शनिवार, 5 फ़रवरी 2011

घर-घर पहुंचे त्याग-शुचिता का विचार

साभार : दैनिक भास्कर, अजमेर

संघ प्रमुख का सार्वजनिक संबोधन आज



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत शनिवार को शाम साढ़े 4 बजे आजाद पार्क में सभा को संबोधित करेंगे।आरएसएस के महानगर संघ चालक सुनीलदत्त जैन ने बताया कि सभा में केवल स्वयंसेवकों और उनके परिवारजनों को ही आमंत्रित किया गया है। इस सार्वजनिक कार्यक्रम में मीडिया आमंत्रित नहीं है। आजाद पार्क में होने वाली सभा में स्वयंसेवक 15 मिनट तक व्यायाम का प्रदर्शन करेंगे। इसमें संघ प्रमुख भी भाग लेंगे। इसके बाद साढ़े चार बजे संघ प्रमुख का संबोधन होगा। सभा के बाद भागवत का अजमेर में ही रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है। वह रविवार सुबह छह बजे अजमेर से सड़क मार्ग से भीलवाड़ा जाएंगे। संघ प्रमुख भीलवाड़ा में रविवार सुबह 11 बजे माधव गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र गोशाला के वार्षिक समारोह में भाग लेंगे।



घर-घर पहुंचे त्याग-शुचिता का विचार



अजमेर भारत का विकास सत्ता से नहीं बल्कि जागृत समाज से होगा। इस जागृत समाज के लिए विशुद्ध चरित्र का होना जरूरी है। हमारी संस्कृति का आधार त्याग और शुचिता है, इस पर हमें गर्व है। यह बात आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को भगवान गंज स्थित अविनाश माहेश्वरी स्कूल में जिला प्रचारकों और प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक में कही।भागवत ने अजमेर में अपने प्रवास के चौथे दिन जिला प्रचारकों की बैठक में 13 फरवरी से शुरू होने वाले जन जागरण अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने संघ की शाखाओं की स्थिति और उनके विस्तार पर भी जोर दिया। संघ प्रमुख ने आह्वान किया कि शाखाओं का विस्तार कर संगठन की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाएं। अभियान के लिए जिला स्तर पर समितियों का भी गठन किया गया।



हमने शक्ति की उपासना छोड़ी



भागवत ने प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हम एक हजार साल तक केवल इसलिए गुलाम रहे क्योंकि हमने शक्ति की उपासना का त्याग कर दिया। उन्होंने कहा कि यह शक्ति सेना और पुलिस की नहीं बल्कि जागृत समाज की होनी चाहिए। बैठक में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, एमडीएस यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी पीएल चतुर्वेदी, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसवीर सिंह, रिटायर्ड आईपीएस अफसर कल्याणमल शर्मा, सीआरपीएफ के रिटायर्ड आईजी एमएम शर्मा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष विमल प्रसाद अग्रवाल, भरतपुर पीएचईडी के पूर्व इंजीनियर भवानी सिंह, दौसा किसान संघ के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सहित अन्य प्रबुद्ध नागरिक शामिल थे।



स्त्रोत: http://epaper.bhaskar.com/epapermain.aspx?eddate=2%2f5%2f2011&edcode=15

संगठित हिन्दू ही सुरक्षा की गारंटी"

अजमेर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहनराव भागवत ने कहा कि देश का हिन्दू समाज संगठित होगा तो भारत की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसलिए देश के प्रत्येक हिन्दू को सबसे पहले संगठित करने की आवश्यकता है। हिन्दू पूजा पद्धति नहीं हमारी पहचान है, हिन्दू के पास ही श्रेष्ठ जीवन मूल्य और परम्परा है। देश की राजनीति पर नहीं समाज नेतृत्व पर आधारित होना चाहिए। जनता जागृत रही तो राजनीति को ठीक दिशा दी जा सकती है। शुक्रवार को भगवान गंज स्थित शहीद अविनाश माहेश्वरी विद्यालय में सम्पर्क विभाग की ओर से आयोजित सामाजिक, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और पुलिस के रिटायर्ड अधिकारियों की बैठक में भागवत ने कहा कि हिन्दू के विषय को लेकर समाज के बीच जाना होगा। हिन्दू पहचान पर हमें गौरव होना चाहिए। शक्तिशाली हिन्दू समाज ही देश की सुरक्षा की गारंटी है। हिन्दू अपनी परंपरा में युगानुकूल परिवर्तन की क्षमता रखता है। प्रदेश भर से आमंत्रित विभिन्न क्षेत्रों के 25 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि केंद्र सरकार और कांग्रेस हिन्दुत्व और हिन्दू संगठनों को षड्यंत्रपूर्वक बदनाम कर रहा है। देश में आतंकवाद बढ़ता जा रहा है, हिन्दू संतों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर में अलगाववाद पनपता जा रहा है, अलगाववादी संगठनों के दबाव में कश्मीर की जनता और सेना के जवानों पर सरकार अत्याचार सहन कर रही है।

भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या
भागवत ने समाज के नैतिक पतन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार देश की सबसे बड़ी समस्या है। भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए युवा पीढ़ी को शिक्षित और संस्कारित करना आवश्यक है। समाज में शिक्षा और संस्कार आएंगे तो भ्रष्टाचार देश से समाप्त हो जाएगा। इससे पहले भागवत ने संघ हिन्दुत्व के मुद्दे को लेकर किस तरह काम कर रहा है, इसकी विस्तृत जानकारी दी। शुद्ध चरित्र का महानायक चाहिए भागवत ने कहा कि रविन्द्रनाथ टैगोर का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भारत का भाग्य विकास सत्ता से नहीं समाज के कारण होता है। इस देश के विकास के लिए महानायक चाहिए। महानायक शुद्ध चरित्र वाला हो। संघ इस तरह के शुद्ध चरित्र वाले कार्यकर्ता ही तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम एक हजार वर्ष इसलिए गुलाम रहे कि शक्ति की उपासना छोड़ी।शक्ति सेना या पुलिस की नहीं जागृत समाज की चाहिए। युवा पीढ़ी के मन में व्यक्तिगत स्वार्थ के स्थान पर भारत के परम वैभव का सपना भरना होगा। भागवत ने सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे जिस भी क्षेत्र में हिन्दुत्व और राष्ट्र के लिए काम कर रहे हैं, वैसे ही करते रहें।

ये आए बैठक में

आरएसएस के सर संघ चालक भागवत के साथ बैठक में राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष सी।आर.चौधरी, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल, मदस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पी.एल. चतुर्वेदी, रेवासा पीठाधीश्वर राघवाचार्य महाराज, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एम.एम. शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी कल्याणमल शर्मा आदि उपस्थित हुए।

समाज का संघ में विश्वास बढ़ा है

संघ की बैठक में आए विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने मौजूदा परिस्थिति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार आरएसएस और हिन्दू संतों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है, उससे समाज का संघ और संतों में विश्वास बढ़ा है। हिन्दू समाज इस बात से खफा है कि वोटों की राजनीति के लिए संत समाज और हिन्दू संगठनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित