मंगलवार, 17 जनवरी 2012

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य हिस्सा: डा. मोहन भागवत

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य हिस्सा: डा. मोहन भागवत
स्रोत: News Bharati तारीख: 1/16/2012 4:22:58 PM


इटानगर, जनवरी १६: राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने कहा की अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य हिस्सा है और अरुणाचली लोगों को इस सच का समर्थन कर कर हमेशा अपने देश के प्रति सजग रहना चाहिये।

डा. मोहन भागवत ने कहा, “अरुणाचल प्रदेश के लोग सृष्टी के भक्त है। उन्होंने अपने संस्कृति और रिवाजों का खुलकर समर्थन करना चाहिये। इस विषय में राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ अरुणाचल प्रदेश के लोग के मदद के लिये तत्पर है”।

ईशान्य भारत की पत्रिका “नोर्थइस्ट टुडे” के अनुसार पसिघाट में ८ जनवरी को आयोजित अरुण चेतना संगम में डा. भागवत बोल रहे थे।

डा. भागवत ने इशान्य भारत के लोगो में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने में राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ द्वारा कार्यान्वित होने वाले परियोजनाओं के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी। डा. भागवत ने कहा की किसी भी समाज के नित्य और चिरस्थायी प्रगति के लिये उसके मूल पहचान का ढांचा मजबूत होना बहुत जरुरी है।

उन्होंने कहा की अपने समाज को आगे बढाना यह हर पिढी की जिम्मेदारी है और समाज के विशेष गुण, रीतिरीवाज और परंपराओं का अनुरक्षण करते हुए हि इसे मूर्तरुप दिया जा सकता है।

इस कार्यक्रम में उपस्थित अन्य मान्यवर सेवानिवृत्त आयएएस अफ़सर ओशोंग इरिंग ने यह स्पष्ट रुप से कहा की अरुणाचल प्रदेश वर्तमान में और पहले भी चीन के अधिकार क्षेत्र या चीन प्रशासन के अधिन नही था।

उन्होंने कहा की अरुणाचल प्रदेश हमेशा भारत का एक अविभाज्य हिस्सा रहेगा। अदी समाज के केबंग पद्धति को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि अरुणाचल समाज के रगों में प्रजातंत्र दौडता है।

डा. भागवत ने पसिघाट में ६ जनवरी को आयोजित किये गये तीन दिवसीय अरुण चेतना शिविर में भाग लिया। अरुणाचल प्रदेश के १६ जिल्हों से तररीबन ५०० स्वयंसेवकों ने इस शिविर मे हिस्सा लिया था।

RSS: Arunachal an Essential Part of India
Speaking at the Arun Chetana Sangam organized at the school field of Daying Ering Memorial Govt. Hr Sec School, Pasighat on January 8 last, Dr. Mohan Bhagwat, the Sarsangha-chalak of Rashtriya Sway-amsevak Sangh (RSS) said that Arunachal Pradesh is an integral part of India and does not belong to anybody else and added that Arunachalis too uphold this truth and always stand by the nation. While complementing the Arunachali communities for it, the Sarsanghachalak briefly explained the efforts and service projects of the RSS in the remote and border areas to upkeep the national spirit alive in the people. The RSS chief said that regular and perennial development of any society is possible only on a strong foundation of its own identity.

Every generation has the responsibility to lead the society forward and it has to be materialized by up-keeping the special feature, customs and traditions of the society, he said. The people of Arunachal Pradesh are the worshippers of nature and they should stand up upholding their values and virtues. The Rashtriya Swayam-sevak Sangh would always stand by the efforts of the Arunachalis in this regard, he said. While delivering the presidential address Oshong Ering IAS (Retd) president, Nagarik Swagat Samiti categorically stated that the people Arunachal Pradesh had been neither under the Chinese territory nor Chinese administration in its past. He added that Arunachal Pradesh would always remain to be an integral part of India. Highlighting the pivotal role of the Kebang system in the Adi society, Ering stated that the Arunachali society is democratic in its blood and veins. The RSS Chief also attended the 3 days Arun Chetana Shivir in Pasighat which started from January 6. Nearly 500 trained and active swayamsevaks from 77 places across all the 16 districts of Arunachal Pradesh participated in the Shivir and interacted with the RSS chief.
source: http://www.northeasttoday.in/our-states/arunachal-pradesh/rss-arunachal-an-essential-part-of-india/#more-18639

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित