सोमवार, 31 अक्तूबर 2011

‘प्रताप गौरव केन्द्र : एक परिकल्पना’ को लेकर बैठक

प्रताप गौरव केन्द्र के बारे में बतलाते हुए प्रान्त प्रचारक माननीय मुरलीधर जी


बैठक में जनसमूह को संबोधित करते तारातरा मठ के प्रतापपुरी महाराज साथ में प्रान्त प्रचारक माननीय मुरीधर जी
साभार : दैनिक भास्कर
गौरव केंद्र के निर्माण में सहयोग के लिए बैठक आयोजित

फलौदी उदयपुर में टाइगर हिल पर निर्माणाधीन प्रताप गौरव केन्द्र के निर्माण में सहयोग देने के लिए रविवार को महाराणा प्रताप गौरव केन्द्र समिति शाखा फलौदी की बैठक स्थानीय तुलसीबाई पालीवाल छात्रावास में हुई। बैठक में आरएसएस के प्रांत प्रचारक मुरलीधर, अमृतलाल व्यास तहसील संघ संचालक व महंत गोपालदास ने केन्द्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सहयोग के लिए आह्वान किया।

वक्ताओं ने कहा कि भक्ति और शक्ति के प्रतीक रूप में मेवाड़ के प्रत्येक जन ने श्रेष्ठ भारतीय संस्कृति को अपने में समाहित किया है। इस गौरवपूर्ण विरासत को वर्तमान पीढ़ी से सुपरिचित कराने के लिए समिति एक भव्य संग्रहालय का निर्माण करने जा रही है। समिति द्वारा वर्ष 2008 में टाइगर हिल पर नीमच माता मंदिर के पीछे 25 बीघा जमीन पर केन्द्र का निर्माण प्रारंभ किया है। बैठक में जगदीश राजपुरोहित, दिलीपसिंह, जयराम गज्जा, तुलछाराम चौधरी, विजय पालीवाल आदि उपस्थित थे।
स्त्रोत: http://epaper।bhaskar.com/Details.aspx?id=114117&boxid=१०३१०१९४८४

अपनी प्रवृत्ति से ही लोग महान बनते हंै- प्रतापपुरी
‘प्रताप गौरव केन्द्र : एक परिकल्पना’ को लेकर बैठक
पोकरण व्यक्ति अपनी प्रवृत्ति से ही महान होता है। उदार तथा त्याग प्रवृत्ति वाला मनुष्य ही लोगों के लिए आदर्श बन सकता है। भोगी प्रवृत्ति मनुष्य को गर्त में ले जाती है। यह उद्गार तारातरा मठ के प्रतापपुरी महाराज ने नगरपालिका सभागार में प्रताप गौरव केन्द्र एक परिकल्पना के निर्माण के संबंध में आयोजित बैठक के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

प्रतापपुरी महाराज ने कहा कि आज के समय में व्यक्ति हर समय अपना स्वार्थ देखता है। किसी भी कार्य करने से पूर्व मनुष्य उस कार्य से अपने स्वार्थ को जोड़ता है। जिसके कारण उस कार्य को करने की भावना में स्वार्थ निहित हो जाता है तथा कार्य करने में मनुष्य को जो आनंद की अनुभूति होनी चाहिए वह नहीं हो पाती है। आज कल विद्यालयों तथा महाविद्यालयों की किताबों में हिंदुत्व के गौरवशाली इतिहास के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो कि बर्दाश्त से बाहर है। इसी महान इतिहास को बचाने के लिए उदयपुर में प्रताप गौरव केन्द्र की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र पर लोगों को भारत में जन्म लेने वाली महान विभूतियों तथा उनके द्वारा किए गए त्याग बलिदान के बारे में बताया जाएगा। प्रचारक ओमप्रकाश शर्मा ने महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, पृथ्वी राजसिंह, पन्नाधाय, लक्ष्मीबाई सहित कई महान तथा विभूतियों के जीवन का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों के इतिहास को संजोए रखने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा प्रताप गौरव केन्द्र एक परिकल्पना का निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा उदयपुर में 25 बीघा जमीन खरीदी गई है। प्रताप गौरव केन्द्र के निर्माण की कुल राशि 100 करोड़ रुपए आंकी गई है। जिसमें से तीन करोड़ तक का कार्य हो चुका है। आगामी 10 वर्ष में इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने बैठक के दौरान इस कार्य में अपना सहयोग देने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र में भारत, राजस्थान, मेवाड का इतिहास निहित है। इस अवसर पर महंत मेघानंद महाराज, कल्याणपुरी महाराज तथा प्रचारक मुरलीधर ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। बैठक में जिला सह संघ चालक चिरंजीलाल सोनी, खेताराम लीलड़, भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व वरिष्ठ नेता शैतानसिंह, पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी, नगरपालिका अध्यक्ष छोटेश्वरी देवी माली, उपाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, पार्षद धूड़ाराम सोनी, खेताराम माली, युवा नेता आईदान सिंह भाटी, मदनसिंह राजमथाई, महेश गुचिया, अनिल रंगा, जुगलकिशोर व्यास, रणवीरसिंह गोदारा, दलपतसिंह पूनमनगर आदि उपस्थित थे।
स्त्रोत: http://epaper.bhaskar.com/epapermain.aspx?edcode=147&eddate=10/30/२०११


थार विचार गोष्ठी का आयोजन
आहोर कस्बे के खारा मार्ग पर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में शनिवार को थार विचार मंच आहोर के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख नंदलाल ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि सरकार द्वारा आगामी सत्र में सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा अधिनियम 2011 को लाया जा रहा है। जो कि अलोकतांत्रिक व सांप्रदायिक कानून है। गोष्ठी में तहसील के विभिन्न गांवों से आए 150 लोगों ने भाग लिया। गोष्ठी में कई वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट करते हुए इस विधेयक के प्रति गहरी नाराजगी जताई तथा आवश्यकता पडऩे पर विरोध प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सह विभाग कार्यवाह खीमाराम, मगाराम, गोपालसिंह, छगन सिंह, दीपाराम, लकमा राम, बंशीलाल, सुखदेव, देवेन्द्र, हनुमानसिंह, ओटरमल, दशरथ, गोमा राम, नृसिंहदान, विजेंद्रसिंह, तेजकरण बालोत सहित कई लोग उपस्थित थे।
स्त्रोत: http://epaper।bhaskar.com/epapermain.aspx?edcode=92&eddate=10%2f30%2f2011&querypage=२
सोजत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. श्रीलाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा ‘सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा अधिनियम 2011’ कानून देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करेगा। वे रविवार को आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसका ड्राफ्ट एक गैर संवैधानिक संस्था ने तैयार किया है, जिसे राजकीय मान्यता दी जा रही है। यह कानून देश की एकता को कमजोर करने वाला है। इसके विरोध में आगामी दिनों में उपखंड अधिकारी के द्वारा राज्यपाल को इस कानून को न बनाने के लिए ज्ञापन दिया जाएगा। साथ ही क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत से भी इस नियम के विरोध में ज्ञापन भिजवाया जाएगा। इस अवसर पर संभाग संपर्क प्रमुख कमल गोयल ने उदयपुर में संघ द्वारा निर्माणाधीन प्रताप केंद्र के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के भंवरलाल जोशी, दलवीर भटनागर, नरेंद्र टांक, अविनाश जांगिड़, अरविंद कुमार द्विवेदी, नेमीचंद गहलोत, कैलाश चावला, हीरालाल कांठेड़, प्रवीण सांदू, मोहन जाट आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
स्त्रोत: http://epaper।bhaskar.com/Details.aspx?id=114173&boxid=१०३११२०३९६८७

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित