शुक्रवार, 11 मई 2012

हिंदु अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पाक-बांग्लादेश की संवैधानिक जिम्मेदारी : एसएम कृष्णा


नयी दिल्ली, मई 9: पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दू लड़कियों का अपहरण कर उनकी इच्छा के खिलाफ मुस्लिम लड़कों से शादी कराये जाने और मंदिर एवं गुरूद्वारों को अपवित्र करने की खबरों पर भारत ने चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि यह पड़ोसी देशों की सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभायें।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बारे में लोकसभा में दिये बयान में कहा कि इस विषय को पड़ोसी देश की सरकार के साथ पुरजोर तरीके से उठाया जा रहा है। पाकिस्तान में, खासतौर पर सिंध प्रांत में अल्पसंख्यक समुदायों के उत्पीड़न तथा उन्हें धमकाए जाने की घटनाओं की जानकारी मिली है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा पूर्व में हमें अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों का अपहरण कर उनकी हत्या करने और पाकिस्तान में उनके धार्मिक स्थलों को अपवित्र करने या उनमें अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने की खबरें भी मिली हैं।
कृष्णा ने कहा कि यह पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों, जिनमें अल्पसंख्यक समुदाय भी शामिल हैं, के प्रति अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करे। विदेश राज्य मंत्री प्रनीत कौर ने कहा,  सरकार ने बांग्लादेश में मंदिरों और पाकिस्तान में भी मंदिरों तथा गुरूद्वारों को अपवित्र करने तथा वहां पर विध्वंस की घटनाओं से संबंधित रिपोर्टें देखी हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच 1972 के शिमला समझौते में विशेष तौर पर एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की व्यवस्था है, फिर भी, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के उत्पीड़न संबंधी रिपोर्टों के आधार पर सरकार ने विगत में इस मामले को पाकिस्तान के साथ उठाया है।
उन्होंने कहा कि भारत द्वारा यह मामला उठाए जाने पर पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह इस परिस्थिति से पूरी तरह वाकिफ है और अपने सभी नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण की देखरेख करती है।
कृष्णा ने सदन को सूचित किया कि पाकिस्तान सरकार की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वहां के राष्ट्रपति ने सिंध प्रांत में मीरपुर मथेलो से एक हिंदू लड़की का अपहरण करके उस क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा उसका धर्मांतरण किए जाने संबंधी रिपोर्टों को गंभीरता से लिया है। राष्ट्रपति ने इस मामले की पारदर्शी एवं त्वरित जांच करने और इस जघन्य अपराध में लिप्त व्यक्ति के खिलाफ, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून सम्मत कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विदेश मंत्री ने बताया कि पड़ोसी देश में हिंदू लड़कियों के साथ अक्सर होने वाली ऐसी घटनाओं पर वहां के कई संसद सदस्यों, गैर सरकारी संगठनों तथा सिविल सोसायटी ने भी चिंता जतायी है और देश में अल्पसंख्यक लोगों के अधिकारों की रक्षा करने से संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन की मांग की है।
पाकिस्तान सरकार द्वारा उसके अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करने की उम्मीद जताते हुए कृष्णा ने पाकिस्तानी लोगों और वहां की सरकार से अपील की कि वे अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए हर संभव कदम उठाएं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सदस्यों ने पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के साथ हो रही ऐसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से बयान देने को कहा था। प्रनीत कौर ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किये जाने संबंधी खबरों के आधार पर भारत ने यह मामला पाकिस्तान के साथ उठाया था। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह हालात से पूरी तरह वाकिफ हैं। बांग्लादेश सरकार लगातार आश्वासन देती रहती है कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है।
उन्होंने सवालों के लिखित जवाब में कहा कि पाकिस्तान में सात नवंबर 2011 को हिन्दू डॉक्टरों के मारे जाने के बारे में मीडिया खबरें सरकार ने देखी हैं। जानकारी के अनुसार तीन हिन्दू डॉक्टरों को जान गंवानी पड़ी और एक डॉक्टर को मामूली चोट आयी। पाकिस्तान के तालुका चक, जिला शिकारपुर स्थित डॉक्टरों के गांव में उन पर हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार को बांग्लादेश में भी हिन्दुओं सहित अल्पसंख्यकों के साथ अनुचित व्यवहार की खबरें मिली हैं। बांग्लादेश की संसद ने अल्पसंख्यकों से जब्त की गयी संपत्तियों को बहाल करने के लिए नवंबर 2011 में वेस्टेड प्रॉपर्टी रिटर्न संशोधन विधेयक पारित किया है। बांग्लादेश सरकार इस कानून के कार्यान्वयन के नियम तैयार कर रही है।
स्त्रोत: http://hn.newsbharati.com


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित