बुधवार, 7 जनवरी 2015

ये स्वयंसेवक हैं कहते नहीं करते हैं

ये स्वयंसेवक हैं कहते नहीं करते हैं




विश्व संवाद केन्द्र उत्तराखंड। रूद्रप्रयाग/देहरादून, रूद्रप्रयाग जिले के नवीन और संदीप ने समाज में एक नई  मिशाल पेश की है। ये नौजवान उन लोगों में से हैं जिन्होंने नव वर्ष मनाने के बाद अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। इन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझा और बिना किसी को नसीहत दिये सफाई अभियान में जुट गये।

 स्थानीय लोगों के अनुसार रूद्रप्रयाग के मनोरम स्थल देवरिया ताल में कई लोगों ने इस बार नये साल का जश्न मनाया। जश्न मनाने के बाद लोग घर को लौट गये और पीछे छोड़ गये गंदगी। ऐसे में वहीं के निवासी नवीन और संदीप से प्रकृति के साथ यह खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं हुआ। बिना किसी शिकवा-शिकायत के दोनों नौजवान जुट गये देवरिया ताल के आस पास सफाई सफाई अभियान में।

कुछ ही समय बाद देखा देखी अन्य लोग भी उनकी मुहिम में जुट गये। देखते ही देखते आसपास की खूबसूरती फिर से खिल उठी। बहरहाल युवाओं की स्वयं की प्रेरणा से यह सब संभव हुआ। अनायास ही लोग कहने लगे भाई ये स्वयंसेवक हैं कहते नहीं स्वयं करके लोगों को जागरूक करते हैं। उनके इस सराहनीय कार्य के लिए रूद्रप्रयाग वन विभाग के अधिकारी संदीप कंडारी ने कहा कि दोनों नौजवानों ने आदर्श प्रस्तुत किया है जो प्रेरणा योग्य है। दोनों युवा विद्यामंदिर बेलनी में इंटरमीडिएट के छात्र हैं।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित