गुरुवार, 8 दिसंबर 2011

‘शक्ति के बल पर नहीं, आध्यात्मिक चिंतन से खड़ा होगा भारत’


शारदा बालिका निकेतन में सुबह बच्चों व शाम को प्रबुद्ध नागरिकों को सम्बोधित करते राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले



नागौर
७ नवम्बर सह सरकार्यवाह दतात्रेय होसबले ने कहा कि वर्तमान में भारत के नौजवान आज विश्व के सभी देशों में अग्रगण्य भूमिका निभा रहे हैं। देश में आज 35 करोड़ युवा शक्ति है जो विश्व में सर्वाधिक है।

वे शारदा बालिका निकेतन स्कूल में बुधवार को तरुण विद्यार्थी सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे। होसबले ने कहा कि हर क्षेत्र में अथक प्रयास व मेहनत की जरूरत है। रोजगार की संभावनाएं आज कैसी है। हम सब जानते हैं। देश के हालात किसी से छुपे नहीं हैं। कृषि प्रधान देश में किसान कर्ज तले डूब कर खुदकुशी कर रहे ं हैं। व्यापारी वर्ग नाखुश है। चारों तरफ असंतोष बोल रहा है। लोकतंत्र में बंदूक उठाने के बजाय एकजुटता से वातावरण में समरसता का प्रसार किया जाए तो ही शांति कायम होगी।
वर्तमान का भारतीय नौजवान मेडिकल, इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर, मैनेजमेंट के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी है। उन्होंने तरुण स्वयं सेवकों से वृक्षारोपण, रक्तदान आदि सामाजिक सरोकार के कार्य करने का आह्वान करते हुए नैतिक व चरित्र की बुनियाद पर खड़े होकर जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया। सम्मेलन के दौरान छात्रों ने दतात्रेय होसबले से सवाल जवाब कर अपनी जिज्ञासा शांत की।

भारत शक्ति के बल पर नहीं बल्कि अपने आध्यात्मिक चिंतन से खड़ा होगा। भारत का यह प्रबलीकरण दुनिया को अपने आध्यात्मिक दीपक से आलोकित करने के लिए होगा। देश में धार्मिक व सांस्कृतिक जागृति का पुनर्जागरण हुआ है। शहर के शारदा बालिका निकेतन स्कूल के सभागार में संत जानकीदास महाराज के सान्निध्य में बुधवार को आयोजित प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि सभी में ईश्वर का अंश देखने वाला भारतीय जन अपने जीवन में छुआछूत व भेदभाव का व्यवहार करता है तो यह उचित नहीं है। उन्होंने समकालीन भारतीय राजनीतिक परिदृश्य व भारत पर छाए संकटों पर विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि देश में आमजन के मन में भ्रष्टाचार व देश की एकता की भावना है और यही वजह है कि लोग अन्ना व बाबा रामदेव के साथ जुड़े हैं। वर्तमान में शिक्षा में संस्कार की आवश्यकता महसूस की जाने लगी है। पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें जीवन शैली में बदलाव करना होगा। उन्होंने प्रबुद्ध जनों से अधिक चिंतनशील होने के साथ साथ क्रियाशील होने का आग्रह करते हुए भारतीय व्यवहार व चिंतन पद्धति का प्रारंभ अपने घर से ही करने का आग्रह किया।

संत जानकीदास महाराज ने कहा कि राष्ट्र को बलशाली बनाने के लिए स्वयं से बदलाव करने की शुरुआत करनी होगी। कार्यक्रम का संचालन हेमंत जोशी ने किया। सुखवंत खत्री ने आभार प्रकट किया। इस दौरान पालिका अध्यक्ष बिरदी चंद सांखला, भारत विकास परिषद के पूर्व संरक्षक शिवनारायण चौधरी, श्रीगोपाल चांडक, भाजपा प्रदेश मंत्री सरोज प्रजापत, मोहनराम चौधरी, ताराचंद सोनी, विद्या भारती बालिका शिक्षा की सह संयोजिका प्रमिला शर्मा आदि बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद थे।
स्त्रोत : http://epaper.bhaskar.com/Details.aspx?id=125844&boxid=१२८१५२२७१५६

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित