बुधवार, 4 नवंबर 2009

जोधपुर प्रान्त में हस्ताक्षर अभियान परवान पर




'गाय से जुडा है मानव समाज'



नोख। गांव में मंगलवार को आयोजित विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा को संबोधित करते हुए संत भागीरथदास शास्त्री ने कहा कि संपूर्ण मानव समाज गाय से जुडा हुआ है। जब तक गाय सुरक्षित है तब तक समाज बना रहेगा। गाय में 33 करोड देवी देवताओं का वास है। उन्होंने गाय के पौराणिक व आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय जीवनपर्यत कुछ न कुछ देती ही रहती है। यात्रा संयोजक अखेराज खत्री ने कहा कि गो माता की दुर्दशा को देखते हुए ही गोकर्ण पीठ शंकराचार्य के आग्रह पर संत महात्माओं से इस यात्रा को गांव-गांव तक भेजा है।
साध्वी निर्भया अविनाशी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य गाय की रक्षा, उसकी समृद्धि व गोवंश खत्म होने से रोकना है। गाय में गंगा, सरस्वती व लक्ष्मी की त्रिवेणी का वास बताते हुए उन्होंने गोहत्या को पूर्ण प्रतिबंधित करने के लिए दृढ संकल्प का आह्वान किया। गांव के किले के आगे आयोजित कार्यक्रम में बडी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की। कार्यक्रम को स्वामी बालकृष्ण, फूलानंद सरस्वती, जगदीशसिंह राजपुरोहित ने भी संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर गोवंश संबंधी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
मडी से हुआ शुभारम्भ
यात्रा की शुरूआत में देवबन बाबा की मडी के महंत आसबन महाराज ने रथ को मडी से तिलक कर रवाना किया। यात्रा में सबसे आगे बालिकाएं कलश धारण कर चल रही थी। यात्रा गांव के मुख्य मार्गो से होती हुई कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।
गो पालन का दिलाया संकल्पयात्रा के दौरान संत महात्माओं ने ग्रामीणों को गो-पालन का संकल्प दिलाया। यात्रा की मुख्य मांगों में गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करवाने, गांवों में चारे की संचयन व्यवस्था करवाने, गो मंत्रालय व ओरण-गोचर भूमि को सुरक्षित करवाने का भी संकल्प लिया गया। यात्रा के मार्फत राष्ट्रपति को करीब पचास करोड भारतीयों का गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने का ज्ञापन भेजा जाएगा। यात्रा यहां से बोडाना, ढालेरी, बीठे का गांव, तालरिया होती हुई बुधवार को जोधपुर जिले के कानासर गांव जाएगी।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित