गुरुवार, 18 जून 2015

राजस्थान की सीमाजन कल्याण समिति को तृतीय सिंधुपति महाराजा दाहरसेन सम्मान

राजस्थान की सीमाजन कल्याण समिति को तृतीय सिंधुपति महाराजा दाहरसेन सम्मान
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने वीर रस की कविताओं से महाराजा दाहरसेन को किया नमन






 

अजमेर 16 जून। सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन स्मारक विकास एवं समारोह समिति अजमेर, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से 1303वां बलिदान दिवस समारोह हरिभाऊ उपाध्याय नगर स्थित दाहरसेन स्मारक पर आयोजित किया गया। 
समारोह के आरंभ में महाराजा दाहरसेन सर्किल से सीमाजन कल्याण समिति, जोधपुर के प्रदेश महामंत्री एडवोकेट बंशीलाल जी भाटी व प्रदेश कोषाध्यक्ष जयकिशन जी डागा को बग्धी में बैठा कर और बैंड की धुन के बीच पुष्प वर्षा करते हुए मुख्य द्वार तक हरिभाऊ उपाध्याय नगर विस्तार के पदाधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया, जिसका नेतृत्व महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमति अनिता जी भदेल ने किया। स्मारक में प्रवेश के बाद हिंगलाज माता की पूजा-अर्चना की गई और महापुरुषों के चित्रों के साथ महाराजा दाहरसेन के मूर्ति पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
 
समारोह की शुरुआत कुमारी ममता तुलस्यिाणी की ओर से प्रस्तुत राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के साथ हुआ। इसके बाद संतों का माला व शॉल पहना कर स्वागत किया गया। स्वागत भाषण के बाद श्रीमती अनिता जी भदेल राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, श्री ओंकार सिंह जी लखावत अध्यक्ष राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रौन्नति प्राधिकरण ने सभा को संबोधित किया। श्री चम्पालाल जी महाराज, मुख्य उपासक, भैरवधाम, राजगढ़ और स्वामी श्यामदास जी, बालकधाम, किशनगढ़, राष्ट्रीय महामंत्री, अखिल भारतीय सिन्धी साधु सन्त समाज, स्वामी आत्मदास निर्मलधाम ने आशीर्वचन देते हुये स्मारक से सनातन धर्म प्रचार का केन्द्र बताया।

तृतीय राष्ट्रीय सम्मान सीमाजन कल्याण समिति जोधपुर के साथ विजेता हुए पुरस्कृत

इसके बाद सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन का तृतीय राष्ट्रीय सम्मान सीमाजन कल्याण समिति, जोधपुर के बारे में संक्षिप्त परिचय देकर समिति के पदाधिरियों का सभी अतिथिगण व संत समाज के हाथों रुपये 51000 का ड्राफ्ट, शॉल, श्रीफल, माला इत्यादि से अभिनंदन किया गया। सम्मान लेने के बाद महामंत्री बंशीलाल जी भाटी का उद्बोधन में कहा कि यह सम्मान समिति के कार्याें व कार्यकर्ताओ के त्याग के कारण प्राप्त हुआ है।  यह राशि इन्ही सेवा कार्यों के साथ महाराजा द्ाहरसेन के बलिदान से प्रेरणा लेकर शिक्षा में उपयोग लिया जायेगा। सीमाजन कल्याण समिति, जोधपुर राजस्थान की सीमा क्षेत्र में रहने वाले विस्थापितों हेतु शिक्षा, राष्ट्रीय प्रेम भावना, गौसेवा, चिकित्सा सहित अन्य सेवाओं में समर्पित संस्था है।
 
ज्ञातव्य है समिति की ओर से हर वर्ष सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन के जीवन मूल्यों के संरक्षण, सवंर्द्धन एवं प्रकाशन के साथ सिन्धु सभ्यता पर किये गये शोध कार्य, साहित्यिक, लेखन कार्य, प्रकाशन एवं नाट्य विद्या में किये गये उल्लेखनीय कार्य व सिन्ध से आये विस्थापितों के पुनर्वास हेतु व्यक्तिगत या संस्था को राष्ट्रीय सम्मान दिया जाता है, जिसमें 51 हजार रुपये की नकद राशि श्रीफल, प्रशस्ति पत्र के साथ प्रदान किया जाता है। समिति द्वारा प्रथम सम्मान वर्ष 2013 में इण्डियन इंस्ट्यिूट ऑफ सिन्धोलॉजी, आदीपुर, गांधीधाम को एवं द्वितीय सम्मान पिछले वर्ष 2014 को शदाणी दरबार, रायपुर (छतीसगढ़) के सन्त युधिष्ठर लाल जी को समारोहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर प्रदान किया गया था।
इस मौके पर रंगभरो प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र देकर किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली द्वारा सिन्ध की प्रदर्शनी के साथ पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
समारोह में नई दिल्ली से आए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. घनश्याम दास जी, भारतीय सिन्धु सभा के प्रदेश संगठन महामंत्री मोहनलाल वाधवाणी ने स्मारक पर विशाल आडिटोरियम व मदस विश्वविद्यालय में सिन्धु पीठ की चर्चा की। बाड़मेर से श्री तेजदानसिंह व मौल्लवी अब्दुल करीम ने भी अपने विचार प्रकट किये। स्वागत भाषण महेन्द्र कुमार तीर्थाणी व आभार संयोजक सम्पत सांखला ने किया। समारोह का सफल संचालन आभा भारद्वाज ने किया।

कवि सम्मेलन में हुआ देश भक्ति के साथ महाराजा द्ाहरसेन के बलिदान को किया याद

समारोह के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें आरंभ में पार्षद श्री सम्पत सांखला द्वारा कविवृंद श्री हरिओम जी पंवार, श्री जगदीश सोलंकी, श्री अशोक चारण का परिचय दिया गया।
 
सम्मेलन में हरिओम पंवार ने कहा कि हम केवल हिन्दुस्तान के अन्दर क्रोध को जिन्दा करके रखे देखना जरूर सिन्ध को लेकर रहेगें........., संस्कार व संस्कृति के केन्द्र को सदैव याद रखना है...........।
 
अशोक चारण ने अजमेर की पवित्र धरती को देश भर में राष्ट्रभक्ति का केन्द्र बताकर कहा कि अब सीमा पर कोई ललकार के तो देखे ईट का जवाब पत्थर से दिया जायेगा.................का खूब तालिया से स्वागत किया गया। कवि जगदीश सोलंकी ने महारजा दाहरसेन के पूरे परिवार की बलिदान कीगाथा को वीर रस में प्रस्तुत कर जनता की खूब वाह वाह लूटी।
 
समारोह में अजमेर विकास प्राधिकरण की सचिव स्नेहलता पंवार, जिला रसद अधिकारी सुरेश सिन्धी, पूर्व सांसद प्रो. रासासिंह रावत, पूर्व विधायक श्री बाबूलाल सिंगारिया, श्री नवलराय बच्चाणी, हरीश झामनाणी, पूर्ण शंकर दशोरा, नवीन सोगाणी,कमल पंवार, शैलेन्द्र सतरावाला, तुलसी सोनी, खेमचन्द नारवाणी, नरेन शाहणी भग्त, महेश टेकचंदाणी नरेन्द्र बसराणी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलो से कार्यकर्ता उपस्थित थे।


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित