रविवार, 8 नवंबर 2009

नया फतवा- बाबा रामदेव के शिविर में न जाएं मुस्लिम

मुजफ्फरनगर। योग गुरू बाबा रामदेव के जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के सम्‍मेलन में भाग लेने के बाद हिंदूवादी संगठन पहले ही बाबा रामदेव से नाराज थे, लेकिन अब मुस्लिम समुदाय ने भी उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। दारूल उलूम ने शनिवार को एक नया फतवा जारी करते हुए मुस्लिमों को बाबा रामदेव के शिविरों में भाग लेने से मना किया है।फतवे में कहा गया है कि बाबा के योग शिविर मे राष्ट्र गीत वंदे मातरम के गायन से शुरुआत होती है, जोकि गैर इस्लामी है। लिहाजा मुस्लिम योग शिविर में जाने से परहेज करें। हालांकि फतवा विभाग का कहना है कि यदि योग शिविर में जाते भी हैं, तो वंदे मातरम गीत नहीं गाएं। वंदे मातरम गैर-इस्‍लामी गौरतलब है कि चार दिन पहले देवबंद में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की 30वीं महासभा में मुस्लिम उलेमाओं ने वंदे मातरम गीत को गैरइस्‍लामी करार देते हुए मुस्लिमों को इसे न गाने का प्रस्‍ताव पारति किया था। उसी सम्‍मेलन में रामदेव ने प्राणायाम करके दिखाया था और हिंदू पुजारी द्वारा वैदिक श्लोक का पाठ किया गया था। दारूल उलूम के फतवा विभाग के उपप्रभारी मुफ्ती एहसान काजमी का कहना है कि "वंदेमारतम प्रार्थना है और इस्लामी कानून के विरुद्ध है। इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की प्रार्थना नहीं की जाती है। इसलिए मुस्लिमों को वंदेमातरम नहीं गाना चाहिए।"

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित