गुरुवार, 29 जनवरी 2015

जोधपुर में "पाणिग्रहण कुम्भ" सुदर्शन सेवा समिति की ओर से सम्पन्न


"जोधपुर में पाणिग्रहण कुम्भ"
सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह में 101 जोड़े बने जीवनसाथी 


दूल्हों  की बारात का इक द्रश्य
गणमान्य जन भी पहुंचे  देने



इन्तजार  में ....




जोधपुर ।  बसंतपंचमी के  शुभावसर पर सुदर्शन सेवा संस्थान  की ओर से कमला नेहरू नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर केशव नगर परिसर में सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह इस वर्ष भी आयोजित किया गया।  

   
सामाजिक समरसता के इस अनूठे आयोजन में 51 दूल्हों की बारात जूना खेड़ापति हनुमान मंदिर से और 50 दूल्हों की बारात रावण का चबूतरा मैदान से रवाना हुई। एक साथ दूल्हों  की बारात के दृश्य ने राह  चलते लोगो का ध्यान भी अपनी तरफ खिंचा। बारात विभिन्न मार्गों से होते हुए विवाह स्थल "श्रुतम्",आदर्श विद्या मंदिर पहुंची। जहां आयोजकों ने बारातियों का स्वागत किया।  

समारोह में राष्ट्रीय  स्वयंसेवक संघ के प्रान्त संघचालक ललित जी शर्मा,महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री अनीता भदेल,भाजपा के वरिष्ठ नेता ओंकारसिंह लखावत, जोधपुर नगर निगम के महापौर घनश्याम ओझा ने उध्बोधन दिया।  अतिथि गणों  का परिचय संस्थान के उपाध्यक्ष निर्मल गहलोत ने करवाया। मंच सञ्चालन मंत्री नथमल पालीवाल ने किया।
 
भव्य पंडाल में सजाये गये  मंडपों में 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। 

पाणिग्रहण संस्कार का अद्भुत कार्यक्रम देखते ही बन रहा था।  १०१ कुटिया  बनाई गई थी जहाँ  दूल्हे-दुल्हनों  तथा परिवारजनो के बैठने की उचित व्यवस्था की गई थी , हर वैवाहिक मंडप में एक पण्डित था जो पाणिग्रहण संस्कार को पूर्ण करवा रहा था।  मुख्य पंडित राजेश दवे   पंडाल के मध्य एक मंच से मंत्रोच्चारण कर रहे थे।  सभी दूल्हे-दुल्हनों का एक साथ हस्त-मिलाप, एवं फेरे लेने का दृश्य देखते ही बन रहा था।  

पाणिग्रहण संस्कार के पश्चात सामुहिक भोजन की सुन्दर वयवस्था भी की गई थी।  

सुदर्शन सेवा संस्थान के अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता "काका" ने बताया कि सुदर्शन सेवा संस्थान का गठन राष्ट्रीय  स्वयंसेवक संघ एवं सहकार भारती की प्रेरणा से तीन वर्ष पूर्व सेवा एवं सहकार के लिए किया गया था।  

 महामंत्री कमलेश गहलोत ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में विवाह समारोह में आर्थिक प्रदर्शन एवं दहेज़ प्रथा की समस्याओं  के चलते सामान्य व्यक्ति को वैवाहिक कार्यक्रम को पूर्ण करने में कठिनाई अनुभव करता हैं। सुदर्शन सेवा संस्थान ने सर्व सामान्य वर्ग को आडम्बरपूर्ण एवं दहेज़ प्रथा से मुक्त हो स्वाभिमान से अपने पुत्र-पुत्रियों के पाणिग्रहण संस्कार को सम्पन्न करवाने की पहल की है। 

महामंत्री कमलेश गहलोत  ने बताया कि समाज में समानता, समरसता एवं  एकात्मता का भाव  उत्पन्न करने के  उद्देश्य  से सर्वजातीय सामूहिक विवाह करने का निर्णय लिया गया था जिसे समाज से स्वीकारा और उत्साहजनक परिणाम के कारण इस बार १०१ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे गत वर्ष भी अक्षय तृतीया के दिन ५७ जोड़ो के सामूहिक विवाह कार्यक्रम किया गया था।  
पाणिग्रहण संस्कार का एक दृश्य
सामूहिक विवाह के इस कार्यक्रम में प्रत्येक वधु को उसके नाम से  १० हजार रूपये की सावधि जमा (Fixed Deposit) राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा दी गई।  

सुदर्शन सेवा संस्थान द्वारा प्रत्येक नवदम्पति को घर संचालन हेतु काम आने वाली वस्तुएं भी भेंट की गई। 

सामूहिक विवाह में पंजीयन की प्रक्रिया के बारे में पूछने पर बताया गया कि  लड़के एवं लड़की के जन्म प्रमाण  पत्र , आवासीय प्रमाण पत्र , ४-४ फोटो सहित पंजीयन प्रपत्र भर कर, लड़के,लड़की,माता पिता अथवा सरंक्षक तथा दो गवाह के हस्ताक्षर करने विवाह हेतु पंजीयन किया जाता हैं।  पंजीयन हेतु ११०० रूपये मात्र वर तथा वधु पक्ष से लिए जाते है अन्य सभी व्यय संस्थान द्वारा किया जाता है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक मुरलीधर जी, प्रांत संघचालक ललित कुमार जी शर्मा, प्रान्त कार्यवाह जसवंत जी खत्री , सह प्रान्त कार्यवाह श्याम मनोहर जी ,महाधिवक्ता नरपत मल जी लोढ़ा, सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत, राज्यसभा सदस्य नारायण पंचारिया ,  उपमहापौर देवेन्द्र सालेचा, विधायक कैलाश भंसाली , सूर्यकांता व्यास, तथा जोगाराम पटेल, अतिरिक्त महाधिवक्ता कान्ति  लाल जी ठाकुर, श्रीकिशन गहलोत, नन्द लाल भाटी सहित अनेक गणमान्य लोग पहुंचे और नव दंपतियों को आर्शीर्वाद दिया। समिति के अध्यक्ष रतनलाल गुप्ता "काका", महामंत्री कमलेश गहलोत, मंत्री नथमल पालीवाल, दुर्गासिंह गहलोत, रामस्वरूप गोधा, पुखराज चौपड़ा, विनोद आसोपा, कृष्ण गोपाल वैष्णव सहित कई कार्यकर्ताओं  ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। 


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित