शुक्रवार, 16 नवंबर 2012

पाक विस्थापितों से मिले मुख्यमंत्री,सुना दुखड़ा



मुख्यमंत्री ने पाक विस्थापितों के हाल जाने, मिठाई व कंबल बांटे

जोधपुर.मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दीपावली पर जोधपुर प्रवास के दौरान पाक विस्थापितों में मिठाई व कंबल बांटने गए। मुख्यमंत्री ने उन्हें विश्वास दिलाया कि भारत की नागरिकता जल्द दिलाने के लिए वे राज्य सरकार केंद्र से निरंतर संपर्क में हैं। सभी के आवेदन भेजे जा चुके हैं और राज्य सरकार उन आवेदनों पर भी शीघ्र कार्रवाई कराने के लिए प्रयासरत है, जिसमें धार्मिक वीजा पर आए लोगों को दीर्घकालिक वीजा दिया जा सके।  

मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह इन विस्थापितों से मिले तो सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी और मिठाई व कंबल वितरित किए। उन्होंने सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदूसिंह सोढ़ा व विस्थापित परिवारों से बात कर समस्याएं पूछी। 

फिर कलेक्टर गौरव गोयल को उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। विस्थापितों ने मांग की, कि उन्हें शरणार्थियों का दर्जा दिया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें फिर से आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी सुनीता गहलोत, जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी और महापौर रामेश्वर दाधीच भी थे।  

बच्चों की पढ़ाई देख खुश हुए

मुख्यमंत्री को यह जान कर खुशी हुई कि विस्थापितों के जो बच्चे पाकिस्तान में नहीं पढ़ पाए, वे इस कैंप में पढ़ाई कर रहे हैं। जब मुख्यमंत्री ने विस्थापितों से कहा कि वे बच्चों को पढ़ाएं, तो लोगों ने बताया कि इस दल में शामिल सभी बच्चे पढ़ रहे हैं और उन्हें उनका विकलांग साथी तामिन मेघवाल और दसवीं तक शिक्षा प्राप्त कर चुकी मानसी पढ़ाते हैं।  

मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र मांगे

इस दौरान मुख्यमंत्री से 1997 में आए विस्थापित परिवार भी मिले। उन्होंने बताया कि वे कालीबेरी में रहते हैं और उन्हें भारत की नागरिकता मिल चुकी है, मगर मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

Source: bhaskar.com

पाक विस्थापितों से मिले मुख्यमंत्री,सुना दुखड़ा



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जोधपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिवाली पर पाक विस्थापितों के डालीबाई मंदिर स्थित  शिविर में पहुंचकर उन्हें कंबल और मिठाइयां बांटी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पाक विस्थापितों को दीर्घकालीन वीजा दिलवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भिजवाई है और लगातार केन्द्र के संपर्क में है। उन्होंने मौके पर मौजूद जिला कलक्टर गौरव गोयल को पूरे शिविर की समय-समय पर मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।

आप कुछ कीजिए
सर्दी बहुत है, पहनने के लिए कपड़े नहीं है। रहने के लिए छत और काम के लिए मजदूरी दिला दीजिए। पाक विस्थापितों ने  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को  अपना दुखड़ा सुनाया। यह पहला मौका था जब मुख्यमंत्री स्वयं पाक विस्थापितों के शिविर में गए। शिविर में कई बच्चों ने मुख्यमंत्री को हिन्दी-अंग्रेजी की कविताएं सुनाई। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यह सब तुमने कहां से सीखा? बच्चों ने जवाब दिया- यहां आकर ही सीखा। मुख्यमंत्री ने कई विकलांगों से मुलाकात की और उन्हें विकलांग वाहन मुहैया करवाने के निर्देश भी अघिकारियों को दिए।
 हमें नहीं मिली मूलभूत सुविधाएं
कालीबेरी स्थित अंबेडकर नगर भीलबस्ती में बसे पाक विस्थापित नागरिक भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। इन लोगों ने बताया कि 2005 में उन्हें नागरिकता मिल गई, लेकिन आज तक उन्हें बीपीएल व राशन कार्ड और जातिगत प्रमाण-पत्र जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इनकी मांगें मुख्यमंत्री ने सुन जल्द कार्रवाई करने के लिए मौजूद अघिकारियों को निर्देशित किया। 
मुख्यमंत्री की पहली भेंट शुभ संकेत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को तीन बार जोधपुर दौरे पर आने के दौरान पाक विस्थापितों की समस्या से अवगत करवाया गया था। चौथी बार जयपुर जाकर भी इस समस्या के बारे में बातचीत हुई, लेकिन अब पहली बार मुख्यमंत्री का स्वयं डेरे पर आकर पाक विस्थापितों से भेंट करना शुभ संकेत हैं। सीमांत लोक संगठन को वार्ता के लिए मुख्यमंत्री ने जयपुर भी आमंत्रित किया है।  - हिन्दूसिंह सोढ़ा, अध्यक्ष, सीमांत लोक संगठन
Source: http://www.rajasthanpatrika.com/news/jodhpur/11162012/city-news/393606

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित