सोमवार, 30 नवंबर 2009

गाय का सरंक्षण आवश्यक - उल्लास चंद्र





जोधपुर.२९ नवम्बर २००९। विश्व मंगल गौ ग्राम उपयात्रा जोधपुर महानगर में कल जुना खेडापति बालाजी से शुरू हुई। गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनजागरण के उद्देश्य से नंदनवन नगर समिति की ओर से जूना खेड़ापति बालाजी मंदिर से सुबह नौ बजे यात्रा शुरू हुई। संत डॉ. शिव स्वरूपानंद गिरि, जितेन्द्र गिरि व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कृष्णचंद्र भार्गव ने गो—पूजन कर यात्रा को रवाना किया।
यात्रा का नेतृत्व नंदनवन नगर समिति के संयोजक ओमप्रकाश पुरोहित ने किया। यात्रा पाल लिंक रोड, प्रथम पुलिया चौहाबो, सेक्टर दस, दशहरा मैदान होते हुए सेक्टर 12 में आकर विसर्जित हुई।
जगह—जगह हुआ स्वागत
गौ ग्राम यात्रा के महानगर प्रचार प्रमुख कैलाशचंद्र ने बताया कि यात्रा का अनेक स्थानों पर स्वागत हुआ। महिलाओं व पुरुषों ने जगह—जगह पूजा अर्चना की व संतों के सान्निध्य में गौ संरक्षण का संकल्प लिया। यात्रा का पहला पड़ाव राधाकृष्ण मंदिर पाल लिंक रोड पर हुआ।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक उल्लास चंद्र जी ने गोऊ माता के महत्तव को बतलाते हुए गाय के सरंक्षण का आव्हान किया। अपने उधबोधन में उन्होंने कहा की प्रकृति से कत्तई खिलवाड़ न करे गौशाला के उत्पाद का अहिक से अधिक उपयोग करे तथा प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग बंद करे और प्लास्टिक की थैलियों को खुले में बाहर न फेंके। क्योकि प्लास्टिक की थैलियों में रखी खाध्य सामग्री खाने के चक्कर में गाय थैली भी खा लेती हे जिससे उसकी असमय ही मृत्यु हो जाती हैं।
यहां पर डॉ. शिवस्वरूपानंद गिरि सदरूपानंद गिरि ने गाय का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि दूध के साथ साथ गोबर व गोमूत्र भी बेहद उपयोगी होते हैं। पाल लिंक रोड से यात्रा राजीव गांधी कॉलोनी पहुंचने पर सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर व गीत गाते हुए यात्रा का बधावणा किया। इसके साथ ही गाय माता की प्रतिमा को चूंदड़ियां ओढ़ाकर उसकी पूजा अर्चना की गई।
कामधेनु का अवतार है गाय
सेक्टर 10, नंदकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आरएसएस के विभाग प्रचारक हुल्लासचंद्र ने कहा कि कलियुग में विश्व का संतुलन करने के लिए भगवान ने कामधेनु के रूप में गाय को पृथ्वी पर भेजा था। समिति के प्रांत कोष प्रमुख ललित शर्मा ने दशहरा मैदान में बोलते हुए गाय का महत्व बताया। सभा के शुरू में नगर अध्यक्ष विक्रम पंवार, कन्हैयालाल खटवानी, पार्षद सुनीता झामनानी ने संतों व अतिथियों का स्वागत किया।
इसके बाद कृष्णनगर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में उप यात्रा पहुंचने पर ढोल नगाड़ों के साथ समिति के जयसिंह, राकेश वशिष्ठ, कैलाश बाबू, रामजी अग्रवाल ने यात्रा की अगुवाई की। समिति के महानगर संयोजक अनिल गोयल ने सभा को संबोधित करते हुए गौ को महत्वपूर्ण बताया। शाम को यात्रा चौहाबो सेक्टर 12 में आकर विसर्जित हुई। यहां समिति के संरक्षक सत्यपाल हर्ष ने संबोधित किया।

गुरुवार, 26 नवंबर 2009

लौकिक और पारलौकिक आवष्यकताओं की प्रदात्री है गाय डा. जैन



मदुरै, नवंबर २५ – गाय में वो सामर्थ्य है जिससे संपूर्ण सृष्टि का पालन हो सकता है । गाय हमारी लौकिक और पारलौकिक दोनों आवष्यकता की पूर्ती करने में समर्थ है । यह कहना है विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. सुरेन्द्र जैन का । वे विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के मदुरै पहुंचने पर आयोजित सभा में बोल रहे थे ।
गोरक्षा के नाम पर भारत को पीछे ले जाने के बुद्धिजीवियों के तर्क को नकारते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ७० प्रतिशत जनता कृषि पर आधारित है और इनमें से भि ७२ पतिशत ऐसे किसान है जिनके पास केवल २ से ४ एकड ही जमीन है । आज देश में ४.०७ करोड हल और १.३० करोड बैलगाडी है । इसलिए किसान को ट्रैक्टर कृषियंत्रों की जरूरत नहीं, उसकी जरूरत गाय है ।
उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के बढते प्रयोग से भारत की ३० करोड एकड भूमि बंजर हो गयी है । हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता घटने का व अपराधों के बढने का कारण भी रासायनिक खाद ही है । सरकार रासायनिक खाद के लिए प्रतिवर्ष १८ हजार करोड रूपये की सब्सिडी देती है । उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह धन गो आधारित अनुसंधान में लगाए तो भारत पुनः विकास की ओर गति करने लग जाएगा ।
डा. जैन ने कहा कि यान्त्रिक कल्लखानों में जितने पानी का उपयोग होता है उसे अगर बचा लिया जाए तो भारत की जल समस्या व कावेरी विवाद का हल हो जाएगा । डा. जैन कहा कि गांव की उपेक्षा करने पर देश का विकास संभव नहीं है । दुर्भाग्य से हमने देश की जडों को नहीं पहचाना, आज भारत विकास के नाम पर विनाश की ओर जा रहा है । यदि मानवता को बचाना है तो भारत को बचाना होगा, भारत को बचाना है तो गांव को बचाना होगा और गांव को बचाना है तो गाय को बचाना होगा ।
मदुरै के मेला मासी स्ट्रीट पर आयोजित सभा को यात्रा प्रमुख श्री राघवन, रामकृष्ण आश्रम विरतुनगर के स्वामी स्वरूपानंद, रामकृष्ण मठ तिरवेटकं के स्वामी परमानंद, स्वामी आत्मानंद आदि संतों ने संबोधित किया ।

गोऊ मांस का सेवन बंद करे - अभिनन्दन जयराम रमेश जी का

India tells US – stop “beefing” about the environment

India served a challenge to the US this week. Indian environment minister, Jairam Ramesh told the US if it wants to get serious about environmental emissions if needs to stop eating so much beef. An American is the biggest beef consumer, eating 25% more than Europeans. However, Ramesh is not so concerned about depletion of forest to create grazing land for cattle, the inefficiency of how cattle consume more food stuffs than they produce, or even the health impacts of the feed additives frequently given to cattle. No, Ramesh is far more concerned with cattle’s’ other primary output, namely methane.
The environment minister, Jairam Ramesh, said if the world abandoned beef consumption, emissions would be dramatically reduced and global warming would slow down.
“The solution to cut emissions is to stop eating beef. It leads to emission of methane which is 23 times more potent than carbon dioxide,” he said.
His comments follow a call last month by Lord Stern, the author of a British Government study on climate change, for people to give up eating meat to reduce emissions. “Meat is a wasteful use of water and creates a lot of greenhouse gases,” said Lord Stern. “It puts enormous pressure on the world’s resources. A vegetarian diet is better.”
Hindus are forbidden to eat beef and India has more vegetarians than any other country in the world। More than 30 per cent of its 1.1 billion people do not eat meat at all.

http://mydailyclarity.com/2009/11/india-tells-us-%E2%80%93-stop-%E2%80%9Cbeefing%E2%80%9D-about-the-environment/

Give up beef, says जयराम rअमेस


New Delhi: Environment Minister Jairam Ramesh on Thursday urged people across the world to give up, or at least reduce, their beef consumption to bring down methane emissions. “Some people think this is a joke. But I am saying it very seriously. If people across the world give up eating beef, methane emissions would come down drastically,” Ramesh said at a function here. “What India has going for it is the fact that we are not a major beef eating nation,” Ramesh added. एनस

स्त्रोत : http://www.indianexpress.com/news/Briefly-Nation/544024

Pachauri backs Jairam on issue of beef eaटिंग

New Delhi, Nov 20 (PTI) The views of Environment and Forest Minister Jairam Ramesh that beef consumption leads to emissions today got the backing of noted environmentalist R K Pachauri।"If you count the emission associated with beef production, it is huge," Pachauri, who is Director General of The Energy and Resource Institute (TERI) and Chairman of the Inter-governmental Panel of Climate Change, told reporters.Huge pasture land is required for meat production and at times the forest resource is denuded to make it pasture land. The cattle are given food grain which is produced by using chemical fertilisers and pesticides, Pachauri explained."Then the meat has to be refrigerated and transported.It is an international industry. It is kept in refrigerators in outlets. The whole process involves huge green house gas emissions," he said.

http://www.ptinews.com/news/386649_Pachauri-backs-Jairam-on-issue-of-beef-याटिंग

Stop Eating Beef to Avoid Climate Change: रमेश

No, Environment Minister Jairam Ramesh, a vegetarian himself, was not invoking any ancient Hindu scriptures, but what he said would certainly warm the cockles of those hearts who consider eating beef an anathema.Citing measures for developed countries to cut carbon emissions, he said, "It has been seen that developed countries which eat beef have the maximum amount of emissions. They can cut down on emissions, if they stop eating beef.""The single-most important cause of emissions is eating beef,” Ramesh said. “My formula is stop eating beef. This would stop the emission of [large amounts of] methane.”
“You may laugh at it. But the solution to cut emissions is to stop eating beef. It leads to emission of methane (CH4) that is 23 times more potent than carbon dioxide. But the best thing for us, India, is we are not a beef-eating nation,” the minister went on to add.
He was speaking after the release of the United Nation’s Population Fund’s (UNFPA) report: State of World Population 2009 — Facing A Changing World: Women, Population and Climate. While Ramesh quoted a number of studies — and global climate change expert R.K. Pachauri — to support his view, the issue has been debated for years.
Last year, a UN Food and Agriculture Organisation study found that meat production accounts for nearly a fifth of all greenhouse gas emissions — emissions that are causing temperatures to rise, causing erratic rainfall, higher sea levels and stronger storm events.
On the flip side, many scientists argue that meat-eating is good for the environment because it eliminates animals whose manure emits methane, a greenhouse gas 23 times more potent in the global warming scenario than carbon dioxide.
Ramesh’s comments throw the ball back in the court of the developed world a fortnight ahead of the climate change negotiations in Copenhagen. Asking Indians not to expect much from the climate change conference in Copenhagen, Ramesh said the government would follow a "twin track" approach of not binding itself to any global agreement but at the same time putting in place "ruthless" measures to cut emissions on the domestic front."You should not have too many expectations from the Copenhagen summit. It looks like the negotiations would continue," he said here releasing a United Nations report on population."It seems there is a long haul before we arrive at an international commitment," Ramesh added.

http://news.outlookindia.com/item.aspx?६६९७९३

बुधवार, 25 नवंबर 2009

राष्ट्रपति प्रतिभा ने सुखोई में उड़ान भर रचा इतिहास








पुणे। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने आज इतिहास रचते हुए लड़ाकू विमान सुखोई एमकेआई-30 में सवार होकर उड़ान भरी। राष्ट्रपति सुखाई विमान में उड़ान भरने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बन गयीं है।आज पुणे के लोहेगांव एयरफोर्स बेस पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सुखोई में उड़ान भरी। राष्ट्रपति के साथ उड़ान भरने वाले पायलट विंग कमांडर एस साजन हैं। इस उड़ान के लिए राष्ट्रपति को खास एंटी ग्रैविटी सूट पहनाया गया। साथ ही राष्ट्रपति की 74 साल की उम्र को ध्यान में रखते हुए विमान की रफ्तार भी कम रखी गयी। आमतौर पर सुखोई विमान की रफ्तार 1100 किलोमीटर प्रति घंटा होती है लेकिन आज इसे 700-800 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ाया गया। विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति का मेडिकल टेस्ट किया गया और उन्हें वायुसेना ने शानदार अंदाज में सलामी भी दी। गौरतलब है कि इस पूरी उड्रान के लिए राष्ट्रपति को तीन महीने की ट्रेनिंग भी लेनी पड़ी। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से पहले भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी 2006 में सुखोई फाइटर प्लेन में सफर कर चुके हैं। सुखोई विमन की रफ्तार 900 किमी/ प्रति घंटा है। पाटिल ने एक विशेष जी-सूट धारण किया, जो उड़ान के दौरान उन्हें उच्च गुरुत्वाकर्षण दबाव के साथ सामंजस्य बनाए रखने में मदद करेगा। राष्ट्रपति जिस सुखोई में सवार थीं, उसको विंग कमांडर एस साजन ने उड़ाया। एक फाइटर पायलट के यूनीफॉर्म में प्रतिभा पाटिल बिल्कुल अलग ही दिख रही थी, हमेशा साड़ी में दिखने वाली राष्ट्रपति बिल्कुल ही अलग रूप में दिख रही थी। उनके हाव भाव में पूरा विश्वास झलक रहा था। उड़ान भरते समय उनके लड़ाकू विमान के दोनों तरफ दो और सुखोई ने उड़ान भरा, जो उनका पूरी तरह से निगरानी कर रहा था। विमान की उड़ान को इस तरह तय किया गया था कि सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर प्रतिभा को उस समय कोई भी असुविधा न महसूस हो। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी 2006 में सुखोई-30 में उड़ान भरी थी।
स्त्रोत : http://hindi.samaylive.com/news/54007/54007.html



मंदिर के लिए एक और रथयात्रा जरूरी: उमा


नागपुर. लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर पूरे देश में मचे बवाल के बीच भारतीय जनशक्ति पार्टी की अध्यक्ष उमा भारती ने कहा है कि बाबरी मस्जिद ढहाए जाने का जिम्मेदार बताते हुए यदि उन्हें फांसी पर भी चढ़ाया जाता है, तो वे इसे खुशी-खुशी स्वीकार कर लेंगी। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एक और रथ यात्रा निकालने की आवश्यकता बताई है।
नागपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में भारती ने लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर जमकर तीखे शब्दों में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि आयोग अपनी रिपोर्ट को सही बता रही है, तो हम भी बाबरी मस्जिद ढहाए जाने का समर्थन करते हैं। इस प्रकरण में पी.वी. नरसिंहराव की भूमिका की उन्होंने खुलकर तारिफ की है। लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर बरसते हुए उमा भारती ने कहा कि यह राजनीतिक दस्तावेज है न की न्यायिक। यदि इस रिपोर्ट में उन्हें दोषी ठहराया गया होगा, तो वे इसके खिलाफ कानून मदद लेंगी।
एक सवाल के जवाब में उमा भारती ने कहा कि अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद परिसर में उस दिन बड़ी संख्या में कारसेवकों के आने की वजह से लालकृष्ण आडवाणी ने मुझे कारसेवकों को समझाने-बुझाने के लिए वहां भेजा था। मैंने कारसेवकों को शांत करने की पूरी कोशिश की, परंतु सफलता नहीं मिली और बाबरी मस्जिद ढहा दी गई। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने सरकार के कार्यकाल के दौरान राम मंदिर का निर्माण न होने पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा था कि विधेयक लाकर और मुस्लिम समाज की सहमति हासिल कर मंदिर का निर्माण किया जा सकता है।
आंदोलन होगा : तोगड़िया
विवादित बाबरी ढांचा को ध्वस्त करने के लिए हमें गर्व है। राम जन्मस्थल पर भव्य मंदिर निर्माण हेतु हम संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए बलिदान देने की तैयारी भी है। किसी भी कीमत पर बाबर के नाम की एक भी वस्तु का अस्तित्व नहीं रहने दिया जाएगा। केंद्र सरकार मुस्लिमों को खुश करने के लिए निदरेष ंिहंदुओं को लिब्रहान आयोग के नाम पर दंडित करेगी तो केंद्र के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।’

गौ संरक्षण हस्ताक्षर अभियान में आई तेजी

जोधपुर. विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के तहत गौ संरक्षण के लिए चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में मंगलवार को तेजी आई। रातानाडा नगर समिति व रातानाडा व्यापारिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में रातानाडा सब्जी मंडी, भाटिया चौराहा, गौर्धन कॉलोनी, श्रीयादेमाता मंदिर क्षेत्र में सघन हस्ताक्षर अभियान किया गया। इसी तरह चौ.हा.बो. के 16, 17 व 18 सेक्टर में हस्ताक्षर अभियान व पत्रक वितरण का कार्य किया गया।

समिति के महानगर प्रचार प्रमुख कैलाशचंद्र ने बताया कि आज 24वें दिन रातानाडा व्यापारिक संघ सचिव राजकुमार व गौ ग्राम यात्रा के रातानाडा नगर सचिव किशोर सिंह सोलंकी की अगुवाई में व्यापारिक संघ उपाध्यक्ष मनोज दयानी, सह सचिव खेताराम सेन, सुरेश बोराणा और गौ ग्राम समिति के विष्णु आदि ने सब्जी मंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों में हस्ताक्षर कराकर घर-घर स्टीकर चिपकाए। इस अवसर पर यादे मंदिर में सभा रखी गई।

संयोजक अनिल गोयल ने गाय की पूजा-अर्चना सहित गाय के दूध को अमृत बताया। उन्होंने गाय के अस्तित्व को खतरा बताया एवं उसके संरक्षण के लिए गौ ग्राम यात्रा पर जोर दिया।

चौ.हा.बो. के 16, 17 व 18 सेक्टर में मंगलवार को नंदनवन नगर के सचिव ओमप्रकाश पुरोहित, लक्ष्मण समभवानी ने कार्यकर्ताओं सहित सघन जनसंपर्क कर घर-—घर हस्ताक्षर करवाए। साथ ही, गौ माता की सेवा करने की बात कही।

शनिवार, 21 नवंबर 2009

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मौलानाओ ने कहा अफजल और कसाब को फांसी दो , वन्देमातरम गाकर कट्टरपंथियों को मारा तमाचा

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने निकाली तिरंगा यात्रा
आतंकवाद का दृढ़ता से मुकाबला करना होगा - इन्द्रेश कुमार


गुरुवार, 19 नवंबर 2009

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भाजपा अध्यक्ष कौन निर्णय भाजपा का संघ का नही - डा. मनमोहन वैध्य

नागपुर १८ नवम्बर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा मनमोहन वैध ने कहा है कि संघ भाजपा के निर्णयों में दखल नही देता है।
डा मनमोहन वैध ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भाजपा का अध्यक्ष कौन हो यह पूर्णतया भाजपा का स्वंय का ही निर्णय होगा । भाजपा के अध्यक्ष पद के लिए संघ ने अपनी और से न तो किसी का नाम सुझाया हैं नही किसी नाम का विरोध ही किया हैं।
डा मनमोहन वैध ने कहा कि प्रचार माध्यमो कि और से यह प्रचारित करना कि संघ भाजपा के चार वरिष्ट नेताओं के खिलाफ है यह बात भी ग़लत हैं। भाजपा के वरिष्ट नेता वेंकया नायडू , सुषमा स्वराज, अरुण जेटली तथा अनंत कुमार के साथ संघ के सम्बन्ध दीर्घकाल से सोहार्दपूर्ण रहे हैं।

बुधवार, 18 नवंबर 2009

गाय राष्ट्र प्राणी घोषित हो

बाडमेर। विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा जिला इकाई बाडमेर के समापन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संत कृपाराम ने कहा कि मन में पूर्ण संकल्प लेकर हुंकार भरे कि गाय राष्ट्र प्राणी घोषित हो। संत ने कहा कि गाय माता ने हम सपूतो की रक्षा के लिए अपना दूध पिला कर सुरक्षित रखा है। आज गाय माता पर संकट आने पर हम सपूतों को अपना फर्ज याद रखते हुए गाय की सुरक्षा का भार अपने हाथों में लेना चाहिए। जिस गाय को पालने के लिए भगवान खुद अवतरित हुए आज उस गाय की उपेक्षा कर रहे हैं। गाय हमारे लिए भार बन गई है। कृपाराम महाराज ने कहा कि मां हमें चार पांच माह तक दूध पिलाती है जबकि गाय हमें आजीवन अपना दूध पिलाकर ऊर्जावान बनाती है।
संत ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी गो भक्तों को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में स्वामी प्रतापपुरी ने कहा कि शुद्धता के लिए हमें गाय को अपने यहां रखना ही होगा। गाय अगर हमारे घर रहेगी तो हमे शुद्ध दूध, दही, घी, मक्खन मिलेगा और उसके गोबर व गोमूत्र से बीमारियां भी हमारे पास नहीं आएगी। इससे पहले चार रथ सुबह 8 बजे से जसदेर धाम, गोपाल गोशाला, सफेद आकडा महाबार, आदर्श विद्या मंदिर लंगेरा से प्रारम्भ होकर अनेक गली मोहल्ले होते हुए शाम 4 बजे समापन स्थल हाई स्कूल पहुंचे। रथ में सवार गो माता की आकर्षक झांकी का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। आशाराम संत के अनुयायियों ने झांकी के आगे नृत्य किया।
गायत्री परिवार द्वारा गायत्री मंदिर के आगे आरती व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। जानकी महिला मण्डल, राधे महिला मण्डल, गीता गोपी महिला मण्डल ने रामचौक रामद्वारा हनुमान मंदिर सदर बाजार से स्टेशन रोड होते हुए रथ के आगे कलश यात्रा निकाली। समापन कार्यक्रम में सर्वप्रथम गो माता का प्रतापपुरी ने पूजन किया।जिला संयोजक रिखबदास बोथरा ने बताया कि बाडमेर जिले में सात तहसीलों में 636 गांवो में 5090 किमी यात्रा की गई। बाडमेर नगर की 17 बस्तियों में विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का आयोजन हुआ। प्रांत संयोजक मोतीलाल सोनी ने कहा कि कि सिर्फ तीन माताएं गोमाता, भारत माता व गंगा माता पूरे संसार की मां है । इनका पूजन करना सभी का कर्तव्य है। संतों का स्वागत हस्तीमल जैन ने किया। मंच संचालन अशोक दवे ने किया।

मंगलवार, 17 नवंबर 2009

गौ उपेक्षा से देश पर संकट - माननीय नन्दलाल जोशी

जालोर।१६ नवम्बर ०९। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंदलाल जोशी ने कहा कि प्रकृति और उसकी बनाई चीजों के साथ खिलवाड तथा प्रकृति को नकारने की कोशिश की जाती है तो संकट आना स्वाभाविक है। आज प्रकृति की सर्वोत्तम कृति देवमयी गौ माता की उपेक्षा के कारण देश ही नहीं पूरा विश्व संकट के दौर से गुजर रहा है। हम अब भी नहीं संभले तो स्थिति भयावह हो जाएगी।जोशी शहर के हनुमानशाला स्कूल में सोमवार को विश्व मंगल गोग्राम यात्रा के समापन और गोभक्त सम्मेलन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने प्रसन्न करने की बजाय अनेक प्रकार के रोगों को न्यौता दिया है। जल, वायु और धरती को दूषित कर दिया है। यह सब प्रकृति की उपेक्षा के कारण हो रहा है। हमें सुखी रहना है तो फिर से प्रकृति की ओर लौटना होगा। वरिष्ठ प्रचारक ने कहा कि गाय ही संसार का एकमात्र प्राणी है जिसकी प्रत्येक चीज काम आती है। सांथू के शंकरस्वरूप महाराज ने कहा कि शास्त्रों में गाय को माता का दर्जा हासिल है। उसे घर में रखने और उसके दर्शन मात्र से ही जीवन का कल्याण होता है। मालवा की सुगणा बाई, रामस्नेही संत हरिराम शास्त्री, शितलाईनाथ महाराज, योग विज्ञान अक्रम केंद्र की मायादेवी उज्जैन, गोग्राम यात्रा की स्वागत समिति के अध्यक्ष घनश्याम ओझा और यात्रा के जिला संयोजक सुरेंद्र नाग समेत कई जनों ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान विहिप के प्रांतीय अध्यक्ष भवानीलाल माथुर, महामंत्री भंवरलाल चौधरी, विश्व मंगल गोग्राम यात्रा के संयोजक मोतीलाल सोनी और सह संयोजक सत्यनारायण समेत बडी संख्या में गोभक्त मौजूद थे। संचालन कैलाश माली ने किया।
जगह-जगह स्वागत
गोग्राम यात्रा के समापन को लेकर नगर में पहुंचे तीनों रथ गंगा, यमुना और सरस्वती रथ ने शहर में भ्रमण किया। इस दौरान विभिन्न मोहल्लों में रथों का लोगों ने उत्साह के साथ स्वागत किया। बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा निकाली।इनका मिला सान्निध्यगोग्राम यात्रा के समापन व गोभक्त सम्मेलन में लेटा महंत रणछोड भारती महाराज, शंकरस्वरूप महाराज, पीर शांतिनाथ महाराज के शिष्य कमलनाथ महाराज, योग वेदांत आश्रम पालनपुर के रविशरण महाराज, सुगणा बाई, मुनि महाराज घाणा, मोहनानंद महाराज सियाणा, रामस्वरूपनाथ महाराज, गोंविदनाथ महाराज व दरियानाथ महाराज का सान्निध्य रहा।
गौ साहित्य के लिए उमडे भक्त
कार्यक्रम स्थल पर गोभक्तों के लिए गौ साहित्य भी उपलब्ध था। विश्व मंगल गोग्राम यात्रा समिति की ओर से जैविक खेती, पंचगव्य, गौ पालन व गौ महत्व की स्टालें लगाई थीं। गायत्री परिवार ने धार्मिक साहित्य की स्टाल सजाई थी। स्टालों पर ऑडियो व वीडियो कैसेट व सीडी में भी साहित्य उपलब्ध था। जिसे खरीदने के लिए गोभक्तों की भीड लगी रही।
गौ पूजन से कार्यक्रम की शुरूआत
गोभक्त सम्मेलन की शुरूआत गौ पूजन के साथ हुई। कार्यक्रम स्थल पर संतों और अतिथियों ने गाय व बछडे की प्रतिमा के आगे दीप प्रज्ज्वलित किया और व पुष्प अर्पित किए। इस दौरान गोभक्तों ने गोमाता के जयकारे लगाकर माहौल को आस्था और गोभक्ति सराबोअर कर दिया।






सोमवार, 16 नवंबर 2009

आदर्श विद्या मन्दिर आबू पर्वत - प्रकाशोत्सव एवम गीता ज्ञान प्रतियोगिता संपन्न






















गो माता संपूर्ण जगत का लालन पालन करती है : राघवेश्वर भारती




हैदराबाद, नवंबर १५ – गाय कभी किसी हिन्दू, मुसलमान, सिक्ख, इसाई का भेद नहीं करती । उसका दूध तो हर धर्म व जाति का व्यक्ति पीता है । गाय संपूर्ण जगत का लालन पालन करती है । गाय कभी किसी को भेदभाव से दूध नहीं देती । लेकिन फिर भी मातृ प्रेम की मूर्ति गाय को आधुनिक कल्लखानों में निर्ममता से कटने के लिए बेच दिया जाता है । यह कहना है गोकर्ण पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य राघवेश्वर भारती का । विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के लिए हैदराबाद के प्रदर्शिनी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं ।
शंकराचार्य ने कहा कि देश में गो पुरातन की भांति फिर से पूजित होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि आज का मानव नीचता की हद पार कर चुका है । जो कि माँ समान गाय कि निर्ममता से हत्या कर देश व संस्कृति की हानि कर रहा है । उन्होंने कहा यदि मानव गोहत्या बंद नहीं करता तो भारत देश की अगली पीढी कभी खुषहाल जीवन नहीं व्यतीत कर सकेगी ।
शंकराचार्य ने कहा कि आज गाय की उपयोगिता को हम नहीं समझ पा रहें । लेकिन जिस दिन हम गाय के असली रूप को समझेंगे तब तक हम गाय को खो चुके होंगें । आज प्रतिदिन हजारों की संख्या में गाय विभिन्न कल्लखानों में काटी जा रही है । जिसके जिम्मेदार कोई और नहीं हम स्वयं है । आज गाय को पालने वाला व्यक्ति गाय को केवल मात्र दूध हेतु ही रखता है और जब गाय बूढी होकर दूध देना बंद कर देती है तो उसे वह बेच देता है ।
शंकराचार्य ने कहा कि गाय कभी अनार्थिक नही होती । बूढी गाय से भी हम प्रतिमाह उसके गोबर व गोमूत्र के जरिए रूपये कमा सकते हैं । लेकिन जानकारी न होने के कारण हम गाय को अनार्थिक मान कर उसे देते हैं । शंकराचार्य ने कहा कि विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का यही प्रयास है कि वह देश भर में गाय के महत्व को समझा कर लोगों को जागरुक करें । जिससे वे उसको अनुपयोगी समझ कर गलत हाथों में न बेचें । उन्होंने कहा कि यदि देश का प्रत्येक हिन्दू गाय को न बेच्ने का प्रण कर लें तो निश्चित रूप से इस धरती पर गोरक्त गिरना बंद होगा और यह देश एक बार फिर सोने की चिडिया कहलाएगा ।
विश्व मंगल की कामना लेकर विजयदशमी के दिन कुरुक्षेत्र से शुरू होकर विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा भारत के विभिन्न राज्यों से होते हुए पिछले चार दिनों से आंध्रप्रदेश में है । आज सुबह आंध्रप्रदेश के वारंगल जिले से चलकर गो ग्राम यात्रा हनुमकोण्ड, घनपुर, जनगाँव होते हुए शाम हैदराबाद पहुंची । इससे पहले रास्ते में गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए अलेह में भारी जनसमूह एकत्रित हुआ । यहाँ स्वागत के लिए सडकों भारी संख्या में महिलाएँ थाली में दीप जलाएँ खडी थी । साथ ही पुरुशों ने पारंपरिक रुप से ढोल व षहनाई बजा कर यात्रा का स्वागत कर रथ पूजन किया ।
गो ग्राम यात्रा के लिए हैदराबाद के प्रदर्शिनी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में करीब १० हजार लोगों ने कार्यक्रम में मौजूद होकर केंद्रीय यात्रा के साथ चल रहें संतों का आशीर्वचन लेते हुए गोसंरक्षण का संकल्प लिया । कार्यक्रम में पुश्वगिरि पीठाधीश स्वामी नरसिंह भारती, गुजराज के स्वामी परमात्मानंद के साथ गो ग्राम यात्रा के सभी राष्ट्रीय स्तर के अधिकारी गण उपस्थित थे ।

रविवार, 15 नवंबर 2009

विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के स्वागत में उमडा भारी जनसमूह

वरदण्णपेट, नवंबर १४ – विश्व मंगल की कामना लेकर विजयदशमी के दिन कुरुक्षेत्र से शुरू होकर विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा भारत के विभिन्न राज्यों से होते हुए पिछले दो दिनों से आंध्रप्रदेश में है । आज सुबह आंध्रप्रदेश के विजयवाडा से चलकर गो ग्राम यात्रा जग्गंपेट, खम्मम, तुरूर होते हुए शाम वर्धमानपेट पहुंची । गो ग्राम यात्रा के स्वागत में यूं तो जगह जगह लोग भारी संख्या में मौजूद थे ।

लेकिन गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए वर्दण्णपेट में भारी जनसमूह एकत्रित हुआ । गो ग्राम यात्रा तरूर में कार्यक्रम के बाद शाम सात बजे वरदण्णपेट पहुंची । गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए सडकों पर भारी संख्या में महिलाएँ थाली में दीप जलाएँ खडी थी । साथ ही पुरुशों ने पारंपरिक रूप से ढोल व षहनाई बजा कर यात्रा क स्वागत कर रथ पूजन किया ।

इससे पहले मरिपेडु में भी गो ग्राम यात्रा का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया । गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए मरिपेडु की सडक पर हजारों की संख्या में लोग रथ के पूजन व स्वागत के लिए उपस्थित थे । जिनमें पुरुश, महिलाओं के साथ भारी संख्या में स्कूली छात्र छात्रा भी शामिल थें । मरिपेडु में गो ग्राम यात्रा का केवल मात्र स्वागत होना था लेकिन लोगों के उत्साह व यात्रा के दर्शन के लिए उपस्थित हुए भारी जनसमूह के आग्रह पर छोटे से कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को गो संरक्षण हेतु संकल्प कराया गया ।

गो ग्राम यात्रा के लिए वरदण्णपेट के अंबेडकर सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्य़ा में लोगों ने कार्यक्रम में मौजूद होकर केंद्रीय यात्रा के साथ चल रहे संतों का आशीर्वचन लेते हुए गो संरक्षण का संकल्प भी किया ।

विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के लिए वरदण्णपेट में आयोजित कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करते हुए वनवासी महाराज स्वामी संग्राम सिंह ने कहा कि देश में गो पुरातन की भांति फिर से पूजित होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि आज का मानव नीचता की हद पार कर चुका है जो कि माँ समान गाय की निर्ममता से हत्या करता है ।

स्वामी संग्राम ने कहा कि गाय संपूर्ण जगत का लालन पालन करती है, गाय कभी किसी को भेदभाव से दूध नहीं देती जबकि उसका दूध हिन्दू के लिए भी और मुसलमान के लिए भी । सभी धर्म व जाति के लोग गाय के दूध का सेवन करते है उसके गोमूत्र से बनी दवाइयों का प्रयोग कर रोगों को दूर भगाते हैं । मातृत्व प्रेम की मूर्ति गाय किसी के साथ भेदभाव नहीं अपनाती लेकिन फिर भी हम गाय को आधुनिक कल्लखानों में निर्ममता से कटने के लिए बेच देतें हैं ।

गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में यात्रा के साथ आए संतों के साथ विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के राष्ट्रीय सचिव शंकरलाल, यात्रा के प्रमुख के.ई.एन. राघवन, गो ग्राम यात्रा के मीडिया प्रभारी आशुतोश एवं सीएच.एस. भट के साथ भारी संख्या में जनसमूह मौजूद था । गो ग्राम यात्रा आज का विश्राम वारंगल में कर अगले दिन सुबह हैदराबाद के लिए प्रस्थान करेगी ।

शनिवार, 14 नवंबर 2009

भोपालगढ़- विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा

भोपालगढ़ १४ नवम्बर . पुरे भारतवर्ष में चल रही विश्व मंगl गोऊ ग्राम यात्रा के तहत भोपालगढ़ के देवरी धाम रतकुडिया से प्रारंभ हुई उप यात्रा का भोपालगढ़ में भव्य स्वागत किया गया . इस यात्रा के जन जागरण कार्यक्रम के तहत प्रभात फेरी का आयोजन किया गया भजन कीर्तन के साथ ग्रामवासियों ने कार्यकर्ताओ के साथ मुख्य बाजार से गुजरे. विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा में आमंत्रित करने हेतु कार्यकर्ताओ ने ग्रामवासियों को पीले चावल बनते. उल्लेखनीय है कि पीले चावल देकर मंगल कार्यक्रम में आमंत्रण देना इक परंपरा हें.

प्रातः ग्यारह बजे आदर्श विद्या मंदिर के छात्रों द्वारा घोष संचलन भी किया गया. विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा के स्वागत हेतु चार अलग अलग इस्थानो से महिलाओ तथा युवतियों द्वारा मंगल कलश यात्रा निकाली गयी. इससे पूर्व इक वहां रैली का भी आयोजन किया गया.

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा का भव्य स्वागत हीरादेसर चौराहे पर शंखनाद के साथ किया गया. इस यात्रा के साथ स्थानीय विद्यालयो = आदर्श विद्या मंदिर, सैनी उ. मा. विद्यालय , सूर्य पब्लिक माँ. विद्यालय तथा उज्जवल माँ. विधालय के विद्यार्थियों ने राम कृष्ण, राम लाक्स्मन, ऋषि मुनियों तथा गोऊ रक्षा के सुन्दर झांकियों का प्रदर्शन किया गया जिसे ग्रामवासियों ने खूब सराहा.

रथयात्रा के आगे बैलगाडी भव्य सजावट के साथ आगे चल रही थी. रथ के आगे कार्यकर्ताओ के संग ग्रामवासी भी गीत गाते गाते भावः विभोर हो कर नृत्य कर रहे थे. कार्यक्रम में ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर विभाग प्रचारक उल्लास जी ने कहा कि गोऊ कि सेवा हमारा कर्तव्य है हम इससे विमुख नहीं हो सकते. गोऊ कि सेवा समाज राष्ट्र की सेवा है. उल्लास जी ने गोऊ और ग्राम की महता को विस्तार से समजाया.

कार्यक्रम में संत रमैया दास ने गोऊ माता की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा की समाज में आई विक्र्तियों का हमने अगर समय रहते निराकरण नहीं किया तो भोली गाय सींगो से वार करने वाली हें.
रामधाम खेडापा के संत गोविन्द राम शास्त्री ने कहा कि आधुनिकता की इस चकाचोंध में हमने अपनी संस्कृतिक विरासत को भुला दिया है . आज विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा की आवश्यकता क्यों हुई इसके कारणों को हमें सोचना चाहिए . संत ने यात्रा के आयोजको को साधुवाद दिया. साथ ही ग्रामवासियों को गोऊ रक्षा का संकल्प भी दिलवाया. कार्यक्रम के अंत में स्थानीय विधायिका कंस मेघवाल ने सभी का आभार प्रकट करते हुए गोऊ रक्षा के आव्हान के साथ साथ स्वदेशी विचारधारा को अपनाने का भी निवेदन किया.

यात्रा में यात्रा संयोजक हुकुम सिंह आसोप, सह संयोजक मालाराम बुदाकिया एवं सत्यनारायण पीपाड़ रोड , यात्रा प्रमुख भीख पूरी गोस्वामी , गोऊ सेवा पुजारी जगदीश तथा यात्रा सहयोगी गोविन्द राम सिरोही खारिया आदि कार्यकर्त्ता भी साथ में थे .

अखिल भारतीय प्रचार विभाग की बैठक प्रारम्भ




गोरक्षा हेतु प्राण त्याग के लिए भी तैयार : प्रवीण तोगाडिया

विजयवाडा, नवंबर १३ – जब तक भारतीय धरती पर गो रक्त बहता रहेगा तब तक देश न तो धन, धान्य से पूर्ण हो सकेता और न ही आरोग्य । भारत आरोग्य, धन, धान्य संपन्न देश तभी हो सकेगा जब देश में गो हत्या बंद हो । गाय पुनः पूजित होकर प्रत्येक घर में गांव में पुनः प्रतिस्थापित होगी ।

गोहत्या बंद करने के लिए यदि हमें अपने प्राण भी त्यागने पडे तो हम उसके लिए भी तैयार है । यह कहना है विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण तोगाडिया का । तोगाडिया विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के लिए विजयवाडा के पी.डब्लू.डी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित कर रहे थे ।

प्रवीण तोगाडिया ने कहा कि आज से १४०० वर्ष पूर्व भारत देश में मानव हत्या तो हुई लेकिन कभी गोहत्या नहीं हुई । पुरातन में मनुष्य ने पशुओं की यहाँ तक की माँ, बाप, भाई, बहन तक की हत्याएँ की लेकिन आज स्थिति अत्यंत दुखद है । आज गो हत्या निरंतर तेजी गति से बढ रही है दिन प्रतिदिन गो हत्याएँ हो रही है । इस देश में रहने वाले प्रत्येक हिन्दू को संकल्प लेना होगा कि वह गो हत्या नहीं होने देगा ।

तोगाडिया ने कहा कि आज से लगभग ५० वर्ष पूर्व देश में कई ऐसे लोग थे जिन्होने अपनी जिंदगी में कभि अस्पताल नहीं देखा । वे कभि बीमार नहीं पडें । तब देश आरोग्यवान था । धन, धान्य से संपन्न था । लेकिन आज देश में नित प्रतिदिन नई बीमारियाँ लोगों का अपना शिकार बना रही है । कारण गो रक्त का इस धरा पर बहना ।

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सीमावर्ती क्षेत्र में भी उत्साह से विश्व मंगल गोऊ ग्राम उप यात्रा तथा हस्ताक्षर अभियान जोरो से
















बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र में विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा को लेकर काफी उत्साह हे राष्ट्रपति महोदया को दिए जाने वाले ज्ञापन पर जवानो ने भी गर्मजोशी से हस्ताक्षर किए वही सुदूर इलाके की ढाणी ढाणी में भी विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा के कार्यकर्ताओ ने सीमा जन कल्याण समिति के संघटन मंत्री निम्ब सिंह के नेत्रत्व में उप्यात्राओ तथा हस्ताक्षर अभियान का संयोजन कर रहे हैं ।

बी एस एफ (बॉर्डर सिक्यूरिटी फाॅर्स ) की केलनोर पोस्ट एवं दीपला पोस्ट के जवानो के मध्य हुए कार्यक्रम में विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा के सह संयोजक सत्यनारायण , सीमा जन जिला मंत्री दयारामजी बिश्नोई, सहर जिला सेवा प्रमुख मोतीराम , कप्तान विक्रम सिंह , किसन गडरा, रिखब बोथरा चौहटन आदि उपस्तिथ थे।

शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

हिन्दी चीनी भाई भाई झूट है, सच है पाकी चीनी भाई भाई

पाक को चीन ने दी थी यूरेनियम की पहली खेप


वाशिंगटन। चीन ने सन् 1982 में खुद के बनाए किट (डू इट योरसेल्फ किट) के साथ पाकिस्तान को दो परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम मुहैया कराया था। साथ ही इसकी पूरी छूट दी थी कि वह इसका इस्तेमाल अपनी इच्छानुसार करे। वाशिंगटन पोस्ट ने कुख्यात पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खाना का हवाला देते हुए कहा कि परमाणु प्रसार की यह जानबूझकर की गई हरकत सन् 1976 में तत्कालीन चीनी नेता माओत्से तुंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो के बीच हुए गुप्त परमाणु करार का हिस्सा थी।खान ने पाक के परमाणु बम कार्यक्रम के 11 पृष्ठीय गुप्त उल्लेख में लिखा, मेरे निजी अनुरोध पर चीनी मंत्री ने हमें हथियार बनाने लायक 50 केजी (किलोग्राम) बम श्रेणी का संवर्धित यूरेनियम दिया जो दो हथियारों के लिए पर्याप्त था। दैनिक के मुताबिक गैरकानूनी परमाणु व्यापार के लिए जनवरी 2004 में अपनी हिरासत के बाद खान ने पाकिस्तान के खुफिया तंत्र के लिए यह नोट तैयार किया था। अखबार ने कहा कि उसने खान की विस्तृत जानकारी फिनान्शियल टाइम्स के पूर्व पत्रकार साइमन हेन्डरसन से ली। वह इस समय वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फार निअर ईस्ट पालिसी के वरिष्ठ फैलो हैं। तब वे खान के संपर्क में थे।

राजमुंद्री में विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का स्वागत


राजमुंद्री, नवंबर १२ – कुरुक्षेत्र से ३० सितंबर विजय दशमी के दिन शुरू होकर विश्व मंगल की कामना को लेकर निकली विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा आज आंध्रप्रदेश के राजमुंद्री में पहुंची । यात्रा इससे पहले भारत के अनेक राज्यों में भ्रमण करते हुए उडीसा होकर पिछले दो दिनों से आंध्रप्रदेश में है ।
राजमुंद्री में गो ग्राम के आगमन पर यहाँ के स्थानीय निवासियों ने जोरदार स्वागत किया । पारंपरिक रूप से वाद्य यंत्रों का वादन करते हुए एवं नृत्य करते हुए गोभक्त यात्रा को कार्यक्रम स्थल तक लेकर आए । यात्रा के स्वागत में छोटे बच्चों द्वारा कृष्ण व गोपियों की झांकी भी निकाली जिसमें बच्चों ने बाल मुकुंद नृत्य पेश किया ।
गाय के संरक्षण हेतु निकाली गई विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का जनजागरुकता अभियान सफलता की ओर बढ रहा है । गो ग्राम यात्रा को लेकर लोगों में अत्यंत उत्साह देखने को मिल रहा है । जिस शहर में भि यात्रा जा रही है वहाँ के स्थानीय लोग यात्रा का स्वागत पूर्ण श्रद्धा से कर रहे है ।
गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में गो भक्तों की अपार भीड उपस्थित होकर गो उपयोगिता को समझ कर गो संरक्षण हेतु संकल्प भी ले रहें है ।
गो ग्राम यात्रा इससे पहले सुबह विशाखपटनम से चलकर येलमंचली, तुनि, जगमपेटा होते शाम राजमुंद्री पहुंची । इन सभी स्थानों पर गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रमों में भारी संख्या में लोग उपस्थित होकर केंद्रीय यात्रा के साथ आए संतो का आशीर्वचन लेते हुए गोपालन का संकल्प भी लिया ।
राजमुंद्री में गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए चैतन्य वन आश्रम गुंटूर जिले की साध्वी माता शिवचैतन्यानंद ने कहा कि गाय सदैव हमें घी, दूध, दहीं देती है । जो कि हमारी संपन्नता का परिचायक है लेकिन फिर भी हम गो हत्या को सहन कर रहें हैं ।
आज भारत में बढ रहे कल्ल खानों की संख्याओं में लगातार वृद्धि गोवंश की समाप्ति की ओर बढने का इशारा है । उन्होंने कहा कि केवल हैदराबाद में ही प्रतिदिन पांच हजार गायें कटती है । लेकिन सरकार व जनमानस के लिए यह कोई चिंतनीय विषय नहीं है । यह अत्यंत दुर्भाग्य पूर्ण है ।
माता चैतन्य ने भारतीय जनमानस से अपील करते हुए कहा कि यदि हमने गोपालन नहीं किया तो देश कबी उन्नती की ओर नही जा सकेगा, हमें पश्चिमीकरण की अशुद्ध नीतियों को छोड कर शुद्ध भारतीय गो आधारित नीति का पालन करना होगा ।
कार्यक्रम में इसकान मंदिर से आए वेल्जियम के स्वामी अमित कृष्ण ने कहा कि भारत में गाय सदैव से पूजनीय है । उन्होंने कहा कि में स्वयं पिछले १५ वर्षों से भारत में रह रहा हूँ और नित्य गोदुग्ध पान करता हूँ, सभी प्रकार की बिमारियों से दूर ।
स्वामी अमित ने कहा कि भारत ही नही अपितु विदेशों में भी गाय के पंचगव्य से अनेकों बिमारियों का इलाज संभव हो रहा है । उन्होंने कहा कि भारत सरकार को गाय को राष्ट्रीय धरोहर मानकर गो हत्या विरोधी कानून का निर्माण करना चाहिए ।

गुरुवार, 12 नवंबर 2009

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा के तहत हस्ताक्षर अभियान जारी


जोधपुर.११ नवम्बर ०९ । विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के तहत हस्ताक्षर अभियान बुधवार को भी जारी रहा। बजरंग दल, रातानाडा प्रखंड में कार्यकर्ताओं ने गणोश मंदिर से रैली निकाली। यात्रा के महानगर प्रचार प्रमुख कैलाशचंद्र ने बताया कि गौ संरक्षण अभियान को लेकर शहर के सभी क्षेत्रों में उत्साह बना हुआ है। हस्ताक्षर करने के साथ ही लोग गौ माता के प्रति आस्था व्यक्त कर रहे हैं।

बजरंग दल के महानगर संयोजक व गौ ग्राम यात्रा के सचिव महेन्द्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बजरंग दल कार्यकर्ता शहर के धार्मिक स्थलों पर दर्शनार्थियों से हस्ताक्षर करवा रहे हैं। सह संयोजक महेन्द्रसिंह गहलोत के नेतृत्व में गणोशपुरा क्षेत्र में हस्ताक्षर रैली निकाली गई।

रैली के बाद रातानाडा प्रखंड संयोजक विजयसिंह, आकाश ओझा, प्रहलादसिंह, विजय गारासनी, अमनसिंह, हरि विश्नोई, राजू वैष्णव ने दो हजार से अधिक दर्शनार्थियों के हस्ताक्षर करवाए। शहर नगर समिति की ओर से जयप्रकाश दवे, तरुण शर्मा, अवतार, चेतन आदि ने टोली के साथ चांदपोल व ब्रrापुरी में जनसंपर्क किया।

बागर नगर समिति के अध्यक्ष हेमराज खत्री, सचिव कुंदनलाल सोनी, संयोजक रामचंद्र व सह संयोजक रवि बोहरा ने कलाल कॉलोनी, महिलाबाग क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया। सेवा भारती की माया देवी व गुड्डी देवी ने जटिया कॉलोनी में अभियान जारी रखा। यात्रा समिति की मंडोर कार्यकारिणी के अध्यक्ष धनसिंह परिहार, सचिव अखेसिंह गहलोत, शिवरतन गुप्ता, हरिशंकर डागा व गजानन ने हस्ताक्षर अभियान चलाया।

भंवर पंचारिया की टोली ने माता का थान क्षेत्र में जनसंपर्क किया। एबीवीपी की ओर से जेइसीआरसी कैंपस में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। महानगर मंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि गौरव जाजड़ा एवं प्रकाश पुंसल के नेतृत्व में हॉस्टल के विद्यार्थियों से हस्ताक्षर करवाए गए। योगेश जोशी, दिलीप पटेल, शिव कुमार, धवल ठाकर, अंकुर वाजपेयी, रवि ठाकुर, अक्ष, नवीन कुमार, नीरव, राय पवन कुमार, हिमांशु मिश्रा, गगन मौर्य, दिनेश ठाकुर आदि मौजूद थे।




बीकानेर । माननीय भइया जी जोशी ने स्वंय सेवको से कहा कि राष्ट्र के सामने खड़ी चुनोतियों का सामना करने के लिए हमें सदैव तैयार रहना चाहिए । माननीय भइया जी जोशी ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के तरुण स्वंय सेवको के एकत्रीकरण कार्यक्रम में उधबोधन देते हुए गोऊ के प्रति अपने दायित्व के बारे में भी बताते हुए कहा कि गोऊ सेवा से ही समाज और राष्ट्र कीसेवा हे।


विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा अब आंध्रप्रदेश में


विशाखपटनम्, नवंबर ११ – विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा कुरुक्षेत्र से शुरू होकर भारत के विभिन्न राज्यों का भ्रमण करते हुए पिछले चार दिनों से उडीसा में घूमते हुए आज आंध्रप्रदेश में पहुंची । गो ग्राम यात्रा सुबह उडीसा के ब्रहमपुर से होकर आंध्राप्रदेश के सोनेपेटा, नरसण्णपेटा, विजयनगरं होते हुए विशाखपटनम पहुंची ।
गो ग्राम यात्रा के विशाखपटनम पहुंचने पर षहरीय क्षेत्र में भारी संख्या में दो पहिया वाहनों के काफिलों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया । साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्रों का वादन भी इस यात्रा के स्वागत में स्थानीय लोगों ने किया । शहर में लगभग एक घंटे तक गो ग्राम यात्रा का भ्रमण कराया गया जिसमें भारी संख्या में लोग ढोल नगाडें के साथ नाचते हुए चल रहे थे ।
गो ग्राम यात्रा के लिए विशाखपटनम में समुद्री किनारे आर क बीच पर आर के बीच पर आयोजित कार्यक्रम में शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज, यात्रा के केंद्रीय अधिकारी व अन्य वरिष्ठ संतों के साथ भारी संख्या में गो भक्त उपस्थित थे । गो ग्राम के लिए आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित गो भक्तों ने संतों का आशीर्वचन सुनने के बाद गोसंरक्षण हेतु संकल्प लिया । कार्यक्रम स्थल पर ही गोपूजन व आरती भी की गई ।
गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जहाँ तक संभव हो अपना शरीर बचाने के लिए गाय का दूध और उससे निर्मित घी का प्रयोग करें । उन्होंने कहा कि गोबर व गोवंश का यदि नहीं बचाया गया तो हो सकता है कि आगे आने वाले समय में हिंदुस्तान के लोग कलेंडर में ही गाय के चित्र को देखकर उसकी पूजा करें ।
शंकराचार्य ने कहा कि शहरी क्षेत्र के लोग यदि घरों में गाय नहीं पाल सकते तो वें गोशालाओं में आर्थिक मदद देकर गो संरक्षण व गो पालन में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि यदि विश्व व्यापी समस्याओं से भारत को बचाना है तो गाँव की ओर लौटकर गोपालन करना होगा ।
इससे पहले गो ग्राम यात्रा के लिए विजयनगरम में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हु गो ग्राम यात्रा के प्रमुख के.ई.एन. राघवन ने कहा कि गाय कभी अनार्थिक नहीं हो सकती बूढी गाय से भी हम प्रतिमाह उसके गोबर व गोमूत्र से आमदनी प्राप्त कर सकते हैं ।
केवल गाय को दूध देने वाला पशु भार समझने वाले गो पालक गाय की उपयोगिता से अनभीज्ञ है । गो ग्राम यात्रा मानव जाति में व्याप्त इसी धारणा को बदलने का प्रयास है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति गो महत्व को समझकर उसे पारिवारिक सदस्य मानकर अपना जीवन खुषहाल कर सकें ।

बुधवार, 11 नवंबर 2009

विश्व मंगल गोऊ ग्राम उप यात्रा ओसिया से







विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा उडीसा से चली यात्रा अब आन्ध्र प्रदेश


कटक पहुंचा कुरुक्षेत्र से आने वाला गो रथ

कटक। गीता, गंगा, गायत्री की तरह गो माता हर एक हिन्दुओं के लिए पवित्र है। पूरे देश भर में गो-संपदा की सुरक्षा के लिए लोगों तक वार्ता पहुंचाने हेतु दशहरा से गो-मंगल रथ कुरुक्षेत्र से निकला है। यह रथ सोमवार को कटक पहुंचा तो इसे शताधिक संख्या में लोग स्वागत किए। अपराह्न 3 बजे कटक कालेज चौक तारिणी मंदिर के पास से यह रथ निकलकर शहर परिक्रमा कर सनसाइन मैदान पहुंचा। परिक्रमा के दौरान जगह-जगह इस रथ को लोगों ने स्वागत करने के साथ पूजा अर्चना किए। शाम 6 बजे सनसाइन मैदान में आयोजित एक बड़ी सभा में संत ड.रामविलास वेदांती, संत बालक दास एवं ड.नागेन्द्र जी प्रमुख उद्बोधन देकर गो माता की महानता के बारे में जानकारी दिए। दिन ब दिन हमारे देश से गो-संपदा घट रही है। गो माता हमें गोबर से लेकर दूध, घी आदि देने के बावजूद हम आधुनिक विज्ञान की पट्टी आंखों में डाल कर गो-माता को नजर अंदाज कर रहे है। इनका पहले जैसा आदर भी नहीं रहा। इससे गायों की कई नस्ल भी समय के साथ मिटती जा रही है। इस कार्यक्रम में काफी तादात में लोग मौजूद थे।

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा - जैसलमेर की खबरे

जैसलमेर। जिले में शुरू की गई विश्व मंगल गो-ग्राम यात्रा को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता काफी उत्साहित है। इस संबध मे जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जोधपुर विभाग प्रचारक हुल्लासचंद ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। भारत की वास्तविक प्रगति का मार्ग ग्राम समृद्धि से होकर ही गुजरता है।
उन्होंने कहा कि गाय हमारी समृद्धि और संस्कृति की प्रतीक है। ग्राम की समृद्धि के लिए गायों के संरक्षण और उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए विश्व मंगल गो-ग्राम यात्रा जैसलमेर तहसील में दो चरणों में 13 से 17 नवम्बर के बीच आयोजित की जाएगी। जिसमें गायों की सुरक्षा एवं गांवों की समृद्धि के लिए छह सूत्री मांग पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति को प्रेषित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जैसलमेर तहसील क्षेत्र में 13 नवम्बर को यात्रा का प्रथम दल मूलसागर से प्रारम्भ होकर काहला, जाजिया, डेढा, खाभिया, खाभा, कुम्भारकोठा, सिपला, बरना से होता हुआ खुहडी पहुंचेगा और वहीं रात्रि विश्राम करेगा। उसी दिन द्वितीय दल मूलसागर, बडाबाग, किशनघाट, धउवा, विजयनगर, सत्ता, पिथला, जानरा, आसलोई, सोढा, मदा तथा कोटडी जाएगी। पोकरण (नि.प्र.)। विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा सोमवार को क्षेत्र के रामपुरा, चौक, सनावडा, मदासर, माधोपुरा गांवों में पहुंची। जहां ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया। पतंजली योग आश्रम फलोदी के संत सत्यानंद महाराज ने गांवों में आयोजित सभाओं को संबोघित करते हुए मानव जीवन की रक्षा के लिए गोधन को बचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकारों द्वारा धन कमाने के लालच में गोमाता का कत्लेआम करवाया जा रहा है तथा देशभर में चल रहे हजारों की संख्या में बूचड खानों में प्रतिदिन लाखों गायों का वध हो रहा है। जिससे सरकार को बूचड खाना संचालकों से टैक्स के रूप में आमदनी होती है। उन्होंने कहा कि जब तक गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित नहीं किया जाता, तब तक ये बूचड खाने बंद नहीं होंगे तथा एक दिन ऎसा आएगा जब देश में गाय हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। उन्होंने जीवन में गाय के महत्व को बताते हुए उसे बचाने के लिए आमजन को आगे आने का आह्वान किया।
सांकडा। विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के सोमवार को यहां पहुंचने पर सनावडा चौराहे पर महिलाओं व बालिकाओं ने ढोल नगाडों व कलश यात्रा के साथ उसका स्वागत किया। ग्रामीणों ने रथ में सजाई गई गाय व बछडे की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की व गोरक्षा को लेकर संकल्प लिया। यात्रा के तहसील संयोजक खेताराम लीलड ने यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। यात्रा के रूट प्रभारी चंदनसिंह ने ग्रामीणों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
आज इन गांवों में पहुंचेगी गो ग्राम यात्रा : यात्रा के रूट प्रभारी चंदनसिंह ने बताया कि मंगलवार को यह यात्रा लूणा, बेतीना, खेÝाना, भैंसडा, राजगढ, ओला, बोनाडा व रामपुरिया गांव पहुंचेगी।
नाचना। नाचना तहसील क्षेत्र मे सोमवार को विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा समिति की ओर से अभियान का शुभारम्भ किया गया। यात्रा के तहसील संयोजक अर्जुनराम सैन ने बताया कि क्षेत्र के खारा, टावरीवाला, भारेवाला, जालूवाला, करनेवाला में इस यात्रा के लिए समितियों का गठन कर उन्हें हस्ताक्षर पत्रक सौंपे गए। समिति सदस्यों द्वारा पत्रकों में करवाए जाकर राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे। हस्ताक्षरयुक्त पत्रकों द्वारा गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करने, गो वंश के संरक्षण एवं ग्राम विकास योजना को साकार स्वरूप प्रदान करने की मांग की जाएगी

मंगलवार, 10 नवंबर 2009

हिंदू-मुसलमानों ने गाया वंदे मातरम्

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल में लोगों ने अपनी अनूठी पहल करते हुए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर छिड़ी बहस को बेमानी कर दिया। यहां मंदिर और मस्जिद के सामने वंदे मातरम् गाया गया, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों देवबंद में वंदे मातरम् के खिलाफ फतवा जारी किया गया था। इस फतवे को लेकर बैतूल के श्री रूक्मणि बालाजी मंदिर बालाजीपुरम् ने यह अनूठी पहल की और मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन हुआ । वंदेमातरम् के गान के बाद हाथों में तिरंगा थामें लोगों ने जयघोष के साथ रैली निकाली। यह रैली बैतूल बाजार पहुंची, तो जामा मस्जिद में इमाम हाफिज अब्दुल राजिद ने इन सभी को मस्जिद के सामने वंदे मातरम् गायन के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर बालाजीपुरम् मंदिर संस्थापक एनआरआई भारतीय सेम वर्मा ने कहा कि मां की पूजा करना प्रत्येक धर्म में सिखाया गया है। भगवान बालाजी के पूजन से पहले भी धरती माता की पूजा की जाती है। किसी भी धर्म में मां की पूजा को गलत नहीं बताया गया है। ऎसे में इस राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को अधार्मिक कहना गलत है। वहीं, बैतूल बाजार की जामा मस्जिद में इमाम अब्दुल राजिक ने कहा कि वंदे मातरम् के गायन में कोई गैर इस्लामिक बात नहीं है।
source :
http://www.patrika.com/news.aspx?id=271660

सीधी बात माननीय मोहन जी भागवत तथा प्रभु चावला के बीच


दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली के झंडेवालान स्थित आरआरएस मुख्यालय में इंडिया टुडे समूह के एडिटोरियल डायरेक्टर प्रभु चावला से एक मुलाकात में वंदे मातरम् विवाद व भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन सहित विभिन्न विषयों पर बेबाक चर्चा की। इसी मुलाकात के विशेष अंश :
वंदे मातरम् पर देवबंद की प्रतिक्रिया के बारे में आप क्या सोचते हैं?

यह सारे भारतीयों के लिए है। वंदे मातरम् हमारे स्वतंत्रता आंदोलन व इतिहास का अंग है। एक समय था जब हिंदू व मुस्लिम दोनों इसे गाते थे।
मुस्लिम कहते हैं यह धर्म के खिलाफ है।

मुझे नहीं लगता कोई भी धर्म देशभक्ति के खिलाफ है। भारत माता की जय और वंदे मातरम् कहना धार्मिक पूजा अथवा मूर्ति पूजा जैसा नहीं है।
संघ का दृष्टिकोण क्या है? (टेबल ठोंककर) वंदे मातरम् कहना होगा।
क्या आपको लगता है कि (बाबरी) मस्जिद गिरने के बाद अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे?

मैं कहूंगा कि सरकार ने हिंदू समाज की इच्छाओं की उपेक्षा की। व्यवस्था के खिलाफ उठा गुस्सा ढांचे पर उतारा गया।
कांग्रेस ने सिख विरोधी दंगों के लिए माफी मांगी और आडवाणी ने कहा कि (बाबरी ढांचा) विध्वंस राष्ट्रीय शर्म का विषय है?

मैं आडवाणी से सहमत नहीं। इतने लोग इकट्ठा थे, तो कारसेवा की अनुमति क्यों नहीं दी गई।
क्या नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए?

वे राज्य के प्रमुख हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है कि (गुजरात में हिंसा के दौरान) क्या हुआ था। यदि उन्हें लगता है कि ऐसा कुछ हुआ है, जिसके लिए माफी मांगने की जरूरत है तो वे माफी मांगेंगे। मुझे भरोसा है। मुझे बताया गया कि जिस गति से गुजरात में दंगों पर काबू पाया गया वह सराहनीय था। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो उन्हें माफी क्यों मांगनी चाहिए।
सोनिया गांधी व मनमोहन सिंह 1984 के दंगों के लिए जिम्मेदार नहीं थे, लेकिन उन्होंने माफी मांगी जिससे उनका कद ऊंचा हुआ है। यदि मोदी या आरएसएस ऐसा ही करें तो वे लाभ में ही रहेंगे?

उस समय टिप्पणी की गई थी, ‘जब एक बड़ा वृक्ष गिरता है तो कुछ चीजें होना अपरिहार्य है।’ ऐसा कोई बयान गुजरात में नहीं दिया गया था।
चार माह पहले आपने भाजपा नेतृत्व में परिवर्तन की बात कही थी। भाजपा तीन राज्यों में चुनाव हार चुकी है और कोई परिवर्तन होता नजर नहीं आ रहा है?

परिवर्तन तो होगा पर अपने समय पर। मैंने तो वही बताया था जो मुझे (भाजपा द्वारा) बताया गया था। उनके मन में योजना है, जो सामने आ रही है।
पर आपने कहा था कि नया नेता इन चार (सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार) के अलावा कोई और होगा?

हां, नया नेता इन चारों के अलावा कोई और होगा। यही मुझे कहा गया है। इसी पर सहमति हुई थी और मुझे लगता है कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आप दिल्ली के बाहर से किसी को लाएंगे जो 50 से 55 वर्ष की आयु के बीच का होगा?

वे दिल्ली से बाहर के किसी व्यक्ति को लाएंगे।
पिछले पांच-छह वर्षो में ऐसे कई लोगों को भाजपा में महत्व मिला है जो मीडिया द्वारा निर्मित हैं और संघ से उनका कोई ताल्लुक नहीं है। क्या इससे वैचारिक आधार कमजोर हुआ है?

संघ किसी के खिलाफ नहीं है। हम किसी को इस दृष्टि से नहीं देखते कि वह स्वयंसेवक है अथवा नहीं।
क्या आप भाजपा में आने वाले स्वयंसेवकों में भ्रष्टाचार की छवि देखकर चिंतित हैं?

राजनीति फिसलनभरा क्षेत्र है लेकिन हम अपने स्वयंसेवकों को फिसलते देखना नहीं चाहते। हम उनसे बात करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई करना भाजपा पर है।’

विश्व मंगल गो ग्राम उप यात्रा - गो माता सुख समृद्धि की प्रतीक - हुलासचंद

गो सेवा का लिया संकल्प

रामगढ़।विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के रामगढ़ पहुंचने पर गो भक्तों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोघित करते हुए जोधपुर विभाग प्रचारक हुलासचंद ने कहा कि गो माता सुख समृद्धि की प्रतीक है। इस यात्रा का उद्देश्य गो वंश की रक्षा करना है। संत दीपक साहेब ने बूचड़खानों में गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंधित करने के लिए दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान किया। जीयादेसरराय मंदिर में आयोजित सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरूषों ने शिरकत की। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष दौलतगिरी, संत ईश्वरदास, राणीदान सेवक, संत पूनमाराम तथा संत गणपतराम ने शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर गो वंश संबंधी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।

मंदिर से हुआ शुभारम्भ

इससे पूर्व रविवार को मातेश्वरी तनोटराय मंदिर से गो पूजन कर विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का शुभारम्भ किया गया। रामगढ़ पहुंचने पर गो ग्राम यात्रा को कलश यात्रा द्वारा कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया, यहां पहुंचने पर ढोल नगाड़ों के साथ गो ग्राम यात्रा का स्वागत किया गया।

गो सेवा का लिया संकल्प

यात्रा के दौरान विभाग प्रचारक हुलासचंद ने सभी को गो सेवा करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी आय से कुछ अंश बचत कर देश में चल रही गोशालाओं में भेंट करें, ताकि गो संरक्षण किया जा सके। इस अवसर पर गाय की पूजा कर प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष दौलतगिरी द्वारा हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन को राष्ट्रपति के नाम प्रेषित किया गया।

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा उडीसा में

गो हत्या रोकने क लिए आगे आए युवा : संत बालक दास
कटक, नवंबर ९ – गो हत्या अक्षम्य अपराध है, जो गो हत्या करता है वो तो अपराधी है ही साथ ही जो गो हत्या होते देख कर भी तटस्थ रहता है वह भी अपराधी है । गो हत्या को रोकने के लिए यदि शहादत देने की भी आवष्यकता पडे तो उसके लिए भी तैयार रहना चाहिए । ऐतिहासिक कटक शहर के काठजोडी नदी के तट पर आयोजित विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा कार्यक्रम में छत्तीसगढ से आए संत बालक दास महाराज ने ये बातें कही ।
उन्होंने कहा कि गो माता किसी में भेद नहीं करती वो यह नहीं देखती की कोई हिन्दू है या मुसल्मान है या फिर कोई और मजहब का है । भेद तो हम हम करते हैं जब तक वह दूध देती है तब तक हम उसको पालते है लेकिन जब वह बूढी हो जाती है चं पैसों के लिए हम उसे कसाई को बेच देतें हैं । उन्होंने प्रश्न किया कि क्या देश में नैतिकता खत्म हो चुकी है ।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महात्मा गांधी के देश में स्वतंत्रता के ६ दशक बीत जाने के बाद भी गो हत्या बंद नहीं हुई है । पूरे देश में ३४ हजार से भी अधिक कल्लखाने है । अगर इस आंदोलन के बाद भि सफलता नहीं मिलती तो संत समाज को चलो कल्लखाने की बओर का नारा देना पडेगा ।
खडगपुर के त्रिदंडी स्वामी भगवानदास ने कहा कि ओडिषा गो हत्या को रोकने के लिए कानून है लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा है । उन्होंने देशी गायों को खत्म करके उनके स्थान पर जर्सी गायों के प्रचलन का विरोध करते हुए कहा कि अब यह सिद्ध हो चुका है कि देशी गाय का दूध ही सर्वश्रेष्ठ है । देशी गाय के दूध में विभिन्न प्रकार के विटामिन तत्व विद्यमान हिअ जो कि मानव बुद्धि को तीक्ष्ण करने में सक्षम है । उन्होंने नगर वासियों से आग्रह किया कि वे देशी दूध का प्रयोग करें ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री कृष्णचंद मिश्रा ने कहा कि आज पूरा विश्व अनेक समस्याओं से जूझ रहा है । इसमें वैष्विक तापमान में वृद्धि जलवायु परिवर्तन विषय शामिल है । इन सभी समस्याओं का समाधान गाय है । आज देश का किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है । लेकिन गो आधारित जैविक खेती से किसानों के समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार तथा विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा समिति, ओडिषा प्रदेश के उपाध्यक्ष अरुण पंडा ने कटक के लोगों को गोहत्या को रोकने के लिए संकल्प दिलाया ।
इससे पहले गो ग्राम यात्रा आज सुबह संबलपुर से निकलकर रढाखोल, अनुगूल, ढेंकानाल से होते हुए कटक पहुंची । सभी स्थानों पर लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया । कटक में गो ग्राम यात्रा के स्वागत में युवाओं ने जलती हुई मषालों के साथ नृत्य कर अनोखा स्वागत पेष किया । गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में यात्रा के साथ आए संतो के साथ हजारों की संख्या मे गोभक्तों ने संतों का आशीर्वचन लेते हुए गो संरक्षण हेतु संकल्प लिया ।

संभलपुर (उडीसा), नवंबर ८ – विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा आज सुबह राउरकेला से निकल कर सुंदरगढ, झाससुगुडा होते हुए शाम संभलपुर पहुंची । संभलपुर में यात्रा शानदाद स्वागत किया गया । करीब दो घंटे तक यात्रा शहर के बीच पद यात्रा के साथ भ्रमण करते हुए पुराना बस स्टैण्ड पर स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंची ।
पद यात्रा में भारी संख्या में गो भक्त नृत्य करते हुए ढोल नगाडों के वादन पर उत्साहित होकर चल रहे थे । गो ग्राम यात्रा के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम स्थल पर राज्य के अनेक अलग अलग हिस्सों एवं समाज के लोग उपस्थित थे । गो ग्राम यात्रा के साथ रथ के अलावा अनेक साधु संत भी संभलपुर पहुंचे ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए खडगपुर के त्रिदंडी स्वामी भगवानदास ने कहा कि आज भारतीय जनमानस गाय की उपेक्षा कुत्ता पालने में विश्वास रखता है । उन्होंने कहा कि राम कृष्ण की भूमि में किया जा रहा यह घोर अपकृत्य बेहद शर्मनाक है इस देश के वासियों के लिए ।
स्वामी भगवान दास ने कहा कि विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का आयोजन गोमाता, गोवंश संवर्धन, भारतीय नसल की गायों के संरक्षण, जैव आधारित कृषि की पुनः स्थापना एवं पंचगव्य से रोगों के उपचार की मांग के लिए किया गया है ।
छत्तीसगढ से पधारें संत बालकदास ने कहा कि गो ग्राम यात्रा सिर्फ नाम नहीं बल्कि एक स्वतंत्रता संग्राम है । संग्राम शब्द का अर्थ सम्यक ग्राम, सच्चा ग्राम, संस्कारित ग्राम व सुंदर ग्राम का निर्माण है ।
बालकदास ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जानवर सुरक्षित होंते तभी ग्राम संपन्न होगा । उन्होंने कहा कि जब संपूर्ण ग्राम एक परिवार की तरह जीवन जियेगा तब व्यक्ति शोषण से पोषण उपभोगी से उपयोगी और विलासोम से परिश्रमी बनेगा ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के राष्ट्रीय सचिव शंकरलाल ने कार्यक्रम में गो भक्तों को गो ग्राम यात्रा की प्रस्तावना बताते हुए कहा कि यह यात्रा संतों द्वारा धर्म जागरण का अभियान है ।
कार्यक्रम में कटक के संत संतोष चैतन्य महाराज, जीवन चैतन्य महाराज व स्वामी गिरिजानंद के साथ भारी संख्या में गोभक्त उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत में संत संतोष चैतन्य के द्वारा गो भक्तों ने गो संरक्षण का संकल्प लिया ।

सोमवार, 9 नवंबर 2009

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा - जोधपुर की खबरे

जोधपुर. विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के तहत विभिन्न संगठनों की ओर से चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान रविवार को भी जारी रहा। विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा समिति की ओर से सूंथला क्षेत्र में ठाकुरजी के मंदिर से हस्ताक्षर रैली निकाली गई।
यात्रा के महानगर प्रचार प्रमुख कैलाशचंद्र ने बताया कि लालसिंह राजपुरोहित, ओमप्रकाश जैन, भीखाराम, बद्रीसिंह, राजू गौड़, कैलाश पारीक ने गौ माता के भजन गाते हुए हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। दीवारों पर स्टीकर भी लगाए गए। आयोजन के तहत राजपूत छात्रावास में चित्र प्रदर्शनी लगाई गई।
इसका उद्घाटन प्रबंध समिति के अध्यक्ष गोपालसिंह रुदिया ने किया। समिति संयोजक रघुवीरसिंह चूड़ावत ने लोगों को यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने गोमूत्र से दूर होने वाली बीमारियों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर समिति के नगर अध्यक्ष शिवदत्तसिंह राठौड़ ने देश में कम हो रहे गोवंश पर चिंता जाहिर की।
कार्यक्रम के बाद राधेश्याम बंसल, बंशीलाल भाटी, उम्मेदसिंह, कर्णसिंह ने हस्ताक्षर करवाए। रियां हाउस में सोजती गेट व्यापार संघ की बैठक हुई। इसे व्यापार संघ के अध्यक्ष शिव कुमार सोनी ने संबोधित किया। बैठक में संत अमृतराम महाराज ने भाग लिया। बैठक के बाद नई सड़क, सनसिटी मार्केट, जवाहरखाना व सोजती गेट के भीतरी भाग में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा समिति, सूरसागर क्षेत्र की ओर से राजबाग सेवा बस्ती, सूरसागर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। राजबाग के संत तारूनाथ के आश्रम में संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम संत तारूनाथ के सान्निध्य में हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से सुबह आखलिया चौराहे के समीप गायों की पूजा की गई। परिषद के महानगर मंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि गाय मां के समान है। गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करना चाहिए।
गौ माता के गौरव को जन साधारण तक पहुंचाया जाना चाहिए। कार्यक्रम का समापन अमृत पंचारिया ने वंदेमातरम गीत से किया। इस अवसर पर महानगर सहमंत्री महेश चौधरी, कार्यालय मंत्री कैलाश माहेश्वरी, डॉ. अभिषेक पांडे, अमित जोशी, राम, कमलेश पंचारिया, सूर्यभानसिंह, धीरेन्द्रसिंह चारण, अमन, विकास त्रिपाठी, लोकेन्द्रसिंह, भूपेन्द्र चारण, महेन्द्र उपाध्याय, महेन्द्रसिंह व घनश्याम देवड़ा आदि उपस्थित थे।
अभियान के तहत विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा समिति की ओर से हनुवंत राजपूत छात्रावास के सभागार में गौ रक्षण चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर हस्ताक्षर करवाए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हनुवंत एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष गोपालसिंह रुदिया ने की। समिति के संयोजक रघुवीरसिंह चूंडावत ने गाय की महत्ता बताई। कैप्टन उम्मेदसिंह गावड़ी ने आभार जताया। इस अवसर पर बंशीलाल भाटी, राधेश्याम बंसल, शिवदत्तसिंह राठौड़, करणसिंह, लिखमाराम, मेघसिंह उदावत, प्रतापसिंह उपस्थित थे।

रविवार, 8 नवंबर 2009

नया फतवा- बाबा रामदेव के शिविर में न जाएं मुस्लिम

मुजफ्फरनगर। योग गुरू बाबा रामदेव के जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के सम्‍मेलन में भाग लेने के बाद हिंदूवादी संगठन पहले ही बाबा रामदेव से नाराज थे, लेकिन अब मुस्लिम समुदाय ने भी उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। दारूल उलूम ने शनिवार को एक नया फतवा जारी करते हुए मुस्लिमों को बाबा रामदेव के शिविरों में भाग लेने से मना किया है।फतवे में कहा गया है कि बाबा के योग शिविर मे राष्ट्र गीत वंदे मातरम के गायन से शुरुआत होती है, जोकि गैर इस्लामी है। लिहाजा मुस्लिम योग शिविर में जाने से परहेज करें। हालांकि फतवा विभाग का कहना है कि यदि योग शिविर में जाते भी हैं, तो वंदे मातरम गीत नहीं गाएं। वंदे मातरम गैर-इस्‍लामी गौरतलब है कि चार दिन पहले देवबंद में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की 30वीं महासभा में मुस्लिम उलेमाओं ने वंदे मातरम गीत को गैरइस्‍लामी करार देते हुए मुस्लिमों को इसे न गाने का प्रस्‍ताव पारति किया था। उसी सम्‍मेलन में रामदेव ने प्राणायाम करके दिखाया था और हिंदू पुजारी द्वारा वैदिक श्लोक का पाठ किया गया था। दारूल उलूम के फतवा विभाग के उपप्रभारी मुफ्ती एहसान काजमी का कहना है कि "वंदेमारतम प्रार्थना है और इस्लामी कानून के विरुद्ध है। इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की प्रार्थना नहीं की जाती है। इसलिए मुस्लिमों को वंदेमातरम नहीं गाना चाहिए।"

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा - जोधपुर की खबरे


गौ सेवा के संकल्प पत्र भराए

जोधपुर. विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा समिति के तत्वावधान में शहर में विभिन्न स्थानों पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को गायों की सेवा करने का संकल्प दिलाया। अन्य स्थानों पर समिति के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों से गौ सेवा करने के लिए संकल्प पत्र भरवा कर हस्ताक्षर अभियान को आगे बढ़ाया।
इसी कड़ी में कुड़ी भगतासनी स्थित कृष्ण मंदिर में शनिवार को शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित कर 124 लोगों को गो सेवा करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर समिति के संयोजक मुरलीधर वैष्णव ने कहा कि गायों में अनेक देवी=देवताओं का निवास होता है, इसलिए गाय की सेवा करके सैकड़ों देवी=देवताओं की एक साथ सेवा की जा सकती है।
सेक्टर दो के मोहन चौधरी, रामसिंह, एपी सिंह और संजय अग्रवाल के नेतृत्व में गोसेवा का संकल्प लेने वाले लोगों ने सरस्वती नगर क्षेत्र के 1280 घरों में जाकर गोसेवा करने के संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करवाए। धर्मेद्र कुमार दुबे ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान अभी कई दिनों तक जारी रहेगा। विश्व मंगल गोग्राम यात्रा के तहत गो संरक्षण और गोहत्या बंद करने के लिए शहर के सभी क्षेत्रों में हजारों लोगों से हस्ताक्षर करवाए।
प्रचार प्रमुख कैलाशचंद्र ने बताया कि हस्ताक्षर करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने इस अभियान के प्रति अपनी श्रद्धा जाहिर की है। सुबह 7.30 बजे तक आरटीओ चौराहा स्थित गेलेक्सी स्कूल में देशी गोधन के सैकड़ों उपयोग दर्शाने वाली चित्र प्रदर्शनी लगाई गई।
समिति के संरक्षक डा. शांतिलाल चौपड़ा व समिति के महानगर संयोजक अनिल गोयल ने कहा कि अमेरिका भारत की देशी नस्ल की गायों का संग्रह कर रहा है और अमेरिकी नस्ल की गायों को भारत भेज रहा है। शिवदत्तसिंह राठौड़, राधेश्याम बंसल और बंशीलाल भाटी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान को आगे बढ़ाया।
हस्ताक्षर अभियान चलाया: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की ओर से शनिवार को लाचू कॉलेज में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान 1100 विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने हस्ताक्षर किए। परिषद् के महानगर मंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएल माथुर एवं संजय माथुर ने किया।
माथुर ने बताया कि गाय हमारी आस्था से जुड़ा प्राणी है जो भारतवासियों को ऊर्जा व पौष्टिक आहार प्रदान करती है। कैलाश माहेश्वरी एवं महेश चौधरी ने गौ ग्राम यात्रा के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी इस अभियान में अमृत पंचारिया, सूर्यभान सिंह, अनिल जोशी, विकास त्रिपाठी, अंकिता चौहान आदि कार्यकर्ताओं ने भाग किया।


गो हत्या के लिए हम स्वयं जिम्मेदार : बाबा बालकरामदास

महाराज


राउरकेला, नवंबर ७ – छत्तीसगढ गोरक्षा आयोग के अध्यक्ष बाबा बालकरामदास ने कहा कि आज ज्यादा दूध पाने के लालच में हम देशी गायों की उपेक्षा कर जर्सी गाय का पालन कर रहे हैं । जिससे देशी गायों को अनुपयोगी समझ कर आज का किसान गायों को गलत हाथों मेम बेच रहा है । जिससे गोहत्या अधिक हो रही है । उन्होंने कहा कि इस तरह गोहत्या के जिम्मेदार हम स्वयं है । यदि हम अपनी जिम्मेदारी समझ कर गो पालगुमला। स्वामी बालक दास त्यागी जी महराज ने शनिवार को लोगों से अपने घरों के गाय बैल की बिक्री नहीं करने का संकल्प कराया। श्री महाराज शनिवार को परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में पहुंचे विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों से यह संकल्प कराया। उन्होंने कहा कि गाय हमारी माता है, माता सिर्फ इसलिए नहीं की वह दूध देती है बल्कि गाय समाज के समृद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने गाय की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गाय के गोबर से घरों की लिपाई होती है। सूखे गोबर का प्रयोग जलावन के रूप में किया जाता है। गाय के दूध से शरीर निरोग रहता है। मूत्र और दही औषधि का काम आता है। घी का प्रयोग पूजा और हवन में होता है। यहां तक की उसकी पूंछ पकड़कर लोग वैतरणी पार करते हैं। गाय का बछड़ा खेतों में काम करता है और गाय के मिहनत से उपजे अनाज से मनुष्य जिन्दा रहता है। इसके बावजूद वर्तमान परिवेश में गाय समाज में उपेक्षित है। लोग बूढ़े गायों को कसाई के हाथों बेचने का काम कर रहे हैं। तस्कर गायों को हांक इसी राह से बंगला देश भेजने का काम कर रहे हैं और गौ माता के भक्त मूक दर्शक बन कर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मां जो छह माह तक दूध पिलाती है उसे जीवन भर मां कहते हो और जो जीवन भर दूध देती है उसे बूढ़ी होते ही कसाई के हाथों बेच देते हो। उन्होंने कहा कि अपने मां बाप जब बूढ़े होते हैं तो उन्हें क्यों नहीं बाजार में बेचते हो। उन्होंने कहा कि आज कृष्ण की भगवान के रूप में पूजा हो रही है तो इसका कारण गाय है। गाय नहीं होती तो कृष्ण की पूजा नहीं होता। उन्होंने कहा कि घर में कभी भैंस और भेड़ के गोबर से लिपाई नहीं होती। लिपाई जब भी होती है तो गाय की गोबर से। दान गाय की होती है। गाय की महिमा अपरम्पार है। उन्होंने कहा कि गाय समृद्धि का एंटीना है। गाय पालन से लक्ष्मी, शंकर,गोविन्द और शंकर का वास होता है। उन्होंने लोगों से देशी गाय पालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अधिक दूध के लिए लोग आजकल जर्सी गाय का प्रयोग करते हैं। जर्सी गाय के बछड़ा का प्रयोग खेतों में काम करने लायक भी नहीं होता है। इसलिए उसे कत्ल खाना में बेचा जाता है। जिस गाय के माथे में मां बहने तिलक लगाते हैं उस गाय को कत्ल के लिए भेजा जाता है और लोग मूक दर्शक बनकर देखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय करने वाला से कम दोष अन्याय देखने वाला को नहीं होता है। जर्सी गायों से अधिक दूध के लिए इंजेक्शन और मशीन का प्रयोग होता है। वह भी गो हत्या से कम दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और गो हत्या पर पूर्ण पाबंदी लगाने के मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। हस्ताक्षर अभियान का प्रति राष्ट्रपति को सौंपी जायेगी और गो हत्या पर पूर्ण पाबंदी लगाने की मांग की जायेगी। परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में शनिवार को विश्व मंगल गौ ग्राम रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग से संबंधित 42 हजार छह सौ हस्ताक्षर स्वामी जी महराज को सौंपा गया। इसके पूर्व रथ यात्रा का स्वागत पारम्परिक तरीके से किया गया। न करें तो देश में गोहत्या और गोहत्यारों दोनों जड से समाप्त हो जाएंगे । उक्त बातें उन्होंने विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं ।
बाबा बालकदास ने कहा कि जिस गोमाता दूध हम जीवन भर पीते हैं उसी गोमाता को उसके बुढापे में हम उसकी सेवा करने के बजाय चंद रूपए के लिए गलत हाथों में कटने के लिए भेजे देतें हैं । उन्होंने कहा कि यह देश राम व कृष्ण का देश है । जहाँ गोपालन कर भगवान गोपाल कहलाए इस देश में जब अक राम नाम रहेगा हम तब तक देश में गोवंश को समाप्त नहीं होने देंगें । उन्होंने कहा कि विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा गोवंश की रक्षा के लिए आयोजित किया गया जनजागृति आंदोलन है जो देश की सोयी जनता को गो रक्षा के लिए प्रेरित करेगा ।
संत बालकदास ने मौजूदा कानून व्यवस्था को नकारा बताते हुए कहा कि भारत देश के कई राज्यों में गोहत्या बंदी कानून के बावजूद भी भारी संख्या में गाय उन प्रदेशों से ट्रकों में भरकर दूसरे राज्यों में कटने के लिए भेजी जाती है । ऐसे में गोसंरक्षण के लिए कानून पर भरोसा नहीं किया जा सकता । उन्होंन हिंदवादियों से अपील करते हुए कहा कि जब माँ पर कोई हमला करता है तो हम कानून की ओर देखने के बजाय स्वयं मौकाबला करते हैं ठीक उसी प्रकार आज गोमाता की रक्षा के लिए हमें स्वयं ही शस्त्र उठाने होंगे ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के प्रमुख के.ई.एन. राघवन ने कहा कि देश में बढ रही गोहत्या ही एक मात्र कारण है, जिससे अनेक प्राकृतिक आपदाएँ भारत में आ रही है । उन्होंने कहा कि बिना गाय के घी का कोई भी यज्ञ सफल नहीं हो सकता जीवनोपरांत भी हमें देने वाली गोमाता को आज हम भूल रहें हैं । यह मानव योनि का सबसे बडा दुर्भाग्य है ।
राघवन ने कहा कि ८४ लाख योनियों में केवल मात्रा गाय का मल शुद्ध एवं पूज्य होता है । उन्होंने बताय कि आज अधिकतर लोग यह धारणा रखते है कि दूध न देने वाली गाय अनुपयोगी है । जबकि बूढी गाय से भी हम अच्छी खासी आमदनी, उसके गोबर से जैविक खाद व मूत्र से औषधि बनाकर कर सकते हैं ।
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा आज सुबह रांची से चलकर गुमला, सिमडेगा होते हुए उडीसा के राउरकेला पहुंची । जहाँ यात्रा का शानदार स्वागत किया गया । राउरकेला में आयोजित किए गए कार्यक्रम में युवाओं ने अत्यंत उत्साह के साथ पारंपरिक ढोल बजाकर नृत्य करते हुए यात्रा का स्वागत किया । गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गोभक्त उपस्थित थे । सभी गोभक्तों ने यात्रा के साथ आए संतों का आशीर्वचन लेते हुए गोसंरक्षण का संकल्प भी लिया ।
इसके पहले झारखंडा के गुमला जिला में गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में मारवाडी युवा मंच, सरना समाज व वनवासी समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित थे । कार्यक्रम में यात्रा के स्वागत करते हुए वनवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक नृत्य पेष किया ।



गौ हत्या पर प्रतिबंध को अंतिम सांस तक लड़ेंगे


सिमडेगा। विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा मुख्य रथ का शनिवार को यहां आगमन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य रूप से उपस्थित संत बालकरण दास जी भगवान कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। बाबा ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं से कहा कि लोग गौ माता की रक्षा के प्रति जागरूक हों। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए लोगों से गौ हत्या बंद कराने के लिये सक्रिय होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौ हत्या पर प्रतिबंध के लिये अंतिम सांस तक लडें़गे। श्री दास ने ने जिले को महान तपस्वी रामरेखा बाबा का क्षेत्र बताते हुए कहा कि गौ हत्या की बात कोई धर्म नहीं करता। उन्होंने हा कि मां तो अपने बच्चों को 6 माह तक दूध पिलाती है लेकिन गाय माता जीवन भर हमें दूध पिलाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि अपने घर के गाय बैलों को मत बेचों इनकी सेवा करो। इससे पूर्व जिले में पहुंचने पर गौ ग्राम मंगल यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान ही लाखों लोगों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन तैयार किया गया है जिसे 30 जनवरी 2010 को राष्ट्रपति को सौंपा जायेगा। कार्यक्रम में यात्रा के राष्ट्रीय सचिव शंकरलाल जी, पूर्व संयोजक भाष्कर नाथ कुलकर्णी, राष्ट्रीय यात्रा प्रमुख राघवन जी, क्षेत्र संयोजक गुरूशरण प्रसाद, झारखंड संयोजक विजय घोष, सह संयोजक विनोद सिंह, यात्रा प्रमुख कृपा प्रसाद सिंह उपस्थित थे।


गाय-बैल नहीं बेचने का ग्रामीणों ने लिया


गुमला। स्वामी बालक दास त्यागी जी महराज ने शनिवार को लोगों से अपने घरों के गाय बैल की बिक्री नहीं करने का संकल्प कराया। श्री महाराज शनिवार को परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में पहुंचे विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों से यह संकल्प कराया। उन्होंने कहा कि गाय हमारी माता है, माता सिर्फ इसलिए नहीं की वह दूध देती है बल्कि गाय समाज के समृद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने गाय की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गाय के गोबर से घरों की लिपाई होती है। सूखे गोबर का प्रयोग जलावन के रूप में किया जाता है। गाय के दूध से शरीर निरोग रहता है। मूत्र और दही औषधि का काम आता है। घी का प्रयोग पूजा और हवन में होता है। यहां तक की उसकी पूंछ पकड़कर लोग वैतरणी पार करते हैं। गाय का बछड़ा खेतों में काम करता है और गाय के मिहनत से उपजे अनाज से मनुष्य जिन्दा रहता है। इसके बावजूद वर्तमान परिवेश में गाय समाज में उपेक्षित है। लोग बूढ़े गायों को कसाई के हाथों बेचने का काम कर रहे हैं। तस्कर गायों को हांक इसी राह से बंगला देश भेजने का काम कर रहे हैं और गौ माता के भक्त मूक दर्शक बन कर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मां जो छह माह तक दूध पिलाती है उसे जीवन भर मां कहते हो और जो जीवन भर दूध देती है उसे बूढ़ी होते ही कसाई के हाथों बेच देते हो। उन्होंने कहा कि अपने मां बाप जब बूढ़े होते हैं तो उन्हें क्यों नहीं बाजार में बेचते हो। उन्होंने कहा कि आज कृष्ण की भगवान के रूप में पूजा हो रही है तो इसका कारण गाय है। गाय नहीं होती तो कृष्ण की पूजा नहीं होता। उन्होंने कहा कि घर में कभी भैंस और भेड़ के गोबर से लिपाई नहीं होती। लिपाई जब भी होती है तो गाय की गोबर से। दान गाय की होती है। गाय की महिमा अपरम्पार है। उन्होंने कहा कि गाय समृद्धि का एंटीना है। गाय पालन से लक्ष्मी, शंकर,गोविन्द और शंकर का वास होता है। उन्होंने लोगों से देशी गाय पालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अधिक दूध के लिए लोग आजकल जर्सी गाय का प्रयोग करते हैं। जर्सी गाय के बछड़ा का प्रयोग खेतों में काम करने लायक भी नहीं होता है। इसलिए उसे कत्ल खाना में बेचा जाता है। जिस गाय के माथे में मां बहने तिलक लगाते हैं उस गाय को कत्ल के लिए भेजा जाता है और लोग मूक दर्शक बनकर देखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय करने वाला से कम दोष अन्याय देखने वाला को नहीं होता है। जर्सी गायों से अधिक दूध के लिए इंजेक्शन और मशीन का प्रयोग होता है। वह भी गो हत्या से कम दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और गो हत्या पर पूर्ण पाबंदी लगाने के मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। हस्ताक्षर अभियान का प्रति राष्ट्रपति को सौंपी जायेगी और गो हत्या पर पूर्ण पाबंदी लगाने की मांग की जायेगी। परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में शनिवार को विश्व मंगल गौ ग्राम रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग से संबंधित 42 हजार छह सौ हस्ताक्षर स्वामी जी महराज को सौंपा गया। इसके पूर्व रथ यात्रा का स्वागत पारम्परिक तरीके से किया गया।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित