शनिवार, 12 जनवरी 2013

जोधपुर प्रान्त की खबरे - 2

जोधपुर प्रान्त की खबरे - 2


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तहसील डेगाना के खंड केंद्र इडवा में विवेकानंद का १५० वां जन्म वर्ष धूमधाम से मनाया गया | बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा कलश यात्रा के पश्चात ग्रामीणों द्वारा पुरे कस्बे में शोभा यारा का आयोजन किया गया जिसमे नन्हे२ बालको ने विवेकानंद के वेश में सभी का मन मोह लिया. कार्यक्रम की शुरुवात स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित करके किया गया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता व् युवा शक्ति आयाम के जिला शक्ति प्रमुख अजय दिवाकर ने स्वामीजी के विचारों से अवगत कराते हुए कहा कि विवेकानंद का यह जन्म वर्ष भारत में नव युग परिवर्तन का आधार बनेगा. भारतीय युवा शक्ति अपने सामर्थ्य से परिचित हो तथा आत्मविस्मरण की अँधेरी गलियों से खुद को बाहर निकाले इसके लिए यह अवसर अनुकूल है. मुख्या अतिथि जीवन राम गोदारा ने वर्तमान भारत की पीड़ा को प्रकट करते हुए कहा कि आज हमारी सीमाए ही नही बल्कि जवान भी सुरक्षित नही हैं. ईडवा सरपंच और कार्यक्रम के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने अंत में सभी का आभार जताया. कार्यक्रम का सञ्चालन प्रबुद्ध आयाम प्रमुख प्रकाश शर्मा ने किया. इस अवसर पर दामोदर शर्मा, रामावतार, गणपत सोनी, मोतीलाल वैष्णव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.





 पाली स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को निकली शोभायात्रा में मानो शहर ही उमड़ गया। हाथों में ध्वज व पताकाएं थामे जब लोगों का हुजूम सड़कों पर उतरा तो उन्हें देख हर कोई उत्साह से लबरेज हो गया। साथ ही गगनभेदी जयघोष से आसमान भी गुंज उठा। ढोल-नगाड़ों के बीच निकली इस शोभायात्रा में लगभग हर स्वयंसेवी संस्था, शिक्षण संस्था तथा समाज की भागीदारी रही। यह ऐतिहासिक शोभायात्रा जिस मार्ग से गुजरी वहां स्वामी विवेकानंद के संदेश शहरवासियों को दिए गए। जगह-जगह पर लोगों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। विशाल शोभायात्रा के दौरान लगभग दो घंटे तक शहर का अंदरूनी हिस्सा मानो थम सा गया।

शोभायात्रा में शामिल बच्चे, युवा और महिलाएं तो क्या वृद्धजन में भी उत्साह देखते ही बन रहा था। विभिन्न मार्गों से होते हुए स्वामी विवेकानंद चौराहे पर पहुंचकर खत्म हुई इस शोभायात्रा का रास्ता लंबा था, लेकिन इसमें शामिल बच्चों और महिलाओं में रंज मात्र भी थकान नहीं देखी गई। पूरे रास्ते उन्होंने गर्मजोशी के साथ जयकारे लगाए।

युवा आयाम के निखिल व्यास ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में उगमराज सांड, अनिल भंडारी, प्रवीण त्रिवेदी, प्रेमसिंह शेखावत, बाबूलाल राठौड़, सरोज चौरडिय़ा, अंजना सर्राफ, मांगीलाल पटेल, किशोर सोमनानी, सुरेश चौधरी, केके शर्मा, परमेश्वर जोशी, सीताराम जोशी, जयशंकर त्रिवेदी, अंबालाल वागोरिया, हरीश गौड़, शांतिलाल मंडोरा, मनीष सोलंकी, सुनिल बियाणी, जितेंद्र भंसाली, रितेश छाजेड़, हरिगोपाल सोनी, शंकर भासा, महेश बागड़ी, लक्ष्मणसिंह कुंपावत, वैभव भंडारी, जितेंद्र कुमावत, साध्वी सुखिया बाई, छाया जोशी, राजेश्वरी सोनी, कोकिला बहन, सुमन पुरोहित, मधु बोहरा, उमा भारद्वाज, रतन मंडोरा, शैल चतुर्वेदी आदि का भी सहयोग रहा।

शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। किसी झांकी में स्वामी विवेकानंद के संदेश दिए गए तो किसी में उनको मां काली की पूजा करते हुए तथा धर्मसभा को संबोधित करते हुए दिखाया गया। झांकियों के माध्यम से उनकी पूरी जीवनी से लोगों को अवगत कराया। इसके साथ बैंड के जयघोष ने भी माहौल में जोश का संचार किया। महाराणा प्रताप कमांडो फोर्स के कार्यकर्ताओं की एकरूपता तथा आर्य वीर दल के साहसिक करतब देखकर सभी चकित हो गए। लगभग एक हजार महिलाओं ने कलश धारण कर इस शोभायात्रा में हिस्सा लिया। शोभायात्रा में विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सांसद पुष्प जैन तथा पूर्व विधायक भीमराज भाटी व भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र बोहरा ने भी िरकत की।

यह शोभायात्रा तीन अलग-अलग स्थानों से प्रारंभ हुई। बांगड़ स्कूल से जहां विभिन्न धर्मों, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में शोभायात्रा रवाना हुई तो लोढ़ा स्कूल से स्कूली बच्चों की शोभायात्रा रवाना हुई। यह दोनों शोभायात्रा सूरजपोल पर आकर एक हो गई। इधर, महिलाओं की कलशयात्रा सिंधी कॉलोनी से रवाना हुई जो सर्राफा बाजार आकर मुख्य शोभायात्रा में शामिल हो गई। त्रिवेणी संगम होते ही हर ओर नागरिकों का हुजूम सा नजर आने लगा। यात्रा के दौरान सूरजपोल समेत शहर के मुख्‍य मार्गों पर लगभग डेढ घंटे जाम लगा रहा।




विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित