जोधपुर प्रांत द्वारा ‘‘भारतीय औद्योगिक विकास के लिए स्वदेशी अवधारणा’’ विषय पर जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में प्रांतीय संगोष्ठी आयोजित की गयी।

    संगोष्ठी में क्षेत्रीय संघचालक राजस्थान व अखिल भारतीय सह संयोजक स्वदेशी जागरण मंच के डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि देश के उद्योगो को बढाने के लिए तकनीकी राष्ट्रवाद की आवश्यकता है। अमेरीका, चीन इसी राष्ट्रवाद के कारण वैश्वीकरण के लीडर है। देश में उद्यमता को अनुकूल वातावरण देने की जरूरत है। तभी हम विश्व के अगुवा राष्ट्र बन पायेगे। आज विश्व की कुल जीडीपी में हमारा योग मात्र 2.04 प्रतिशत है जबकि 1500 वर्ष पहले 32 प्रतिशत था। उस समय हमारे देश में सभी उद्योग फलफूल रहे थे। राजाओं द्वारा उन्हें प्राश्रय देने की आवश्यकता है। इसके लिए जोधपुर में भी अलग-अलग उद्योग सहायता समूह बनाकर आर एण्ड डी विकसित करने की जरूरत है। सोलर ऊर्जा, स्टील उद्योग, ग्वारगम, हैण्डीक्राफ्ट आदि में इसके द्वारा जोधपुर देश का शीर्ष औद्योगिक शहर बनने की क्षमता रखता है। केवल इनकी उचित ब्रांडिग की आवश्यकता है। इसके लिए तकनीकी लोगो के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि हम चीनी माल खरीद कर अपनेदेश को नुकसान पहुंचा रहे है। 1917 में एक रूपये में  13 डाॅलर आता था आज 63 रूपये में 1 डाॅलर आता है। इसका मुख्य कारण विदेशी व्यापार घाटा है। इसको हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर रोक सकते है। 1947 से 1991 तक समाजवाद के कारण हमारी कम्पनीयें का विकास अवरूद्ध हो गया। आज भी विभिन्न लाइसन्सों के द्वारा यह अवरूद्ध है। इसको हटाने की आवश्यकता है।

     संगोष्ठी में मुख्य अतिथि कश्मीरी लाल अखिल भारतीय संगठक स्वदेशी जागरण मंच ने बताया कि राजस्थान की धरती के अन्दर सोना है और यहां की गर्मी आने वाले दिनों में सोलर ऊर्जा द्वारा पूरे देश को रोशन करेगी। उन्होने उद्यमियों को कहा कि उन्हें आर एण्ड डी में अधिक निवेश की आवश्यकता है। नयी-नयी तकनीकों को अपनाकर ही हम विश्व की एक मजबूत आर्थिक ताकत बन सकते है। सरकार का भी दायित्व है कि उनहे खुला वातावरण प्रदान करे तथा रिसर्च के लिए वास्तविक छूट प्रदान करे। उन्होने कहा कि आज विश्व के कई देशो को हमारे फार्मा, सोलर, आईटी सेक्टरो से ईष्र्या है तथा इसको रोकने के लिए कई अवैध प्रतिबिम्बों का सहारा ले रही है। स्वदेशी जागरण मंच ऐसे बौद्धिक लोगो का समूह है जो राष्ट्रवादी राजनेता व उद्योगेपतियों के साथ लेकर किस प्रकार देश को समृद्ध बना सकता है और सभी वर्गो को समान रूप से इसका लाभ मिले। इसके लिए चिन्तन व प्रयास करता है।

    संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डीआडीओ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामगोपाल ने बताया कि स्वदेशी, स्वालंबी व स्वाभिमानी लोगो के द्वारा ही एक आदर्श देश का निर्माण होता है और मंच ऐसे ही लोगो का समूह व संगठन है जो कि देश निर्माण के लिए आम लोगो, युवा व बच्चो को जागृत कर रहा है। इसके लिए मंच के लोग अनेको कार्यो के द्वरा लोगो को प्रशिक्षित कर रहा है। उन्होने कहा कि अच्छा उत्पाद वही है जिसमें ग्राहक का लाभ छिपा हो। हमारी स्वदेशी कम्पनियां इसी ध्येय से उत्पाद बनाती है। इसके लिए हमें जीरो डिफेक्ट प्रबन्धन करना पड़ेगा व टोटल क्वालिटि मेंटेन करनी पड़ेगी। यदि आज यह हसंकल्प ले कि हम चाईनीज वस्तुओं को काम में न ले तो कुछ ही वर्षो में चाइना टूट जायेगा।

    संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि जेआइए के उपाध्यक्ष रमेश गांधी ने बताया कि आज लघु कुटीर उद्योगो को बचाने की जरूरत है। और विदेशी उत्पादों के कारण जो धन देश से बाहर जा रहा है इसको स्वदेशी अपनाकर रोकना है। जिससे सभी को रोजगार प्राप्त होगा।

राष्ट्रीय सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन - संगोष्ठी में दिसम्बर माह के 25, 26, 27 तारीख को प्रस्तावित स्वदेशी राष्ट्रीय सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन भगवती प्रकाश शर्मा, कश्मीरी लाल, सतीश कुमार भागीरथ चौधरी  द्वारा किया गया।

अभ्यास वर्ग सम्पन्न - स्वदेशी जागरण मंच के जोधपुर प्रांत का जेआईए सभागार में फलौदी, बीकानेर, पाली, सिरोही, बाड़मेर आदि जिलो से आये कार्यकर्ताओं का अभ्यास वर्ग आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न सत्र हुआ जिसमें डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा ने कार्यकर्ताओं को विभिन्न उदाहरणो को देते हुए स्वदेशी अवधारणा को समझाया।

    मंच के अखिल भारत के संगठक कश्मीरीलाल ने बताया कि कार्यकर्ताओं को जागरूक रहने की आवश्यकता है तभी वह समाज को जागृत कर सकेगा। मंच के उत्तरी भारत के संगठक सतीश कुमार राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए कार्यकर्ताओं को कमर कसने को कहा तथा स्वदेशी विचारधारा को समाज के सभी वर्गो तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

    इस संगोष्ठी में मंच के राजस्थान के संयोजक भागीरथ चैधरी, सह संयोजक धर्मेन्द्र दुबे, मंच के प्रवक्ता संदीप काबरा, राष्ट्रीय सह संपर्क प्रमुख डाॅ. रणजीत सिंह, राष्ट्रीय परिषद सदस्य देवेन्द्र डागा व लूणाराम, जिला संयोजक अनिल माहेश्वरी, सहसंयोजक मनोहर चारण, अनिल वर्मा, रोहिताष पटेल, विनोद मेहरा, मिथिलेश कुमार झा, महेश गौड़, प्रमोद पालीवाल, महेश जांगिड़, लक्ष्मीकांत, राजेश दवे आदि अनेक जिलो से आये दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित थे।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित