गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

संघ का लक्ष्य जागृत हिंदूवादी समाज - माननीय मोहनराव भागवत


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साभार : विश्व संवाद केंद्र , हिमाचल प्रदेश
सोच बदलने से मिटेगा भ्रष्टाचार
बिलासपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से संसद में पारित करने के लिए प्रस्तावित सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक संविधान की भूल भावना के उलट है। विधेयक के जरिये सीधे बहुसंख्यक समाज को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। यदि विधेयक पारित होता है तो इसके प्रभाव से देश व समाज के टुकड़े होने का खतरा पैदा हो सकता है। मोहन भागवत राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बाल) बिलासपुर में आयोजित संघ की दृष्टि से छह जिलों के स्वंयसेवकों के मिलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए इनसान की सोच को बदलने की ज्यादा जरूरत है। केंद्र सरकार में वही लोग अब प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) को लागू करने की कोशिश में लगे हैं, जो कुछ वर्ष पहले तक इसका विरोध कर रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र में बैठी प्रभावशाली शक्तियों के दबाव में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा देकर हिंदुस्तान में इन कंपनियों को फिर बसाने की योजना ही सरकार के इस फैसले के पीछे हो सकती है। उन्होंने चिंता जताई कि भारत अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य पर पिछड़ रहा है। रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले लगातार गिरती जा रही है। महंगाई ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि वे राजनेताओं के पीछे न भागें बल्कि समाज के भीतर अपनी ऐसी सक्रियता बनाएं कि नेता उनके पीछे भागें। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व ही इस देश को तमाम अनेकताओं के बावजूद एकता के सूत्र में पिरोए हुए है। उन्होंने स्वयंसेवकों व आसपास के जिलों से आए लोगों का आह्वान किया कि वे समाज की बेहतरी के लिए योगदान संघ के साथ सक्रिय भूमिका के रूप में दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2020 तक देश को विश्व शक्ति के रूप में देखने के दावे पर अब निराशा दिख रही है क्योंकि वर्तमान में देश के आंतरिक सुरक्षा के अलावा पड़ोसी देशों पाकिस्तान व चीन के प्रति अब तक केंद्र कोई ठोस रणनीति नहीं बना पाया है। इस मौके पर संघ के उत्तरी क्षेत्र के प्रमुख प्रोफेसर बजरंग लाल, प्रांत संघ चालक कर्नल रूप चंद, ब्रिगेडियर जेएस वर्मा आदि उपस्थित थे।

स्त्रोत: http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=44&edition=2011-12-15

प्रदर्शनियां व झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के कार्यक्रम में सीसे स्कूल छात्र के मैदान में लगी प्रदर्शनियां व झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। राष्ट्रीय स्वयं संघ द्वारा स्कूल के ग्राउंड में साहित्य, भारत की बलिदानी परंपरा व देश में विज्ञान की उज्जवल परंपरा की प्रदर्शनियां लगाई गई थी। जिनमें भारत की बलिदानी परंपरा प्रदर्शनी में मुगल साम्राज्य के दौरान सिखों के बलिदान के छाया चित्र देखकर जहां गुलामी के सम की यादें ताजा हो रही थी वहीं इन चित्रों में सिख व बलिदानियों को दी गई कू्रर यातनाओं को देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो रहे थे। साहित्य प्रदर्शनी में संघ से संबंधित देशी भक्ति की पुस्तकें खरीदने में भी लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। इसके अतिरिक्त शहर में जगह-जगह लगी देश भक्ति से ओत-प्रोत व धार्मिक झांकियां भी लोगों ने खूब सराही।

स्त्रोत: http://www.bhaskar.com/article/HIM-OTH-1657060-2640734.हटमल

रुपया गिर रहा, महंगाई बढ़ रही

राष्टï्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने कहा है कि भारत को सशक्त राष्टï्र बनाने के लिए राष्टï्रीयता की भावना जागृत करने की जरूरत है। स्थानीय राजकीय वरिष्ठï स्कूल में राष्टï्रीय सेवक संघ के स्वयं सेवकों व अन्य संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि योजनाएं, सरकारें व नेताओं को कई बार बदलकर देख लिया है। बावजूद इसके समस्याएं जस की तस हैं। भारत की सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं। पश्चिम में पाकिस्तान व उत्तर में चीन मुुश्किलें खड़ी कर रहा है। आर्थिक स्थिति चिंतनीय है। रुपया लगातार गिर रहा है ओर महंगाई प्रतिदिन बढ़ रही है। भ्रष्टïाचार चरम पर पहुंच चुका है। भ्रष्टïाचार को समाप्त करने के लिए सख्त कानून नहीं बन पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं। आर्थिक नीतियों का उल्टा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने एफडीआई के मुद्दे पर कहा कि इससे खुदरा व्यापार व छोटे तथा मंझले व्यापारी समाप्त हो जाएंगे तथा देश का पैसा विदेशों में चला जाएगा। २००१ में इसका कड़ा विरोध करने वाले आज इसे शीघ्र लागू करने में जुटे हैं। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा कानून की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है इस कानून के लागू होने से बहुसंख्यक समाज को भारी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। यह कानून मात्र अल्पसंख्यक सममुदाय के वोट हासिल करने के लिए लाया जा रहा है। भारत में विश्व गुरु बनने की क्षमता है और सारी दुनिया इस समय भारत की ओर देख रही है। इसके लिए लोगों को राष्टï्रीय स्वयं सेवक संघ का स्वयं सेवक बनना पड़ेगा। भ्रष्टïाचार को समाप्त करने के लिए मत भेदों व स्वार्थों की तिलांजलि देनी पड़ेगी तथा संपूर्ण भारत के हित में मिलजुलकर कार्य करने की आदत डालनी पड़ेगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष ब्रिगेडियर जगदीश वर्मा ने कहा कि राष्टï्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों ने युद्ध व प्राकृतिक आपदा के समय बिना किसी स्वार्थ के भरपूर सेवा की है।

स्त्रोत: http://www.bhaskar.com/article/HIM-OTH-1657175-2640669.हटमल

बिलासपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से बुधवार को बिलासपुर, मंडी, सुंदरनगर, सरकाघाट, ऊना व नालागढ़ के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों का बिलासपुर में पथ संचलन हुआ। पथ संचलन शहर में मुख्य आकर्षण रहा। सारे शहर तथा कार्यक्रम स्थल को भगवा ध्वजों से सजाया गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से तय कार्यक्रम के तहत बिलासपुर शहर, नालागढ़ व ऊना के स्वयंसेवकों ने नगर परिषद मैदान, हमीरपुर, सरकाघाट व बंगाणा के स्वयंसेवकों ने कोठी चौक तथा मंडी, सुंदरनगर व कंदरौर के स्वयंसेवकों ने बामटा चौक पर पूर्ण गणवेश एवं घोष की धुनों पर एक साथ कदम से कदम मिलाकर पथ संचलन किया। इस अवसर पर जगह-जगह स्कूली विद्यार्थियों ने झांकियां निकाली।

स्त्रोत: http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=44&edition=2011-12-15&pageno=2#id=111728483971134064_44_2011-12-15
एस्कार्ट सुरक्षा छोड़ स्वयंसेवकों के सुरक्षा घेरे में गए भागवत
बिलासपुर : बिलासपुर के गरामौडा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ। मोहन भागवत ने बुधवार सुबह जैसे ही हिमाचल प्रवास के लिए प्रवेश किया तो उस समय वह पुलिस की अपेक्षा स्वयंसेवकों के सुरक्षा घेरे में आगे निकल लिए। सूत्रों के मुताबिक सरकार द्वारा मोहन भागवत के हिमाचल प्रवास के उद्देश्य से कड़े सुरक्षा उपाय किए गए थे। भागवत के लिए पुलिस ने एस्कार्ट सुरक्षा एनएच 21 पर गरामौड़ा के पास भेजी थी। पुलिस के चौकस होने के बावजूद संघ प्रमुख पुलिस की इस्कार्ट सुरक्षा व सरकारी तामझाम की परवाह के बिना स्वयंसेवकों के सुरक्षा घेरे में उनके द्वारा उपलब्ध वाहन में आगे निकल लिए। स्वयंसेवक के घर रुके आरएसएस प्रमुख बिलासपुर : डॉ. मोहन भागवत बिलासपुर में किसी सरकारी बंगले या विश्राम गृह में ठहरने की अपेक्षा स्वयंसेवक के घर पर रुके हैं जो साधारण मकान है। मोहन भागवत सरकार द्वारा उपलब्ध किसी सरकारी बंगले या विश्राम गृह में रुक सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वह निहाल सेक्टर में डॉ. अतुल के घर पर ठहरे हैं जो लोगों के लिए प्रेरणादायक है कि आरएसएस के वरिष्ठ अधिकारी की नजरों में कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है तथा सब एक समान हैं चाहे वह किसी भी जाति का हो.


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित