शनिवार, 7 जुलाई 2012

जोधपुर प्रान्त में भी केंद्र सरकार के वार्ताकारों द्वारा कश्मीर पर तैयार रिपोर्ट के विरोध में व्यापक स्तर पर देशव्यापी धरने प्रदर्शन का आयोजन किया गया . प्रस्तुत है जोधपुर प्रान्त की खबरे

जोधपुर प्रान्त में भी केंद्र सरकार के वार्ताकारों द्वारा कश्मीर पर तैयार रिपोर्ट के विरोध में व्यापक  स्तर पर देशव्यापी धरने प्रदर्शन का आयोजन किया गया .
प्रस्तुत है जोधपुर प्रान्त की खबरे  
बीकानेर
जम्मू-कश्मीर समस्या सुलझाने के मामले पर केन्द्र सरकार की ओर से नियुक्ति किए गए वार्ताकार की रिपोर्ट उजागर होने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व उससे जुड़े संगठनों ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश के टुकड़े कराने वाली करार दिया।
राष्ट्रपति से रिपोर्ट को खारिज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर सीमा जनकल्याण समिति के बैनर तले धरना लगाया जिसमें वक्ताओं ने वार्ताकारों पर भी कई तरह के आरोप लगाए। वक्ताओं ने कश्मीर की दुर्दशा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर कई अन्य नेताओं की भूमिका को संदिग्ध बताया और कहा कि आज देश के दो राजनीतिक परिवारों के कारण कश्मीर समस्या का हल नहीं हो पा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक नरोत्तम व्यास ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू की अदूरदर्शिता के कारण आज हालत इतने विकट हो गए हैं कि कश्मीर को देश से अलग करने के प्रयास हो रहे हैं। गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में राहुल गांधी भी इसी तरह का प्रयास कर रहे हैं। कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी ने युवाओं को कश्मीर की रक्षा के लिए हर तरह की कुर्बानी देने का आह्वान किया और कहा कि यदि इस मामले पर वे स्वयं को पहले कुर्बान करने को तैयार हैं।
सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने धारा 376 के मुद्दे पर कहा कि यह अफवाह फैलाई गई कि धारा 376 के मामले पर डॉ.भीमराव आंबेडकर की भूमिका रही थी जबकि यह गलत है। आंबेडकर ने इस तरह की सभी स्थितियों का विरोध किया था मगर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जिद के कारण इस धारा का निर्माण हुआ। संघ के विभाग प्रचार निंबाराम ने गांधी और अब्दुला परिवार को कश्मीर के हालात के लिए जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अंग है और रहेगा।
धरने को पूर्व सैनिक सेवा परिषद के मंत्री हनुमानसिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मुमताज अली भाटी, भाजपा नेता ओम आचार्य, जगमालसिंह राइका ने कविता के मार्फत कश्मीर की स्थिति का बखान किया। कार्यक्रम का संचालन सीमा जन कल्याण समिति के प्रांत मंत्री राजेश कुमार लदरेचा ने किया।
बीकानेर पश्चिम क्षेत्र के विधायक डॉ.गोपाल जोशी, खाजूवाला विधायक डॉ.विश्वनाथ, भाजपा प्देश कार्य समिति सदस्य सत्यप्रकाश आचार्य, गोपाल गहलोत, नंदकिशोर सोलंकी, मीना आसोपा, देहात भाजपा जिलाध्यक्ष रामगोपाल सुथार, भाजयुमो के भगवानसिंह मेड़तिया, भूपेन्द्र शर्मा, महिला मोर्चा की नीना अरोड़ा, महामंत्री श्यामसिंह हाड़लां, विजय आचार्य, बाबूलाल गहलोत, स्वदेशी जागरण मंच के विजय धमीजा, विहिप के सुभाष जोशी, विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री भवानीसिंह खारा, दिलीपसिंह आडसर, बजरंग दल के दुर्गासिंह, भारतीय किसान संघ के महावीर पुरोहित के अलावा आरएसएस, भाजपा, भारतीय मजदूर संघ, भारत विकास परिषद, सीमा जन कल्याण समिति के तमाम कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद थे।
कलेक्ट्रेट पर कश्मीर मुद्दे पर धरने के बाद एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर रामदेव गोयल से मिला और राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
बालोतरा कश्मीर बचाओ मुद्दे को लेकर सीमा जन कल्याण समिति बालोतरा की ओर से देश व्यापी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्थानीय रेस्ट हाउस के आगे सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपखंड अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी तरह पचपदरा में तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कश्मीर बचाने की गुहार की गई। सीमाजन कल्याण समिति के बैनर तले शुक्रवार सवेरे ९ बजे कश्मीर बचाओ, देश बचाओ मुद्दे को लेकर धरना दिया गया। उसके बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। जहां समिति प्रभारी भरत मोदी, नगर पालिका अध्यक्ष महेश बी चौहान, भाजपा नगर अध्यक्ष रमेश गुप्ता, पार्षद पुष्पराज चौपड़ा, दुर्गादेवी सोनी, प्रकाश माली, जितेन्द्र मेवाड़ा, कृषि मंडी के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव जीनगर, जैसलसिंह खारवाल सहित कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी कमलेश आबूसरिया को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का मुकुट है। हजारों वर्षों का इतिहास देखा जाए तो कश्मीर हमारी संस्कृति का गौरव है। जम्मू कश्मीर की स्थिति पर भारत सरकार ने अक्टूबर 2010 में तीन सदस्यीय वार्ताकार दल गठित कर समस्या समाधान के लिए सुझाव मांगे थे। इसको 24 मई 2012 को सार्वजनिक किया गया तो पता चला कि देश की अखंडता को खंडित करने व अलगाववादियों के हितों को लेकर सिफारिशें की गई है। उन्होंने बताया कि इन सिफारिशों को मान लिया जाए तो कश्मीर अलगाववादियों की भेंट चढ़ जाएगा। उन्होंने मांग की कि इन सिफारिशों को सिरे से खारिज किया जाए। साथ ही मांग की कि कश्मीर में धारा 370 को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए, पाक अधिकृत कश्मीर को वापस लिया जाए, आतंकवादियों के कठोर दंड दिया जाए, सेना को पूर स्वतंत्रता दी जाए तथा जम्मू, लद्दाख व करगिल क्षेत्र के वाशिंदों का सहयोग लिया जाए।


सिवाना सीमाजन कल्याण समिति सिवाना की ओर से देश व्यापी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार सवेरे 9 बजे बावड़ी चौक पर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। वहां से रैली के रूप में विधायक कानसिंह कोटड़ी, हनवंतसिंह सरपंच, विजयराज सोनी, नारायण घांची, ओमजी, भोपाजी, नारायणदास संत, संदीप अग्रवाल, दिलीप सोनी, हरीश सोनी, तिलोकराम प्रजापत, लक्ष्मणसिंह कोटड़ी, बिहारी जीनगर, लूणजी सोनी, रेवतसिंह राव, हरीश शर्मा, मोतीलाल जीनगर, श्याम सुंदर दवे, खेमराज व्यास सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थानाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आरएसएस के जिला बौद्धिक प्रमुख जालमसिंह ने कश्मीर की स्थिति के बारे में जानकारी दी। चिंरजीलाल हिंदू ने भी विचार व्यक्त किए।
कश्मीर हो या गुवाहाटी-अपना देश अपनी माटी
बाड़मेर
'एक देश में दो विधान, दो निशान-दो प्रधान, नहीं चलेंगे-चलेंगे..., केंद्र सरकार होश में आएं-देश विघातक नीतियों से बाज आएं..., कश्मीर हो या गुवाहाटी-अपना देश अपनी माटी, धारा 370-बंद करों सरीखे नारों के साथ जिला मुख्यालय सहित तहसील स्तरों पर राष्ट्रवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर जम्मू-कश्मीर मामले पर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। सभी जगह प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को रिपोर्ट खारिज करने की मांग को लेकर हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपे गए।
कश्मीर भारत का मुकुट
शुक्रवार सुबह 10:30 बजे स्थानीय गांधी चौक व शहीद स्मारक सिणधरी चौराहे से लोग हाथों में कश्मीर नीति विरोधी तख्तियां थामे रवाना हुए। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता मुख्य मार्गों से होकर कलेक्ट्रेट के समक्ष पहुंचे। धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक पुखराज गुप्ता ने कश्मीर को भारत का मुकुट बताया। उन्होंने कहा इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रवैया देश की अस्मिता पर कुठाराघात है। कश्मीर के विलय हो जाने तथा वहां की विधानसभा की ओर से पुष्टि करने के बावजूद केंद्र सरकार जानबूझकर निर्णय नहीं ले रही है। पुरुषोत्तम बिंदल, छत्तूमल सिंधी ने जम्मू कश्मीर के हालातों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट को भारतीय कभी स्वीकार नहीं करेंगे। समिति के जिला कोषाध्यक्ष सुशील भंडारी ने ज्ञापन का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष अंबालाल जोशी व आभार उपाध्यक्ष ईश्वरलाल आचार्य ने व्यक्त किया।
ये रहे मौजूद:धरना प्रदर्शन में संघ व उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मेजर परबत सिंह, रतनलाल बोहरा, वीरसिंह भाटी, मृदुरेखा चौधरी, बलराम प्रजापत, मिर्चूमल कृपलानी, जगदीश खत्री, लक्ष्मण बडेरा, स्वरूपसिंह खारा, बलवंत सिंह, किशनचंद, भगवान ठारवानी, किशोर भार्गव, चेलाराम सिंधी, नारायण प्रसाद खत्री, गोविंद पुरोहित, पहाड़ सिंह महेचा, कैलाश बेनीवाल, रेलूमल, मांगीलाल बोथरा, कल्याणसिंह, विजेंद्र, महेंद्र पुरोहित, मूलाराम भांभू, आदूराम, वासुदेव व्यास, सुरेंद्र मेहता, खेमी चंद सोलंकी, अरविंद तापडिय़ा, नाथूराम कुमावत, मनोहर बंसल, रामसिंह बोथिया सहित कई लोग उपस्थित रहे।
बायतु  उपखंड मुख्यालय पर सीमा जन कल्याण समिति के बैनरतले धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विभाग गो संवद्र्धन एवं ग्राम विकास प्रमुख पूनमचंद पालीवाल ने कहा कि रिपोर्ट में नियंत्रण रेखा के आर-पार निर्बाध आवागमन की सिफारिश की गई है। इससे भारत विरोधी गतिविधियों को बल मिलेगा। इसे देश का जन मानस कतई स्वीकार नहीं करेगा। धरने के बाद कार्यक्रम संयोजक महेंद्र कुमार चौपड़ा के नेतृत्व में एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

धोरीमन्ना कस्बे में कश्मीर मामले पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग को लेकर सीमा जन कल्याण समिति ने रैली निकाल कर विरोध जताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सह कार्यवाह देरामाराम विश्नोई ने कहा केंद्र सरकार तुष्टिकरण की नीति से देश को तोडऩे का प्रयास कर रही है। इस दौरान जुगराज सेठिया, रमेश आचार्य, सुरेश गीगल, जयकिशन भादू, मांगाराम विश्नोई, लक्ष्मण भागर्व, अशोक दर्जी, तेजसिंह चौहान, नरेश गुप्ता समेत कई लोग मौजूद थे।
चौहटन: देशव्यापी कश्मीर बचाओ अभियान के तहत कस्बे में रैली निकाली गई। रैली पीपली चौक से रवाना होकर मुख्य बाजार होकर तहसील कार्यालय पहुंच सभा में तब्दील हो गई। संघ के विभाग सह प्रचारक विपिनचंद्र ने कहा जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने के षड्यंत्रों के खिलाफ जनजागरण जरूरी हैं। नगर बौद्धिक प्रमुख राजेश कुमार, तहसील शारीरिक प्रमुख लिखमाराम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। धरना-प्रदर्शन में चतरसिंह राठौड़, बाबूलाल डोसी, सरपंच मोहनलाल सोनी, श्रवण कुमार, कमलेश बोथरा सहित कई लोगों ने शिरकत की।

गडरा रोड उपतहसील मुख्यालय पर भी कश्मीर बचाओ अभियान को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। सीमा जन कल्याण समिति के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शंकरलाल गोली ने कहा कि केंद्र सरकार की कश्मीर को लेकर नीति देश के लिए घातक है। दशरथ मेघवाल, प्रेमाराम मेघवाल, कंवराजसिंह गोडिय़ा, प्रेमसिंह सोढ़ा ने भी अपनी बात कही। इस दौरान किशन तामलोरिया, भीख भारती, हिंदुसिंह सोढ़ा, प्रताप भील, तेजाराम दर्जी सहित कई लोग मौजूद थे।

सिणधरी राष्ट्रवादी संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपतहसील कार्यालय के समक्ष सांकेतिक धरना देकर कश्मीर रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की।
एबीवीपी नगर अध्यक्ष खरथाराम सोलंकी, शिवसेना संयोजक मुकेश, महंत रघुनाथ भारती, जयराम प्रजापत, निंबाराम, गिरधारीराम सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
जैसलमेर.
जम्मू कश्मीर के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकारों की रिपोर्ट के विरोध में शुक्रवार को सीमा जन कल्याण समिति ने प्रदर्शन किया। इस दौरान हनुमान चौराहे पर पुतले भी फूंक ने के साथ केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । समिति की ओर से इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा ।शुक्रवार सुबह से ही समिति, भाजपा, एबीवीपी और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता सत्यदेव व्यास पार्क में एकत्र होने लगे थे। करीब साढ़े दस बजे व्यास पार्क से जुलूस रवाना हुआ। यहां से नारे लिखे तख्तियां व बैनर लिए व नारेबाजी करते कार्यकर्ताओ का जुलूस गड़ीसर मार्ग, आसनी रोड, गोपा चोक, सदर बाजार, जिंदानी चौकी, कचहरी रोड, गांधी चोक व हनुमान चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट के सामने पहुंचा।
इस दौरान जम्मू कश्मीर को लेकर केन्द्र सरकार की ओर से नियुक्त वार्ताकारों का पुतला जलाया गया और नारेबाजी की गई। इस दौरान एक प्रतिनिधि मंडल कलक्टर से मिला और उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि गत 26 अक्टूबर 1947 को जम्मू कश्मीर की तत्कालीन महाराजा हरिसिंह ने अपने राज्य का वैधानिक रीति से भारत में विलय किया। तब से यह भारत का अभिन्न अंग हैं और विलय के प्रावधानों के अनुसार इस विलय को भविष्य में कभी निरस्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान व चीन ने राज्ज्य के एकबड़े भू-भाग को अधिक्रांत कर इस पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसके बाद भी वैधानिक रूप से वह भारत का भू-भाग है और इसे वापिस लेना भारत का अधिकार ही नहीं उसका कर्तव्य भी है।
देश की संसद ने इस संबंध में 22 फरवरी 1994 को एक सर्वसम्मत संकल्प भी पारित किया है। राज्य के किसी हिस्से को भारत से अलग करने विलय को नकारने, उसे स्वतंत्र करने की मांग करने या भारतीय संविधान के अधिकार क्षेत्र से मुक्त किए जाने जैसी मांगे या उनका अनुमोदन राष्ट्रद्रोह के सम्मान है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर पर गठित वार्ताकारों के दल ने अपने प्रतिवेदन में जो संस्तुतियां की है, उनमें अनेक राष्ट्रीय भावना के विरूद्ध, संवैधानिक सरोजता को नकारने वाली, देश की संप्रभुता को कमजोर करने वाली के संबंध मे जिक्र किया गया है। उन्होंने मांग की कि वार्ताकार समूह के सदस्यों ने किन परिस्थितियों के दबाव में यह राष्ट्रविरोधी प्रतिवेदन तैयार किया है, इसकी सक्षम क्षमता की ओर से जांच कराई जाए।
इससे पूर्व सभा में तब्दील हुए जुलूस को सीमाजन कल्याण समिति के पदाधिकारी बाबूलाल व नींबसिंह ने संबोधित किया। जुलूस में विधायक छोटूसिंह भाटी, सांगसिंह भाटी, भंवरसिंह सांधना, अजय व्यास, त्रिलोक चंद खत्री, शरद व्यास, दलपत मेघवाल, महेश वासु, लक्ष्मीनाथ श्रीमाली, ओम सेवक, मनोहरसिंह, दीनदयाल, विमला वैष्णव, मनोरमा वैष्णव, देवकी राठौड़, भगवानदास गोपा, नवल चौहान, अशोक कुमार सेन, कंवराजसिंह चौहान, लालुसिंह सोढ़ा, लीलुसिंह बड्डा, अखेसिंह, कूंपसिंह, एचके व्यास, रेंवतसिंह भाटी, कुंदनसिंह, उपेंद्रसिंह, रमणसिंह, सोहनसिंह, करूणा कंवर, समता व्यास, मीना भाटी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
इसमें समिति के पदाधिकारी, भाजपा नेता और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। खास तौर पर महिला कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा थी। रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कश्मीर को भारत का अंग बताते हुए कई नारे लगाए। हनुमान चौराहा पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करने के साथ पुतले भी फूंके। यहां से यह जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा और वहां सीमा जन कल्याण समिति के एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा।
नागौर भारत सरकार की ओर से नियुक्त जम्मू कश्मीर वार्ताकारों द्वारा कश्मीर को लेकर बनाई गई रिपोर्ट के खारिज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सीमा जन कल्याण समिति ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर समिति व अन्य कई सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहर के व्यस्ततम मार्गों पर रैली निकाली व कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। शिवबाड़ी स्थित शिव मंदिर से समिति के संयोजक श्रीगोपाल चांडक के नेतृत्व में रैली कलेक्ट्रेट पहुंची। ईश्वर चन्द्र ने कहा कि सरकार की सदैव ही कश्मीर के प्रति ढुलमुल नीति रही है। इस कारण आजादी से आज तक कश्मीर समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अब सरकार इस सम्बन्ध में एक नया षड्यंत्र रच कर कश्मीर को स्वायत्ता प्रदान करने के नए तरीके अपना अलगाववाद को बढ़ावा दे रही है। जिससे कश्मीर समस्या समाप्त नहीं होगी और अधिक विकट हो जाएगी। वे नागौर कलक्ट्रेट कार्यालय के सामने शुक्रवार को सीमाजन कल्याण समिति के तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे।  संत जानकीदास ने कहा कि सरकार के वार्ताकारों ने कश्मीर समस्या को नया मोड़ देकर आतंकवाद को बढ़ावा देना चाहती है। रिपोर्ट में कश्मीर को विशेष राज्य बताया गया है। इसी रिपोर्ट में पीओके को पाक अधिकृत कश्मीर न कह कर पाक शासित कश्मीर कहा गया है। ऐसी रिपोर्ट क्या देश का भला करेगी। जगबीर छाबा ने कहा कि देश में दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे। रुद्र कुमार शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट में भारत और पाक के बीच सीमा को व्यापार व पर्यटन के लिए खोलने के बात कही गई है। इससे पहले रैली शिव बाड़ी से किले की ढाल, गांधी चौक, सदर बाजार, काठडिय़ों का चौक, बंशीवाला मंदिर, बाठडिय़ों का चौक, नकाश दरवाजा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची जहां सभा में परिवर्तित हो गई। विरोध प्रदर्शन में संत हरिनारायण शास्त्री, नगर परिषद सभापति बिरदीचंद सांखला, उम्मेदसिंह राजपुरोहित सहित शहर के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। संचालन मनीष शर्मा ने किया। इस दौरान वाहन रैली निकाली गई। शिववाड़ी स्थित शिव मंदिर से वाहन रैली को समिति के संयोजक श्रीगोपाल चांडक के नेतृत्व में रवाना किया। रैली शिवबाड़ी से किले की ढाल, गांधीचौक, सदर बाजार, काठडियों का चौक, बंशीवाला मंदिर, बाठडियों का चौक, नकाश दरवाजा होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची जहां से रैली एक सभा में परिवर्तित हो गई।
जालोर  जम्मू कश्मीर मामले में गठित समिति की रिपोर्ट के विरोध में शुक्रवार को जिलेभर में सीमाजन कल्याण समिति के तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर में समिति के तत्वावधान में जालन्धरनाथ धर्मशाला से वाहन रैली निकाली गई। रैली विभिन्न मार्गो से होकर कलक्ट्री पहुंची। वहां कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और धरना प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बाड़मेर विभाग के विभाग प्रचारक राजाराम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग ही नहीं बल्कि हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है। कश्मीर के वर्तमान हालात काफी नाजुक हंै, जो अलगाववादियों की देन हैं। हमारी सरकार अलगाववादियों के साथ बैठकर कश्मीर की समस्याओं का सुलझाने का घिनौना कृत्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण के आधार पर तैयार रिपोर्ट सरासर धोखा है। केंद्र सरकार देश की संसद को गुमराह करते हुए इसे लागू करना चाहती है, लेकिन राष्ट्रवादी संगठन उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे।
कश्मीर मामले में सरकार का रूख गलत है। तुष्टीकरण के आधार पर तैयार रपट धोखा है। प्रांत सहसेवा प्रमुख अजय गुप्ता ने कहा कि किसी देश के दो संविधान व दो राष्ट्रीय ध्वज नहीं हो सकते है। सरकार को इस रिपोर्ट को खारिज कर कश्मीर के देशभक्तों से वार्ताकरनी चाहिए। जिला प्रचार प्रमुख सुरेन्द्र नाग ने कश्मीर समस्या के शुद्ध समाधान की मांग की। जिला प्रचार प्रमुख सुरेंद्र नाग ने धरना स्थल पर ज्ञापन पढ़कर सुनाया। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल की ओर से राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर राजन विशाल को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर भाजपा के जोगेश्वर गर्ग, रविंद्रसिंह बालावत, चिरंजीलाल दवे, एबीवीपी के जिला प्रमुख रतन सुथार, शांतिस्वरूप, गजेंद्र सिंह, के.एन. भाटी, हरिसिंह राजपुरोहित, मधुसूदन व्यास, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तहसील कार्यवाह हरि सिंह, तहसील बौद्धिक प्रमुख शेखर भारद्वाज व नगर कार्यवाह जगदीश सोनी समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कश्मीर में धारा 370 को स्थाईकरने, नियंत्रण रेखा व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्बाध आवागमन करने, 1952 के बाद राज्य में लागू संविधान के अनुच्छेदों की समीक्षा के संवैधानिक समिति बनाने, भारत सरकार व हुर्रियत के बीच संवाद स्थापित करने सहित अन्य रिपोर्टो को देश के लिए घातक बताया और रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की। ज्ञापन में धारा 370 को निष्प्रभावी करने, पाक अधिकृत कश्मीर को वापस लेने, संसद की घोषणा को व्यवहारिक रूप देने, सेना को जम्मू कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से पूर्ण अधिकार व स्वतंत्रता देने सहित अन्य सुझाव दिए।

भीनमाल जम्मू-कश्मीर पर रिपोर्ट के विरोध में सीमा जनकल्याण समिति की ओर से धरना देकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें रिपोर्ट को खारिज करने और राष्ट्रहित में धारा ३७० को हटाने सहित आधा दर्जन मांगों पर अमल करने की मांग की गई। धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नारायणसिंह देवल ने कहा कि केन्द्र सरकार राष्ट्र विरोधी नीतियां लागू कर देश में अराजकता फैला रही है। विद्याभारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. श्रवणकुमार मोदी ने कहा कि लगातार बढ़ता जा रहा अलगवावाद देश के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इस अवसर पर आर्य समाज के नरपतसिंह, संयोजक अशोककुमार सोनी, भाजपा नगर अध्यक्ष दिनेश दवे, नपा उपाध्यक्ष जयरुपाराम माली, भाजयुमो नगर अध्यक्ष भरतसिंह राव, भाजयुमो प्रदेश प्रतिनिधि अशोकसिंह ओपावत और नरेन्द्र आचार्य सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

सांचौर  सीमाजन कल्याण समिति ने जम्मू कश्मीर मसले पर दिए गए सुझावों का विरोध किया है। समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को दिये ज्ञापन में बताया कि इस रिपोर्ट से देश में अलगाववाद को बढ़ावा मिल रहा है और देश की एकता व अखंडता खतरे में हैं। इस अवसर पर मोहन सुथार, गोविंद पटेल, भाजपा युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष जगदीश शारदा, रमेश चौधरी, अशोक चौधरी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

रानीवाड़ा  सीमा जन कल्याण समिति व राष्ट्रीय स्वयं सेवक की ओर से कश्मीर पर बनी रिपोर्ट के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। समिति के संयोजक सवदाराम चौधरी ने बताया कि यह रिपोर्ट देश को खंडित करने वाली है। अत: इस रिपोर्ट को तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। इस अवसर पर सह तहसील कार्यवाह विक्रमसिंह, व्यवस्था प्रमुख विष्णुदान चारण, नगर कार्यवाह टिकमचंद जीनगर और भारतीय किसान संघ के जोधपुर प्रांत उपाध्यक्ष सोमाराम चौधरी सहित कई जने उपस्थित थे।

सायला  सीमाजन कल्याण समिति की ओर से राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इस रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की गई। धरने को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता चेताराम ने जम्मू कश्मीर को देश का अभिन्न अंग बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। एबीवीपी तहसील संयोजक रविंद्रसिंह राणावत ने कविता की प्रस्तुति दी। धरने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। धरने से पूर्व कस्बे में ओटवाला रोड े वाहन रैली निकाली गई जो कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई एसडीएम ऑफिस पहुंची, जहां धरने का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक जोगेश्वर गर्ग, पेकाराम, नेपाराम, प्रधान रामप्रकाश चौधरी, नैनमल लखारा, अशोक अग्रवाल, परशुराम पुरोहित समेत कई जने मौजूद थे।

आहोर चामुंडा चौक में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवकों की शुक्रवार शाम को बैठक आयोजित हुई। बैठक में कश्मीर समस्या पर विचार विमर्श किया। उसके बाद चामुंडा चौक से कार्यकर्ताओं ने वाहन रैली निकाली और राष्ट्रपति के नाम एसडीएम लोकेश कुमार मीणा को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान नेमीचंद दमामी, गजेन्द्रसिंह मांगलिया, अशोकसिंह मांगलिया, कैलाश बाबू सेन, लालाराम देवासी, प्रदीपसिंह चारण, मिश्रीमल मेघवाल, भंवरलाल सुथार, छोगाराम चौधरी, नृसिंगदास वैष्णव, महेन्द्रसिंह बालोत, गोपालसिंह राजपुरोहित, छगनसिंह राजपुरोहितसहित राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित