सोमवार, 17 सितंबर 2012

अंतिम यात्रा ...........

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नागपुरदि. 16 : ढलते हुए सूरज को साक्षी रखते हुए पूर्व सरसंघचालक श्री. सुदर्शनजी के पार्थिव को यहॉं के गंगाबाई स्मशानघाट पर इनके बंधु रमेशजी ने मंत्राग्नी दियातो हजारों मुख से "भारत माता की जयघोषणा ललकार उठी। हजारों नेत्रोंने सभी बंधन अस्वीकार कर अश्रुपात कर अपने लाडले पूर्व सरसंघचालक को अंतिम श्रद्धांजली दी।
श्री. सुदर्शनजी का कल शनिवार 14 तारीख को रायपुर में निधन हुआ। शाम बजे विशेष विमान द्वारा उनका पार्थिव नागपुर लाया गया। रेशीमबाग के महर्षि व्यास सभागृह में सुदर्शनजी का पार्थिव अंतिम दर्शन हेतु रखा था। बजेसे ही रात देर तक लोगों का तांता लगा हुआ था। आज सबेरे भी लोग आही रहे थे। विमानबसरेल तथा निजी वाहनों से बाहर गावसे भी लोग आये थे।
जानेमाने पत्रकार मुजफ्फर हुसेनडॉ. राकेश सिन्हाकवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विद्यापीठ के पंकज चांदेराष्ट्रवादी कॉंग"ेस के प्रवक्ते गिरीश गांधीराजकुमारजी तिरपुडेभाजप की स्मृति इराणीराष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यकर्तागण,कुछ ख्रिश्चन मिशनरी भी सुदर्शनजी का अंतिम दर्शन लेने हेतु वहॉं पहुंचे थे।  दोपहर बजे के करीब फिर से बारिश शुरू हुईउसी वक्त गुजरात के मु"यमंत्री नरेंद्र मोदीमध्यप्रदेश के मु"यमंत्री शिवराजसिंह चौहान वहॉं पहुंचे थे। भाजप के ज्येष्ठ नेता लालकृष्ण अडवानीभाजपाध्यक्ष नितीनजी गडकरीनेता प्रतिपक्ष राज्यसभा अरुण जेटली,राजनाथसिंगजीलोकसभा भाजपा उपनेता गोपीनाथजी मुंडेअनंतकुमार जीसांसद हंसराज अहीर वहॉं पर पहुंचे थे। पावने तीन बजे पूर्व सरसंघचालक सुदर्शनजी को अंतिम प्रणाम हुआ एवं प्रार्थना हुई। उसके बाद अंतेष्ठी प्रारंभ हुई।
फूलों से सजाये हुए ट्रकपर पार्थिव रखा गया। ट्रक पर सुदर्शनजी का बहुत बडा चित्र लगाया गया था। ट्रकपर सरकार्यवाह भय्याजी जोशीसहसरकार्यवाह सुरेशजी सोनीसहसरकार्यवाह दत्तात्रयजी होसबलेसहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपालजीसुदर्शनजी के भाई रमेशजी बैठे हुए थे। उनके पीछे सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवतनितीन गडकरी,लालकृष्ण अडवानीछत्तीसगड के मु"यमंश्री रमणसिंगजीमध्यप्रदेश के मु"य मंत्री शिवराजसिंगजी आदि महानुभाव चल रहे थे। उनके पीछे स्वयंसेवक एर्व कार्यकर्ताओं का काफिला चल रहा था। केशव द्वार तक सभी चलते हुए अंत्ययात्रा में थे। बादमे सुरक्षा के कारणवश उन्हें गाडीयोंमे बैठना पडा। केशव द्वारलोकांची शाळाजामदार हायस्कूलजगनाडे चौक होते हुए अंत्ययात्रा करीबन साडे चार बजे गंगाबाई घाट पहुंची। पूरे रस्ते में दो तरफा खडे होकर नागरिकमाताभगिनी सुदर्शनजी को अभिवादन कर रहे थे। उपर से पुष्पवृष्टि भी हो रही थी। दो किलोमीटर का यह फासला पार करने करीबन दो घंटे का समय लगा।
गंगाबाई घाटपर रा. स्व. संघ के मदनदासजीश्रीकांतजी जोशीराम माधवजीडॉ. मनमोहनजी वैद्यराष्ट्र सेविका समितीकी प्रमुख संचालिका शांताक्कापूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिलताई मेढे तथा उषाताई चाटीहरिद्वार के स्वामी अखिलेश वरानंदजीसुनील मानसिंगकाश्रीधररावजी गाडगेडॉ. रवीजी जोशीदीपकजी तामशेट्टीवारमा. गो. वैद्य,मध्यप्रदेश के माजी मु"यमंत्री बाबुलालजी गौडकैलाशजी जोशीकिरीट सोमय्याजबलपूर के डॉ. जितेंद्रजी जामदार,नरकेसरी प्रकाशन संस्था के अध्यक्ष डॉ. विलासजी डांगरेप्रबंध संचालक विश्वास पाठकउदयभास्कर नायरराजेशजी लोयासंस्कार भारती के राजदत्तजीक्षेत्रीय प्रचारक सुनील देशपांडेप्रांत प्रचारक योगेशजी बापटप्रांत संघचालक दादारावजी भडकेसहसंघचालक रामजी हरकरेआमदार देवेंद्र फडणीसकृष्णा खोपडेसुधाकरराव देशमुखचंद"शेखर बावनकुळेविकास कुंभारे, विजय घोडमारे आदि महानुभाव उपस्थित थे। गंगाबाई घाट पर "श्रीराम जयराम जय जय रामकी धुन शुरु हुई और रमेशजीने सुदर्शनजी को मंत्राग्नी दी। अंत्य संस्कार के बाद पूर्णमंत्र का पठन हुआ।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित