मंगलवार, 6 अप्रैल 2010

दीप मंत्र के साथ आयोजित हुआ पाथेय कण पाठक सम्मेलन

दीप मंत्र के साथ आयोजित हुआ पाथेय कण पाठक सम्मेलन

भास्कर न्यूज
First Published 01:49[IST](06/04/2010)
Last Updated 01:49[IST](06/04/2010)

बाड़मेर . मुगलों तथा अंग्रेजों ने भारत आकर शासन करना चाहा। उन्होंने हमारी मानसिकता को गुलाम बनाने का प्रयास करते हुए खून बदलने का प्रयास किया, लेकिन इन सब को पूरा नहीं होने दिया। इसी क्रम में पाथेय कण ने राष्ट्रीय विचारों की भागीरथी प्रवाहित की है। इससे पाथेय विचारों की तारतम्यता को जोडऩे का कार्य कर रही हैं।

यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोधपुर विभाग के प्रचार प्रमुख शंकर मंगनाणी ने आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित पाथेय पाठक सम्मेलन में कही। कार्यक्रम की शुरूआत दीपमंत्र से हुई। शंकर मंगनाणी ने पाथेय कण के अब तक के विभिन्न कलम आंदोलनों तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरण पत्रिकाओं का उद्देश्य राष्ट्रीयता के विचारों को जगाना है। कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी खुशालनाथ धीर ने कहा कि पाथेय कण ने कई बार विभिन्न मुद्दों पर देशवासियों में वैचारिक क्रांति लाने का प्रयास किया है। पाथेय के सभी अंकों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जानी चाहिए। कार्यक्रम में बाड़मेर नगर के सभी जागरुक पाठकों ने इस पर विविध सुझाव भी रखे।

सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक दुर्गेश सोनी, जिला संघ चालक पुखराज गुप्ता, विहिप के ओमप्रकाश गर्ग मधुप, छतुमल सिंधी, सीमा जन कल्याण समिति के अम्बालाल जोशी समेत कई जने उपस्थित थे। अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

source : http://www.bhaskar.com/2010/04/06/429482-843785.html

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित